फिल्म जगत के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर के बाद पूरे देश में शोक की लहर है। इसका असर मोतिहारी में भी देखने को मिला। रोशनाई फाउंडेशन की ओर से शहर में एक शोक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के कई समाजसेवी और कलाप्रेमी शामिल हुए। शोक सभा के दौरान उपस्थित लोगों ने नाना पाटेकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उनके व्यक्तित्व और उनकी फिल्मों की कहानियों को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि नाना पाटेकर सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि अभिनय की एक पाठशाला थे। आर्ट कार्निवाल की तारीख में परिवर्तन शोक सभा को संबोधित करते हुए गुलरेज सज्जाद ने कहा कि नाना पाटेकर जब सेट पर होते थे तो लगता ही नहीं था कि वह एक्टिंग कर रहे हैं। लगता था कि वह रियल सीन है, जो आज के जीवन में देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी हस्ती को हम लोगों ने खो दिया है। उनके चले जाने से फिल्म इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा है। उनकी कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता। वहीं शोक सभा के बाद रोशनाई फाउंडेशन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। फाउंडेशन द्वारा मोतिहारी के नगर भवन में 25 से 29 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले आर्ट कार्निवाल की तारीख में परिवर्तन किया गया है। मैदान आयोजन के लिए पूरी तरह हो जाएगा तैयार फाउंडेशन ने बताया कि मौसमी कारणों को देखते हुए अब इस आयोजन को 18 से 22 दिसंबर 2026 तक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इसके पीछे की वजह बताई गई है कि भारी वर्षा के कारण नगर भवन का मैदान जलमग्न है। यंत्र द्वारा जल निकासी के बावजूद जमीन सूखने में समय लगेगा। साथ ही दीपावली, छठ, पटना पुस्तक मेला और मौसम विभाग की भविष्यवाणी के मद्देनजर तिथि को बढ़ाना हमारी मजबूरी है। चूंकि नगर भवन का मैदान शहर के बीचोंबीच अवस्थित है, इसलिए हर दृष्टिकोण से पुस्तक मेला और आर्ट कार्निवाल के लिए उससे उपयुक्त स्थान उपलब्ध नहीं हो सकता। फाउंडेशन ने भरोसा दिलाया कि नई निर्धारित तिथि तक मैदान आयोजन के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएगा। फिल्म जगत के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर के बाद पूरे देश में शोक की लहर है। इसका असर मोतिहारी में भी देखने को मिला। रोशनाई फाउंडेशन की ओर से शहर में एक शोक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के कई समाजसेवी और कलाप्रेमी शामिल हुए। शोक सभा के दौरान उपस्थित लोगों ने नाना पाटेकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उनके व्यक्तित्व और उनकी फिल्मों की कहानियों को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि नाना पाटेकर सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि अभिनय की एक पाठशाला थे। आर्ट कार्निवाल की तारीख में परिवर्तन शोक सभा को संबोधित करते हुए गुलरेज सज्जाद ने कहा कि नाना पाटेकर जब सेट पर होते थे तो लगता ही नहीं था कि वह एक्टिंग कर रहे हैं। लगता था कि वह रियल सीन है, जो आज के जीवन में देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी हस्ती को हम लोगों ने खो दिया है। उनके चले जाने से फिल्म इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा है। उनकी कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता। वहीं शोक सभा के बाद रोशनाई फाउंडेशन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। फाउंडेशन द्वारा मोतिहारी के नगर भवन में 25 से 29 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले आर्ट कार्निवाल की तारीख में परिवर्तन किया गया है। मैदान आयोजन के लिए पूरी तरह हो जाएगा तैयार फाउंडेशन ने बताया कि मौसमी कारणों को देखते हुए अब इस आयोजन को 18 से 22 दिसंबर 2026 तक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इसके पीछे की वजह बताई गई है कि भारी वर्षा के कारण नगर भवन का मैदान जलमग्न है। यंत्र द्वारा जल निकासी के बावजूद जमीन सूखने में समय लगेगा। साथ ही दीपावली, छठ, पटना पुस्तक मेला और मौसम विभाग की भविष्यवाणी के मद्देनजर तिथि को बढ़ाना हमारी मजबूरी है। चूंकि नगर भवन का मैदान शहर के बीचोंबीच अवस्थित है, इसलिए हर दृष्टिकोण से पुस्तक मेला और आर्ट कार्निवाल के लिए उससे उपयुक्त स्थान उपलब्ध नहीं हो सकता। फाउंडेशन ने भरोसा दिलाया कि नई निर्धारित तिथि तक मैदान आयोजन के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएगा।

