भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 16 अगस्त 2026 को वैशाली जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जिले के प्रमुख ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थलों का अवलोकन किया। बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद कुमार गुंजियाल भी उनके साथ उपस्थित थे। ज्ञानेश कुमार वैशाली स्थित हेलीपैड पर पहुंचे। उन्होंने बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप, राजा विशाल का गढ़ स्थित भग्नावशेष स्थल और कोल्हुआ स्थित भग्नावशेष स्थल का भ्रमण एवं अवलोकन किया। वैशाली पहुंचे मुख्य निर्वाचन आयुक्त…. ”सभी मतदाताओं को गौरवपूर्ण विरासत पर गर्व होना चाहिए” मीडिया से बात करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि भारत जिस प्रकार लोकतंत्र के प्रति कटिबद्ध रहा है, उसी प्रकार लगभग 2500 वर्ष पूर्व वैशाली में स्थापित प्राचीन लोकतांत्रिक परंपरा को देखकर विशेष अनुभूति होती है। उन्होंने वैशाली को विश्व के प्राचीनतम लोकतंत्र की जननी बताया। उन्होंने कहा कि बिहार के सभी मतदाताओं को इस गौरवपूर्ण विरासत पर गर्व होना चाहिए, क्योंकि पूरे विश्व की प्राचीन लोकतांत्रिक परंपरा की महत्वपूर्ण कड़ी वैशाली की धरती से जुड़ी है। मौके पर मौजूद रहे DM-SP और प्रशासनिक अधिकारी अपने दौरे के दौरान, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने वैशाली के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थलों के महत्व, उपलब्ध अवशेषों और उनसे जुड़ी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की जानकारी ली। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह, पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा सहित जिला एवं पुलिस प्रशासन के वरीय अधिकारी उपस्थित थे। जिला प्रशासन ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के दौरे के लिए आवश्यक प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त का यह दौरा वैशाली की गौरवशाली लोकतांत्रिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर रहा। भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 16 अगस्त 2026 को वैशाली जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जिले के प्रमुख ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थलों का अवलोकन किया। बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद कुमार गुंजियाल भी उनके साथ उपस्थित थे। ज्ञानेश कुमार वैशाली स्थित हेलीपैड पर पहुंचे। उन्होंने बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप, राजा विशाल का गढ़ स्थित भग्नावशेष स्थल और कोल्हुआ स्थित भग्नावशेष स्थल का भ्रमण एवं अवलोकन किया। वैशाली पहुंचे मुख्य निर्वाचन आयुक्त…. ”सभी मतदाताओं को गौरवपूर्ण विरासत पर गर्व होना चाहिए” मीडिया से बात करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि भारत जिस प्रकार लोकतंत्र के प्रति कटिबद्ध रहा है, उसी प्रकार लगभग 2500 वर्ष पूर्व वैशाली में स्थापित प्राचीन लोकतांत्रिक परंपरा को देखकर विशेष अनुभूति होती है। उन्होंने वैशाली को विश्व के प्राचीनतम लोकतंत्र की जननी बताया। उन्होंने कहा कि बिहार के सभी मतदाताओं को इस गौरवपूर्ण विरासत पर गर्व होना चाहिए, क्योंकि पूरे विश्व की प्राचीन लोकतांत्रिक परंपरा की महत्वपूर्ण कड़ी वैशाली की धरती से जुड़ी है। मौके पर मौजूद रहे DM-SP और प्रशासनिक अधिकारी अपने दौरे के दौरान, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने वैशाली के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थलों के महत्व, उपलब्ध अवशेषों और उनसे जुड़ी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की जानकारी ली। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह, पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा सहित जिला एवं पुलिस प्रशासन के वरीय अधिकारी उपस्थित थे। जिला प्रशासन ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के दौरे के लिए आवश्यक प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त का यह दौरा वैशाली की गौरवशाली लोकतांत्रिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर रहा।


