मुजफ्फरपुर पुलिस दीपावली और छठ पर घर लौट रहे प्रवासी मजदूरों के लिए एक खास पहल कर रही है। जिले में 28 अक्टूबर और 2 नवंबर को ‘विशेष जनसुनवाई शिविर’ लगाए जाएंगे। इन शिविरों में कामगारों की कानूनी और प्रशासनिक समस्याओं को सुना जाएगा और मौके पर ही उनका हल निकाला जाएगा। साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने बताया कि यह कोशिश एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर हो रही है। पुलिस और जिला प्रशासन का मकसद यह पक्का करना है कि साल भर बाहर मेहनत करने वाले मजदूरों को त्योहारों पर घर आकर किसी समस्या के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। एक ही छत के नीचे वरिष्ठ अधिकारी करेंगे सुनवाई इस विशेष जनसुनवाई शिविर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें केवल स्थानीय थाना स्तर की टीम ही नहीं, बल्कि मुजफ्फरपुर पुलिस की विशेष टीम के साथ-साथ जिले के तमाम वरीय पुलिस अधिकारी और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम स्वयं मौजूद रहेगी। इस एकीकृत पहल के तहत प्रवासी मजदूरों से जुड़ी कई गंभीर और वर्षों से लंबित समस्याओं का निपटारा एक ही जगह पर बेहद पारदर्शिता के साथ किया जाएगा। पारदर्शी कार्रवाई का आश्वासन साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने क्षेत्र की जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रशासन की टीम इन सभी संवेदनशील मामलों पर पूरी पारदर्शिता और मुस्तैदी के साथ कार्रवाई करेगी। इन मुख्य समस्याओं पर होगी त्वरित कार्रवाई 1. पासपोर्ट संबंधी मामले: पासपोर्ट वेरिफिकेशन, पुलिस क्लीयरेंस या इससे जुड़ी तमाम प्रशासनिक अड़चनों का तत्काल समाधान। 2. बुजुर्गों की सुरक्षा: प्रवासी मजदूरों के पीछे घर पर अकेले रहने वाले वृद्ध माता-पिता की सुरक्षा एवं देखरेख से जुड़े मामले। 3. चोरी और गृहभेदन पर सख्त कार्रवाई: कामगारों की गैरहाजिरी में बंद घरों में हुई चोरी या गृहभेदन की घटनाओं की समीक्षा और त्वरित कानूनी कार्रवाई। 4. गलत तरीके से नाम जुड़ना: किसी स्थानीय विवाद या अपराध में गलत अथवा दुर्भावनापूर्ण तरीके से जोड़े गए नाम की निष्पक्ष जाँच और नाम हटाने की प्रक्रिया। 5. भूमि पर अवैध कब्जा: प्रवासी मजदूरों की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर उनकी जमीन या मकान पर किए गए अवैध कब्जों से मुक्ति और सख्त कार्रवाई। मुजफ्फरपुर पुलिस दीपावली और छठ पर घर लौट रहे प्रवासी मजदूरों के लिए एक खास पहल कर रही है। जिले में 28 अक्टूबर और 2 नवंबर को ‘विशेष जनसुनवाई शिविर’ लगाए जाएंगे। इन शिविरों में कामगारों की कानूनी और प्रशासनिक समस्याओं को सुना जाएगा और मौके पर ही उनका हल निकाला जाएगा। साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने बताया कि यह कोशिश एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर हो रही है। पुलिस और जिला प्रशासन का मकसद यह पक्का करना है कि साल भर बाहर मेहनत करने वाले मजदूरों को त्योहारों पर घर आकर किसी समस्या के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। एक ही छत के नीचे वरिष्ठ अधिकारी करेंगे सुनवाई इस विशेष जनसुनवाई शिविर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें केवल स्थानीय थाना स्तर की टीम ही नहीं, बल्कि मुजफ्फरपुर पुलिस की विशेष टीम के साथ-साथ जिले के तमाम वरीय पुलिस अधिकारी और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम स्वयं मौजूद रहेगी। इस एकीकृत पहल के तहत प्रवासी मजदूरों से जुड़ी कई गंभीर और वर्षों से लंबित समस्याओं का निपटारा एक ही जगह पर बेहद पारदर्शिता के साथ किया जाएगा। पारदर्शी कार्रवाई का आश्वासन साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने क्षेत्र की जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रशासन की टीम इन सभी संवेदनशील मामलों पर पूरी पारदर्शिता और मुस्तैदी के साथ कार्रवाई करेगी। इन मुख्य समस्याओं पर होगी त्वरित कार्रवाई 1. पासपोर्ट संबंधी मामले: पासपोर्ट वेरिफिकेशन, पुलिस क्लीयरेंस या इससे जुड़ी तमाम प्रशासनिक अड़चनों का तत्काल समाधान। 2. बुजुर्गों की सुरक्षा: प्रवासी मजदूरों के पीछे घर पर अकेले रहने वाले वृद्ध माता-पिता की सुरक्षा एवं देखरेख से जुड़े मामले। 3. चोरी और गृहभेदन पर सख्त कार्रवाई: कामगारों की गैरहाजिरी में बंद घरों में हुई चोरी या गृहभेदन की घटनाओं की समीक्षा और त्वरित कानूनी कार्रवाई। 4. गलत तरीके से नाम जुड़ना: किसी स्थानीय विवाद या अपराध में गलत अथवा दुर्भावनापूर्ण तरीके से जोड़े गए नाम की निष्पक्ष जाँच और नाम हटाने की प्रक्रिया। 5. भूमि पर अवैध कब्जा: प्रवासी मजदूरों की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर उनकी जमीन या मकान पर किए गए अवैध कब्जों से मुक्ति और सख्त कार्रवाई।

