मोतिहारी में एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ता बिना हेलमेट और ट्रिपल राइडिंग करते हुए दिख रहे हैं। आरोप है कि पुलिस ने उन्हें नहीं रोका, क्योंकि उनके कंधों पर भगवा गमछा था। आमतौर पर मोतिहारी पुलिस बिना हेलमेट वालों का चालान काटती है, लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। ट्रिपल राइडिंग करते सभा स्थल तक पहुंचे यह घटना मोतिहारी के गांधी मैदान में हुई, जहां मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तीन दिवसीय बापूधाम महोत्सव का उद्घाटन करने पहुंचे थे। कार्यक्रम में आम लोगों के प्रवेश के लिए तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। इस कड़ी सुरक्षा के बावजूद, कई बाइक सवार बिना हेलमेट और ट्रिपल राइडिंग करते हुए सभा स्थल तक पहुंच गए। नहीं की गई बाइक सवार की जांच मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था, लेकिन किसी भी बाइक सवार की जांच नहीं की गई और न ही हेलमेट के बारे में पूछा गया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर लोग मोतिहारी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस केवल आम लोगों का चालान काटने में सक्रिय दिखती है। सवाल उठाया जा रहा है कि क्या ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर नेताओं के कार्यकर्ताओं पर भी समान कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। मोतिहारी में एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ता बिना हेलमेट और ट्रिपल राइडिंग करते हुए दिख रहे हैं। आरोप है कि पुलिस ने उन्हें नहीं रोका, क्योंकि उनके कंधों पर भगवा गमछा था। आमतौर पर मोतिहारी पुलिस बिना हेलमेट वालों का चालान काटती है, लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। ट्रिपल राइडिंग करते सभा स्थल तक पहुंचे यह घटना मोतिहारी के गांधी मैदान में हुई, जहां मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तीन दिवसीय बापूधाम महोत्सव का उद्घाटन करने पहुंचे थे। कार्यक्रम में आम लोगों के प्रवेश के लिए तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। इस कड़ी सुरक्षा के बावजूद, कई बाइक सवार बिना हेलमेट और ट्रिपल राइडिंग करते हुए सभा स्थल तक पहुंच गए। नहीं की गई बाइक सवार की जांच मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था, लेकिन किसी भी बाइक सवार की जांच नहीं की गई और न ही हेलमेट के बारे में पूछा गया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर लोग मोतिहारी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस केवल आम लोगों का चालान काटने में सक्रिय दिखती है। सवाल उठाया जा रहा है कि क्या ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर नेताओं के कार्यकर्ताओं पर भी समान कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।

