Mary Kom Biopic: रियलिटी शो ‘बिग बॉस 20’ में नजर आ रहीं बॉक्सिंग चैंपियन मैरी कॉम ने प्रियंका चोपड़ा अभिनीत अपनी 2014 की बायोपिक पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि यह फिल्म उनके संघर्ष और कड़ी मेहनत को पूरी तरह से नहीं दिखा पाई। शो से बाहर आने के बाद, इस बॉक्सर ने फिल्म और अपने जीवन के सफर के बारे में खुलकर बात की।
मैरी का मानना है कि भारत की सबसे मशहूर खेल हस्तियों में से एक के रूप में खुद को स्थापित करने के लिए उन्होंने जो कुछ भी सहा, उसका बहुत छोटा सा हिस्सा ही फिल्म में दिखाया गया है। उन्होंने इस बारे में भी बात की कि ‘बिग बॉस’ में आने से पहले और बाद में लोगों ने उन्हें किस तरह से देखा।
मैरी कॉम का कहना है कि उनकी बायोपिक ‘वास्तविक नहीं’ थी।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अपनी बायोपिक का सीक्वल देखना चाहेंगी, तो मैरी ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इस समय किसी और फिल्म की जरूरत है।
उन्होंने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ से कहा, “मुझे नहीं लगता कि अब कोई सीक्वल आना चाहिए; हर कोई मेरी कहानी जानता है। मेरा करियर और मेरा सफर पहले ही फिल्म और मेरी किताब ‘अनब्रेकेबल’ में दिखाया जा चुका है। हालांकि, वह बायोपिक वास्तविक नहीं थी। मुझे लगा कि कहानी के कुछ हिस्से असली नहीं थे। इसमें मेरे संघर्ष और कड़ी मेहनत का केवल 10 प्रतिशत ही दिखाया गया था। अगर आप मेरी किताब पढ़ेंगे, तभी आप मेरे संघर्ष और कड़ी मेहनत को समझ पाएंगे। आगे के जीवन में क्या होगा, यह तो नहीं पता, लेकिन मैं यही कामना करती हूं कि भविष्य सुखद और आसान हो। लोग जानना चाहते हैं कि क्या मेरी जिंदगी में प्यार के लिए कोई जगह होगी। अगर भविष्य में ऐसा कुछ होता है, तो मैं तब तय करूंगी।”
मैरी कॉम का कहना है कि ‘बिग बॉस 20’ में उन्होंने अपना असली रूप दिखाया।
मैरी ने ‘बिग बॉस’ में बिताए अपने समय के बारे में बात की और बताया कि दर्शकों ने उनके व्यक्तित्व को किस तरह से देखा। उन्होंने कहा कि शो के दौरान वह जैसी थीं, वैसी ही बनी रहीं और उन्होंने इस शो को एक ऐसे मौके के रूप में देखा, जिससे लोग उन्हें बेहतर ढंग से समझ सकें। “मैं बनावटी नहीं थी। जो लोग मुझे अच्छी तरह जानते हैं, उन्हें यह पता होगा। मुझे लगा कि यही सही समय था। लोगों ने मुझे अलग नज़रिए से देखा, लेकिन मुझे इसकी परवाह नहीं थी। मुझे पता है कि लोग मुझसे प्यार करते हैं, और अब वे असली मैरी कॉम को भी जान गए हैं। मैं उन्हें वह इंसान दिखाना चाहती थी, जो ज़िंदगी में इतनी कड़ी मेहनत करके यहाँ तक पहुँची है। मैंने अपनी पूरी ज़िंदगी दांव पर लगा दी। 20 साल तक कौन खेल सकता है? मैंने अपने कामों से साबित कर दिया कि मैं कितनी असली हूँ। आप सात हफ़्तों तक दिखावा नहीं कर सकते। कभी-कभी मैं सोचती थी कि मैं इस तरह कैसे रहूँगी, लेकिन मुझे इसमें मज़ा आया,” उन्होंने कहा।
प्रियंका चोपड़ा की ‘मैरी कॉम’ बायोपिक
2014 में रिलीज़ हुई ‘मैरी कॉम’ में मुख्य भूमिका में अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा थीं और इसका निर्देशन उमंग कुमार ने किया था। यह स्पोर्ट्स बायोपिक मैरी के शुरुआती जीवन (मणिपुर) से लेकर उनके विश्व चैंपियन बॉक्सर बनने तक के सफ़र को दिखाती है।
फ़िल्म में उन चुनौतियों को भी दिखाया गया है, जिनका सामना मैरी को अपने प्रोफेशनल करियर, मातृत्व और पारिवारिक ज़िम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने में करना पड़ा। इस फ़िल्म को समीक्षकों की काफ़ी तारीफ़ मिली और इसने ‘सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फ़िल्म’ (जो भरपूर मनोरंजन प्रदान करती हो) के लिए राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार जीता।

