मैट्रिक फॉर्म के नाम पर तय शुल्क से ज्यादा वसूली:सीवान में 815 की जगह 880 और 700 की जगह 865 रुपए लिए; BEO करेंगे जांच

मैट्रिक फॉर्म के नाम पर तय शुल्क से ज्यादा वसूली:सीवान में 815 की जगह 880 और 700 की जगह 865 रुपए लिए; BEO करेंगे जांच

सीवान के भगवानपुर हाट प्रखंड के जुआफर गांव स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय में मैट्रिक परीक्षा फॉर्म भरने के नाम पर निर्धारित शुल्क से अधिक राशि लेने का मामला सामने आया है। पिछले साल मैट्रिक परीक्षा में अनुत्तीर्ण और अनुपस्थित रहे विद्यार्थियों से अलग-अलग राशि लिए जाने की शिकायत है। विद्यार्थियों को दी गई रसीदों में भी निर्धारित शुल्क से ज्यादा रकम दर्ज है। 815 की जगह 880, 700 की जगह 865 रुपए लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अनुसार मैट्रिक की पुनरावृत्ति परीक्षा में सामान्य और पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 815 रुपए, जबकि अति पिछड़ा, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 700 रुपए शुल्क निर्धारित है। विद्यालय की रसीदों के अनुसार सामान्य वर्ग की छात्रा मुस्कान कुमारी से 815 रुपए की जगह 880 रुपए लिए गए। यानी 65 रुपए ज्यादा। वहीं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र आदित्य कुमार से 700 रुपए की जगह 865 रुपए लिए गए। कुछ छात्रों से 980 रुपए लेने की बात छात्र सोहेल अख्तर से फॉर्म भरने के नाम पर 980 रुपए लिए जाने की बात सामने आई है। यह निर्धारित शुल्क से 280 रुपए अधिक है। परीक्षा में पहले अनुपस्थित रही छात्रा खुशबू कुमारी से भी 980 रुपए लिए जाने की बात सामने आई है। परिजनों ने अतिरिक्त राशि लिए जाने पर आपत्ति जताई। इसके बाद रसीद में संशोधन कर निर्धारित शुल्क दर्ज किए जाने का मामला भी सामने आया है। कई अन्य विद्यार्थियों से भी तय शुल्क से अधिक राशि लिए जाने की शिकायत है। प्रधानाध्यापिका बोलीं- जाति प्रमाण पत्र नहीं लगाने पर नहीं मिली छूट विद्यालय की प्रधानाध्यापिका कामिनी राज ने बताया कि जिन विद्यार्थियों ने जाति प्रमाण पत्र संलग्न नहीं किया है, उन्हें नियमानुसार शुल्क में छूट का लाभ नहीं दिया गया है। उन्होंने अतिरिक्त शुल्क लिए जाने की वजह यही बताई है। BEO बोले- स्कूल पहुंचकर करेंगे जांच भगवानपुर हाट के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राकेश कुमार ने निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूले जाने की शिकायत मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि विद्यालय पहुंचकर पूरे मामले की जांच की जाएगी। जांच में अनियमितता और निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सीवान के भगवानपुर हाट प्रखंड के जुआफर गांव स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय में मैट्रिक परीक्षा फॉर्म भरने के नाम पर निर्धारित शुल्क से अधिक राशि लेने का मामला सामने आया है। पिछले साल मैट्रिक परीक्षा में अनुत्तीर्ण और अनुपस्थित रहे विद्यार्थियों से अलग-अलग राशि लिए जाने की शिकायत है। विद्यार्थियों को दी गई रसीदों में भी निर्धारित शुल्क से ज्यादा रकम दर्ज है। 815 की जगह 880, 700 की जगह 865 रुपए लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अनुसार मैट्रिक की पुनरावृत्ति परीक्षा में सामान्य और पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 815 रुपए, जबकि अति पिछड़ा, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 700 रुपए शुल्क निर्धारित है। विद्यालय की रसीदों के अनुसार सामान्य वर्ग की छात्रा मुस्कान कुमारी से 815 रुपए की जगह 880 रुपए लिए गए। यानी 65 रुपए ज्यादा। वहीं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र आदित्य कुमार से 700 रुपए की जगह 865 रुपए लिए गए। कुछ छात्रों से 980 रुपए लेने की बात छात्र सोहेल अख्तर से फॉर्म भरने के नाम पर 980 रुपए लिए जाने की बात सामने आई है। यह निर्धारित शुल्क से 280 रुपए अधिक है। परीक्षा में पहले अनुपस्थित रही छात्रा खुशबू कुमारी से भी 980 रुपए लिए जाने की बात सामने आई है। परिजनों ने अतिरिक्त राशि लिए जाने पर आपत्ति जताई। इसके बाद रसीद में संशोधन कर निर्धारित शुल्क दर्ज किए जाने का मामला भी सामने आया है। कई अन्य विद्यार्थियों से भी तय शुल्क से अधिक राशि लिए जाने की शिकायत है। प्रधानाध्यापिका बोलीं- जाति प्रमाण पत्र नहीं लगाने पर नहीं मिली छूट विद्यालय की प्रधानाध्यापिका कामिनी राज ने बताया कि जिन विद्यार्थियों ने जाति प्रमाण पत्र संलग्न नहीं किया है, उन्हें नियमानुसार शुल्क में छूट का लाभ नहीं दिया गया है। उन्होंने अतिरिक्त शुल्क लिए जाने की वजह यही बताई है। BEO बोले- स्कूल पहुंचकर करेंगे जांच भगवानपुर हाट के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राकेश कुमार ने निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूले जाने की शिकायत मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि विद्यालय पहुंचकर पूरे मामले की जांच की जाएगी। जांच में अनियमितता और निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।  

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