मुजफ्फरपुर: गरीबनाथ धाम में विशेष पूजा-अर्चना:साढ़े सात क्विंटल गेहूं से बाबा का महाश्रृंगार किया गया, आरती में हजारों शिवभक्त हुए शामिल

मुजफ्फरपुर: गरीबनाथ धाम में विशेष पूजा-अर्चना:साढ़े सात क्विंटल गेहूं से बाबा का महाश्रृंगार किया गया, आरती में हजारों शिवभक्त हुए शामिल

मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ धाम में नाग पंचमी और सावन की तीसरी सोमवारी के अवसर पर भगवान शिव का विशेष महाश्रृंगार किया गया। इस दौरान बाबा गरीबनाथ को साढ़े सात क्विंटल (750 किलोग्राम) गेहूं से सजाया गया, जो भक्तों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा। इस अलौकिक रूप के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सावन की सोमवारी पर होने वाला यह विशेष महाश्रृंगार वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है। महाआरती में उमड़े श्रद्धालु, गूंजा मंदिर परिसर महाश्रृंगार के बाद मंदिर में भव्य महाआरती हुई। आरती के दौरान हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद रहे। जैसे ही बाबा का अलौकिक स्वरूप श्रद्धालुओं के सामने आया, पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु भगवान शिव के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर भाव-विभोर हो गए और देर रात तक पूजा-अर्चना का सिलसिला चलता रहा। गेहूं से बाबा का महाश्रृंगार किया गया बाबा गरीबनाथ धाम के प्रधान पुजारी पंडित विनय पाठक ने बताया कि इस वर्ष सावन की तीसरी सोमवारी और नाग पंचमी का एक साथ पड़ना दुर्लभ संयोग है। इस विशेष महासंयोग को और खास बनाने के लिए बाबा का गेहूं से महाश्रृंगार किया गया। सावन के महीने में तिथियों और शुभ मुहूर्तों के अनुसार विशेष संयोग बनते हैं। इन मुहूर्तों की धार्मिक महत्ता को देखते हुए हर वर्ष अलग-अलग पवित्र सामग्रियों से बाबा का श्रृंगार किया जाता है। इसी परंपरा के तहत इस बार गेहूं का उपयोग किया गया, जिसे समृद्धि और प्रकृति का प्रतीक माना जाता है। बाबा के अनूठे रूप का दर्शन इस अलौकिक दृश्य के दर्शन के लिए मुजफ्फरपुर के अलावा आसपास के कई जिलों और पड़ोसी राज्यों से भी हजारों श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने कतारबद्ध होकर बाबा के इस अनूठे रूप का दर्शन किया और जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने तथा सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए थे। मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ धाम में नाग पंचमी और सावन की तीसरी सोमवारी के अवसर पर भगवान शिव का विशेष महाश्रृंगार किया गया। इस दौरान बाबा गरीबनाथ को साढ़े सात क्विंटल (750 किलोग्राम) गेहूं से सजाया गया, जो भक्तों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा। इस अलौकिक रूप के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सावन की सोमवारी पर होने वाला यह विशेष महाश्रृंगार वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है। महाआरती में उमड़े श्रद्धालु, गूंजा मंदिर परिसर महाश्रृंगार के बाद मंदिर में भव्य महाआरती हुई। आरती के दौरान हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद रहे। जैसे ही बाबा का अलौकिक स्वरूप श्रद्धालुओं के सामने आया, पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु भगवान शिव के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर भाव-विभोर हो गए और देर रात तक पूजा-अर्चना का सिलसिला चलता रहा। गेहूं से बाबा का महाश्रृंगार किया गया बाबा गरीबनाथ धाम के प्रधान पुजारी पंडित विनय पाठक ने बताया कि इस वर्ष सावन की तीसरी सोमवारी और नाग पंचमी का एक साथ पड़ना दुर्लभ संयोग है। इस विशेष महासंयोग को और खास बनाने के लिए बाबा का गेहूं से महाश्रृंगार किया गया। सावन के महीने में तिथियों और शुभ मुहूर्तों के अनुसार विशेष संयोग बनते हैं। इन मुहूर्तों की धार्मिक महत्ता को देखते हुए हर वर्ष अलग-अलग पवित्र सामग्रियों से बाबा का श्रृंगार किया जाता है। इसी परंपरा के तहत इस बार गेहूं का उपयोग किया गया, जिसे समृद्धि और प्रकृति का प्रतीक माना जाता है। बाबा के अनूठे रूप का दर्शन इस अलौकिक दृश्य के दर्शन के लिए मुजफ्फरपुर के अलावा आसपास के कई जिलों और पड़ोसी राज्यों से भी हजारों श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने कतारबद्ध होकर बाबा के इस अनूठे रूप का दर्शन किया और जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने तथा सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए थे।  

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