‘मुझे आप तीनों भइयों से नेग में कुछ नहीं चाहिए। आज मेरा भाई मेरे साथ नहीं है। आप तीनों लोगों को अपना भाई मानकर राखी बांधी है। मुझे नेग में बस इतना चाहिए कि आप तीनों भाई मिलकर मेरे भरत भइया को न्याय दिलाइए।’ भोजपुर के बिलौटी गांव के भरत तिवारी की बहन रूबी तिवारी ये बातें कहते हुए रो पड़ीं। दरअसल, भरत तिवारी एनकाउंटर के सोमवार को 2 महीने पूरे हो गए। इस मौके पर भरत तिवारी के घर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि सभा में भाजपा के सांसद मनोज तिवारी, बक्सर से भाजपा विधायक आनंद मिश्रा और शाहपुर के विधायक राकेश ओझा भरत के घर पहुंचे। इस दौरान भरत की बहन रूबी ने तीनों नेताओं को राखी बांधी। इस दौरान रूबी तिवारी भावुक हो गईं. सांसद और दोनों विधायकों को राखी बांधने की 3 तस्वीरें देखिए राखी बंधवाने के बाद आनंद मिश्रा बोले- सरकार से चूक हुई है बक्सर विधायक आनंद मिश्रा ने कहा कि पहले भी हम लोगों ने कहा था कि न्यायिक जांच हो रही है, न्यायिक जांच में जो आएगा, उसके मुताबिक कार्रवाई होगी। न्यायिक जांच की रिपोर्ट आ चुकी है, उसी के मुताबिक कार्रवाई भी हो रही है। सरकार की ओर से न्याय के पक्ष में है, इसलिए भरत तिवारी के परिवार के लिए सरकारी नौकरी और आर्थिक मदद की घोषणा की है। इस मामले में जो चूक हुई है, उसकी भरपाई सरकार की ओर से करने की कोशिश की जा रही है। आज भरत की बहन ने हम लोगों को राखी बांधी है। ऐसा नहीं है कि राखी बांधी है तभी भरत को न्याय मिलेगा। भरत की बहन से मेरे एक भाई के तौर पर पहले दिन से वादा रहा है कि आपको और आपके परिवार को न्याय दिलाऊंगा। बक्सर विधायक ने कहा कि हम तीनों भाइयों का प्रयास है कि परिवार को हर संभव न्याय मिले। अभी तक इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई, आरोपी पुलिसकर्मी सस्पेंड हुए, एक आरोपी एसटीएफ का जवान गिरफ्तार भी हुआ। हां इस मामले में आपको ऐसा लग सकता है कि थोड़ी देर हो रही है, लेकिन सरकार किसी के साथ अन्याय नहीं करेगी। मनोज तिवारी बोले- दोषियों को सजा मिलेगी मनोज तिवारी ने कहा कि भरत तिवारी के परिवार और गांव के साथ जो दुखद घटना हुई है, उसकी भरपाई तो नहीं की जा सकती, लेकिन वह परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि परिवार की हर बात को गंभीरता से सुनकर मुख्यमंत्री के सामने रखा गया है और सरकार ने भी संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई शुरू की है। उन्होंने कहा कि एनकाउंटर में प्रथम दृष्टया जिन स्थानीय अधिकारियों की भूमिका सामने आई, उनके खिलाफ एफआईआर, निलंबन और गिरफ्तारी की कार्रवाई हुई है। भरत तिवारी के मामले में न्याय होगा। गांव के लोगों पर दर्ज मुकदमों का मुद्दा उठाते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि घटना के विरोध में प्रदर्शन या आक्रोश के दौरान जिन लोगों पर मुकदमे दर्ज हुए हैं, उनके मामले में मुख्यमंत्री को रिपोर्ट की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्दोष ग्रामीणों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। फेक एनकाउंटर के सवाल पर मनोज तिवारी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने हथियार फेंक दिया था और उसके बाद उसे गोली मार दी गई, तो यह सरासर अन्याय है। उन्होंने कहा कि इसी आधार पर न्याय की लड़ाई आगे बढ़ाई जा रही है। प्रशांत किशोर के आरोपों पर मनोज तिवारी बोले- सुनकर दुख हुआ बांकीपुर से विधायक और जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर की ओर से भरत तिवारी के परिवार पर लगाए गए आरोपों पर मनोज तिवारी ने कहा कि परिवार के बारे में इस तरह की बातें सुनकर मुझे दुख हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में परिवार के प्रति संवेदनशीलता रखनी चाहिए और बिना जरूरत किसी पर आरोप नहीं लगाना चाहिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने और आर्थिक सहायता देने की बात कही गई है। इसकी प्रक्रिया और स्वरूप की घोषणा जल्द की जाएगी। भरत तिवारी के नाम पर स्मारक बनाने की मांग पर उन्होंने कहा कि पहले मामले में न्याय की लड़ाई पूरी होगी, इसके बाद स्मारक के लिए भी उचित पहल की जाएगी। भरत के भाई चंदन बोले- मनोज तिवारी की बातों से संतुष्ट हूं भरत के छोटे भाई चंदन तिवारी ने कहा कि मनोज तिवारी ने आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द सभी आरोपियों की गिरफ्तारी होगी और कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि 14 गांव वाले नामजद एवं 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ जो प्राथमिकी हुई है, उसे भी हटा दिया जाएगा। चंदन तिवारी ने कहा कि हमने शहीद का दर्जा, परिवार को न्याय के साथ–साथ आरोपियों की फांसी की मांग की है। हमारी पहली प्राथमिकता न्याय, उसके बाद विस्थापितों के लिए उचित व्यवस्था की मांग है। मैं और मेरा पूरा परिवार सांसद मनोज तिवारी की बातों से संतुष्ट है। भरत के घर पहुंचे विस्थापित बोले- वो जिंदा होते तो हमारी दुर्गति नहीं होती श्रद्धांजलि सभा में जवइनियां गांव के विस्थापित भी पहुंचे थे। विस्थापित उषा देवी ने कहा कि भरत भईया आज जिंदा रहते तो हमलोगों की ऐसी दुर्गति नहीं होती। उनकी कमी आज बहुत खल रही है। तीन बार से ज्यादा पानी हमारे घरों तक आ गया, लेकिन कोई देखने तक नहीं आता। भरत भईया रहते तो सब ठीक रहता। ऊषा देवी ने कहा ने कहा कि न्यायिक जांच आयोग कार्यालय में हमसे पूछा गया कि आप अपनी आंखों से गोली मारते हुए देखा है? इसके बाद मैंने सारी सच्चाई बताई, जो कुछ मैंने देखा था, वो न्यायिक जांच आयोग में बताया। मैंने बताया कि हथियार फेंकने के बाद भरत भइया के कंधे पर पुलिसकर्मियों ने हाथ रखा और कुछ दूर ले जाकर तीन गोली मार दी। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि विस्थापितों के गांव में भरत तिवारी की मूर्ति लगनी चाहिए। सभी विस्थापितों के लिए उचित व्यवस्था होनी चाहिए। जब तक भरत भइया की मांग को सरकार पूरा नहीं करती है, तब तक हमलोगों का लड़ाई जारी रहेगी। वहीं, ललिता देवी ने कहा कि अभी तक न्याय नहीं मिला है। भरत तिवारी के परिवार को पैसा या नौकरी का कोई लालच नहीं है। अभी सरकार हवा में सभी बातें कर रही है। हमलोगों ने आयोग में भी न्याय की गुहार लगाई है। भरत तिवारी गरीबों के लिए लड़ रहे थे। आज उनका कमी खल रही है, गांव में पानी भरने के कारण चार दिनों तक चूल्हा नहीं जला था। आज भरत जिंदा रहते, तो हमलोग भूखे नहीं रहते। भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में 28 अगस्त को पटना हाईकोर्ट में सुनवाई भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट की वकील वर्षा सिंह ने बताया कि पटना हाई कोर्ट में जो हमारी रिट याचिका दाखिल हुई थी। मेंशन करने के बाद मिली तारीख पर हमलोग उपस्थित होकर एकाउंटर से जुड़े घटनाक्रम को माननीय न्यायाधीश के सामने रखा गया। जज अरुण कुमार झा ने बारीकियों से हमारी बातों को सुना। कोर्ट ने कहा कि इस केस में डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक एविडेंसेस को सावधानी से प्रिरिजर्व किया जाए। वर्षा सिंह ने कहा कि कोर्ट ने सरकार, संबंधित अधिकारी डीजीपी, भोजपुर एसपी समेत जितने भी हमारे केस में रेस्पोंडेंट हैं, इन सभी से काउंटर एफेडेविट के साथ ही जितने भी कंप्लायंस मटेरियल जैसे कि डिजिटल एविडेंस प्रिजर्व करने का आदेश दिया है। हमारी अगली 28 अगस्त को सुनवाई होगी। उन्होंने कहा कि जैसे ही रेस्पोडेंट की ओर से काउंटर (हलफनामा) फाइल किया जाएगा, वैसे ही हमलोग एक हफ्ते में रिप्लाई फाइल करेंगे। हमारी मांग है कि इस केस को सीबीआई जांच करें, सीबीआई टाइम बाउंड मैनर जांच करें। ‘मुझे आप तीनों भइयों से नेग में कुछ नहीं चाहिए। आज मेरा भाई मेरे साथ नहीं है। आप तीनों लोगों को अपना भाई मानकर राखी बांधी है। मुझे नेग में बस इतना चाहिए कि आप तीनों भाई मिलकर मेरे भरत भइया को न्याय दिलाइए।’ भोजपुर के बिलौटी गांव के भरत तिवारी की बहन रूबी तिवारी ये बातें कहते हुए रो पड़ीं। दरअसल, भरत तिवारी एनकाउंटर के सोमवार को 2 महीने पूरे हो गए। इस मौके पर भरत तिवारी के घर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि सभा में भाजपा के सांसद मनोज तिवारी, बक्सर से भाजपा विधायक आनंद मिश्रा और शाहपुर के विधायक राकेश ओझा भरत के घर पहुंचे। इस दौरान भरत की बहन रूबी ने तीनों नेताओं को राखी बांधी। इस दौरान रूबी तिवारी भावुक हो गईं. सांसद और दोनों विधायकों को राखी बांधने की 3 तस्वीरें देखिए राखी बंधवाने के बाद आनंद मिश्रा बोले- सरकार से चूक हुई है बक्सर विधायक आनंद मिश्रा ने कहा कि पहले भी हम लोगों ने कहा था कि न्यायिक जांच हो रही है, न्यायिक जांच में जो आएगा, उसके मुताबिक कार्रवाई होगी। न्यायिक जांच की रिपोर्ट आ चुकी है, उसी के मुताबिक कार्रवाई भी हो रही है। सरकार की ओर से न्याय के पक्ष में है, इसलिए भरत तिवारी के परिवार के लिए सरकारी नौकरी और आर्थिक मदद की घोषणा की है। इस मामले में जो चूक हुई है, उसकी भरपाई सरकार की ओर से करने की कोशिश की जा रही है। आज भरत की बहन ने हम लोगों को राखी बांधी है। ऐसा नहीं है कि राखी बांधी है तभी भरत को न्याय मिलेगा। भरत की बहन से मेरे एक भाई के तौर पर पहले दिन से वादा रहा है कि आपको और आपके परिवार को न्याय दिलाऊंगा। बक्सर विधायक ने कहा कि हम तीनों भाइयों का प्रयास है कि परिवार को हर संभव न्याय मिले। अभी तक इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई, आरोपी पुलिसकर्मी सस्पेंड हुए, एक आरोपी एसटीएफ का जवान गिरफ्तार भी हुआ। हां इस मामले में आपको ऐसा लग सकता है कि थोड़ी देर हो रही है, लेकिन सरकार किसी के साथ अन्याय नहीं करेगी। मनोज तिवारी बोले- दोषियों को सजा मिलेगी मनोज तिवारी ने कहा कि भरत तिवारी के परिवार और गांव के साथ जो दुखद घटना हुई है, उसकी भरपाई तो नहीं की जा सकती, लेकिन वह परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि परिवार की हर बात को गंभीरता से सुनकर मुख्यमंत्री के सामने रखा गया है और सरकार ने भी संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई शुरू की है। उन्होंने कहा कि एनकाउंटर में प्रथम दृष्टया जिन स्थानीय अधिकारियों की भूमिका सामने आई, उनके खिलाफ एफआईआर, निलंबन और गिरफ्तारी की कार्रवाई हुई है। भरत तिवारी के मामले में न्याय होगा। गांव के लोगों पर दर्ज मुकदमों का मुद्दा उठाते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि घटना के विरोध में प्रदर्शन या आक्रोश के दौरान जिन लोगों पर मुकदमे दर्ज हुए हैं, उनके मामले में मुख्यमंत्री को रिपोर्ट की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्दोष ग्रामीणों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। फेक एनकाउंटर के सवाल पर मनोज तिवारी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने हथियार फेंक दिया था और उसके बाद उसे गोली मार दी गई, तो यह सरासर अन्याय है। उन्होंने कहा कि इसी आधार पर न्याय की लड़ाई आगे बढ़ाई जा रही है। प्रशांत किशोर के आरोपों पर मनोज तिवारी बोले- सुनकर दुख हुआ बांकीपुर से विधायक और जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर की ओर से भरत तिवारी के परिवार पर लगाए गए आरोपों पर मनोज तिवारी ने कहा कि परिवार के बारे में इस तरह की बातें सुनकर मुझे दुख हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में परिवार के प्रति संवेदनशीलता रखनी चाहिए और बिना जरूरत किसी पर आरोप नहीं लगाना चाहिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने और आर्थिक सहायता देने की बात कही गई है। इसकी प्रक्रिया और स्वरूप की घोषणा जल्द की जाएगी। भरत तिवारी के नाम पर स्मारक बनाने की मांग पर उन्होंने कहा कि पहले मामले में न्याय की लड़ाई पूरी होगी, इसके बाद स्मारक के लिए भी उचित पहल की जाएगी। भरत के भाई चंदन बोले- मनोज तिवारी की बातों से संतुष्ट हूं भरत के छोटे भाई चंदन तिवारी ने कहा कि मनोज तिवारी ने आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द सभी आरोपियों की गिरफ्तारी होगी और कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि 14 गांव वाले नामजद एवं 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ जो प्राथमिकी हुई है, उसे भी हटा दिया जाएगा। चंदन तिवारी ने कहा कि हमने शहीद का दर्जा, परिवार को न्याय के साथ–साथ आरोपियों की फांसी की मांग की है। हमारी पहली प्राथमिकता न्याय, उसके बाद विस्थापितों के लिए उचित व्यवस्था की मांग है। मैं और मेरा पूरा परिवार सांसद मनोज तिवारी की बातों से संतुष्ट है। भरत के घर पहुंचे विस्थापित बोले- वो जिंदा होते तो हमारी दुर्गति नहीं होती श्रद्धांजलि सभा में जवइनियां गांव के विस्थापित भी पहुंचे थे। विस्थापित उषा देवी ने कहा कि भरत भईया आज जिंदा रहते तो हमलोगों की ऐसी दुर्गति नहीं होती। उनकी कमी आज बहुत खल रही है। तीन बार से ज्यादा पानी हमारे घरों तक आ गया, लेकिन कोई देखने तक नहीं आता। भरत भईया रहते तो सब ठीक रहता। ऊषा देवी ने कहा ने कहा कि न्यायिक जांच आयोग कार्यालय में हमसे पूछा गया कि आप अपनी आंखों से गोली मारते हुए देखा है? इसके बाद मैंने सारी सच्चाई बताई, जो कुछ मैंने देखा था, वो न्यायिक जांच आयोग में बताया। मैंने बताया कि हथियार फेंकने के बाद भरत भइया के कंधे पर पुलिसकर्मियों ने हाथ रखा और कुछ दूर ले जाकर तीन गोली मार दी। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि विस्थापितों के गांव में भरत तिवारी की मूर्ति लगनी चाहिए। सभी विस्थापितों के लिए उचित व्यवस्था होनी चाहिए। जब तक भरत भइया की मांग को सरकार पूरा नहीं करती है, तब तक हमलोगों का लड़ाई जारी रहेगी। वहीं, ललिता देवी ने कहा कि अभी तक न्याय नहीं मिला है। भरत तिवारी के परिवार को पैसा या नौकरी का कोई लालच नहीं है। अभी सरकार हवा में सभी बातें कर रही है। हमलोगों ने आयोग में भी न्याय की गुहार लगाई है। भरत तिवारी गरीबों के लिए लड़ रहे थे। आज उनका कमी खल रही है, गांव में पानी भरने के कारण चार दिनों तक चूल्हा नहीं जला था। आज भरत जिंदा रहते, तो हमलोग भूखे नहीं रहते। भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में 28 अगस्त को पटना हाईकोर्ट में सुनवाई भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट की वकील वर्षा सिंह ने बताया कि पटना हाई कोर्ट में जो हमारी रिट याचिका दाखिल हुई थी। मेंशन करने के बाद मिली तारीख पर हमलोग उपस्थित होकर एकाउंटर से जुड़े घटनाक्रम को माननीय न्यायाधीश के सामने रखा गया। जज अरुण कुमार झा ने बारीकियों से हमारी बातों को सुना। कोर्ट ने कहा कि इस केस में डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक एविडेंसेस को सावधानी से प्रिरिजर्व किया जाए। वर्षा सिंह ने कहा कि कोर्ट ने सरकार, संबंधित अधिकारी डीजीपी, भोजपुर एसपी समेत जितने भी हमारे केस में रेस्पोंडेंट हैं, इन सभी से काउंटर एफेडेविट के साथ ही जितने भी कंप्लायंस मटेरियल जैसे कि डिजिटल एविडेंस प्रिजर्व करने का आदेश दिया है। हमारी अगली 28 अगस्त को सुनवाई होगी। उन्होंने कहा कि जैसे ही रेस्पोडेंट की ओर से काउंटर (हलफनामा) फाइल किया जाएगा, वैसे ही हमलोग एक हफ्ते में रिप्लाई फाइल करेंगे। हमारी मांग है कि इस केस को सीबीआई जांच करें, सीबीआई टाइम बाउंड मैनर जांच करें।

