मुजफ्फरपुर में बैंक कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। आंदोलन के पहले दिन बैंककर्मियों ने मुजफ्फरपुर के कंपनी बाग स्थित बीएसएनल कार्यालय परिसर में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। कर्मचारियों का कहना है कि बायपार्टाइट समझौते में तय प्रावधानों को दरकिनार कर सरकार की ओर से नया फॉर्मूला लागू करने की कोशिश की जा रही है, जिसका वे विरोध कर रहे हैं। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के बिहार स्टेट महासचिव मृत्यंजय मिश्रा ने कहा कि बैंकों में बायपार्टाइट समझौते के तहत ऑपरेटिंग प्रॉफिट के आधार पर 5 से 15 दिनों के प्रॉफिट लिंक्ड इंसेंटिव का प्रावधान है। कर्मचारियों का आरोप है कि भारत सरकार बायपार्टाइट समझौते को कमजोर कर नया फॉर्मूला लागू करना चाहती है। 5 दिवसीय बैंकिंग लागू करने की मांग बैंककर्मियों की प्रमुख मांगों में 5 दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना भी शामिल है। मृत्यंजय मिश्रा ने कहा कि बायपार्टाइट समझौते में 5 दिवसीय बैंकिंग को लेकर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक बैंकों में इसे लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के कई संस्थानों में पांच दिवसीय कार्य व्यवस्था लागू है, लेकिन बैंक कर्मचारियों को इससे वंचित रखा गया है। 11 सितंबर को देशभर में बैंक बंद रखने का ऐलान कर्मचारियों ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके तहत 11 सितंबर को देशभर के बैंककर्मी हड़ताल पर रहेंगे। इसके बाद 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल प्रस्तावित है। बैंककर्मियों का कहना है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। प्रदर्शन के दौरान विभिन्न बैंकों के कर्मचारी और यूनियन पदाधिकारी मौजूद रहे। मुजफ्फरपुर में बैंक कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। आंदोलन के पहले दिन बैंककर्मियों ने मुजफ्फरपुर के कंपनी बाग स्थित बीएसएनल कार्यालय परिसर में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। कर्मचारियों का कहना है कि बायपार्टाइट समझौते में तय प्रावधानों को दरकिनार कर सरकार की ओर से नया फॉर्मूला लागू करने की कोशिश की जा रही है, जिसका वे विरोध कर रहे हैं। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के बिहार स्टेट महासचिव मृत्यंजय मिश्रा ने कहा कि बैंकों में बायपार्टाइट समझौते के तहत ऑपरेटिंग प्रॉफिट के आधार पर 5 से 15 दिनों के प्रॉफिट लिंक्ड इंसेंटिव का प्रावधान है। कर्मचारियों का आरोप है कि भारत सरकार बायपार्टाइट समझौते को कमजोर कर नया फॉर्मूला लागू करना चाहती है। 5 दिवसीय बैंकिंग लागू करने की मांग बैंककर्मियों की प्रमुख मांगों में 5 दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना भी शामिल है। मृत्यंजय मिश्रा ने कहा कि बायपार्टाइट समझौते में 5 दिवसीय बैंकिंग को लेकर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक बैंकों में इसे लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के कई संस्थानों में पांच दिवसीय कार्य व्यवस्था लागू है, लेकिन बैंक कर्मचारियों को इससे वंचित रखा गया है। 11 सितंबर को देशभर में बैंक बंद रखने का ऐलान कर्मचारियों ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके तहत 11 सितंबर को देशभर के बैंककर्मी हड़ताल पर रहेंगे। इसके बाद 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल प्रस्तावित है। बैंककर्मियों का कहना है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। प्रदर्शन के दौरान विभिन्न बैंकों के कर्मचारी और यूनियन पदाधिकारी मौजूद रहे।

