मेरठ सहित एनसीआर में माइक्रो-मार्केट घर बने पसंद:पांच साल में बढ़ी मकानों की कीमतें, ट्रेंड हुआ चेंज

मेरठ सहित एनसीआर में माइक्रो-मार्केट घर बने पसंद:पांच साल में बढ़ी मकानों की कीमतें, ट्रेंड हुआ चेंज

मेरठ सहित पूरे वेस्ट यूपी और एनसीआर में लोग अब माइक्रो मार्केट घर लेना पसंद कर रहे हैं। पिछले कुछ समय में छोटे शहरों में माइक्रो मार्केट होम्स की मांग काफी बढ़ी है। मेरठ सहित एनसीआर के बिल्डर्स ने रविवार को ऑनलाइन इस बदले हाउसिंग ट्रेंड पर डिस्कशन किया। मेट्रो, टाउनशिप, रैपिड आने से बदलाव
पिछले पांच सालों में मेरठ, गाजियाबाद में रैपिड, मेट्रो और टाउनशिप प्रोजेक्ट आए हैं। रोजगार, सड़क, मेट्रो, हवाई संपर्क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाएं विकसित होने के कारण यहां लोग निवेश और रहने के हिसाब से प्रापर्टी खरीद रहे हैं। बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ी डिमांड
मीटिंग में एआईजीआईएन के सीएमडी राकेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि अच्छी कनेक्टिविटी वाले प्रोजेक्ट में मांग मजबूत है, इसलिए लोग माइक्रो मार्केट घर पर जा रहे हैं। वहीं जीवाईजीवाई ग्रुप के एमडी नवनीत डी ने कहा कि घर में लोग अब लग्जरी भी देखते हैं। केवल सिर छिपाने को छत वाला कांसेप्ट खत्म हो चुका है। इसलिए सुविधाएं देना भी जरूरी है।
समय पर प्रोजेक्ट देना जरूरी
आरजी ग्रुप के एमडी हिमांशु ने बताया कि डेवलपर्स के लिए बेहतर गुणवत्ता, सुविधाओं वाली परियोजना लाना और समय पर डिलीवरी पर ध्यान देना जरूरी है। रियरको प्राइवेट लिमिटेड के एमडी गीतांजलि खन्ना ने कहा कि बड़े साइज़ के प्रीमियम और लग्जरी आवास की मांग बढ़ रही है। निराला वर्ल्ड के सीएमडी सुरेश गर्ग ने बताया कि आवासीय बाजार में बढ़ती कीमतों के बीच खरीदार केवल कारपेट एरिया देखकर मकान नहीं ले रहे, वे उसका रिटर्न भी देख रहे हैं। हर ग्रुप के अनुसार बनाने होंगे मकान
श्री केबी ग्रुप के संस्थापक राकेश सिंघल ने कहा कि खरीदार अपने बजट के भीतर ऐसे माइक्रो-मार्केट तलाश रहा है। ऐसे में डेवलपर्स के लिए अलग-अलग आय वर्ग और जरूरत के हिसाब से प्रोजेक्ट तैयार कर रहे हैं।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *