मुंबई में ‘दही हांडी’ की खुशियां मातम में बदलीं! 2 गोविंदाओं ने गंवाई जान, 300 से ज्यादा घायल

मुंबई में ‘दही हांडी’ की खुशियां मातम में बदलीं! 2 गोविंदाओं ने गंवाई जान, 300 से ज्यादा घायल

Dahi Handi 2026 Mumbai: महाराष्ट्र में जन्माष्टमी के अवसर पर शनिवार को दही हांडी उत्सव पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया गया। मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई समेत राज्य के कई हिस्सों में गोविंदा पथकों ने मानव पिरामिड बनाकर दही हांडी फोड़ी। कई जगह फिल्मी सितारों ने भी समारोह में हिस्सा लिया। हालांकि, उत्सव के बीच कुछ दर्दनाक हादसों ने जश्न का माहौल गमगीन कर दिया। मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में दही हांडी के दौरान दो गोविंदाओं की मौत हो गई, जबकि मुंबई में 306 गोविंदाओं के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

मालवणी में 7 साल के गोविंदा की मौत

मुंबई के मालवणी इलाके में दही हांडी फोड़ने के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ। जानकारी के मुताबिक, 7 वर्षीय गोविंदा पर सीमेंट का ब्लॉक गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है।

नवी मुंबई में 10वें थर से गिरा गोविंदा

वहीं, नवी मुंबई के घणसोली इलाके में भी एक ‘गोविंदा’ की जान चली गई। मृतक की पहचान सदानंद नावर के रूप में हुई है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, दही हांडी के दौरान करीब 10 थर की मानव पिरामिड बनाई जा रही थी। इसी दौरान सदानंद नीचे गिर गए और उनकी मौत हो गई।

मुंबई में 306 गोविंदा घायल

एक तरफ शहर में दही हांडी की धूम रही, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में गोविंदाओं के घायल होने की खबर सामने आई। रात 12 बजे तक मिली जानकारी के अनुसार, मुंबई के सरकारी और बीएमसी अस्पतालों में दही हांडी उत्सव के दौरान घायल हुए 306 गोविंदाओं का इलाज किया गया।

मटकी फोड़ने के लिए मानव पिरामिड बनाते समय गिरने, चोट लगने और अन्य कारणों से गोविंदा घायल हुए। मुंबई की महापौर रितू तावड़े ने केईएम अस्पताल पहुंचकर घायल गोविंदाओं से मुलाकात की और उनका हाल जाना। उन्होंने प्रशासन को घायलों को बेहतर और समय पर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सरकार की ओर से घायल गोविंदाओं के इलाज का खर्च उठाने की बात भी कही गई है।

शिंदे बोले- गोविंदाओं की सुरक्षा सबसे जरुरी

दही हांडी उत्सव के दौरान महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी गोविंदाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की। ठाणे के टेंभी नाका में आयोजित दही हांडी समारोह में उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड बनाने के लिए ऊंचे मानव पिरामिड बनाने से ज्यादा जरूरी प्रतिभागियों की सुरक्षा है।

उन्होंने गोविंदाओं से अपील करते हुए कहा कि मटकी जरूर फोड़ें, लेकिन अपनी जान जोखिम में डालकर नहीं। उन्होंने याद दिलाया कि हर गोविंदा के परिवार वाले घर पर उसका इंतजार कर रहे हैं। शिंदे ने यह भी कहा कि प्रत्येक गोविंदा को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसके साथी घायल न हों।

दही हांडी को साहसिक खेल का दर्जा

एकनाथ शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने दही हांडी को लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार ने दही हांडी को साहसिक खेल का दर्जा देने, सार्वजनिक अवकाश घोषित करने और प्रतिभागियों के लिए सरकार समर्थित बीमा कवरेज उपलब्ध कराने जैसे फैसले लिए हैं।

इसके अलावा पारंपरिक दही हांडी को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से ‘प्रो गोविंदा’ जैसे आयोजन भी शुरू किए गए हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के मौके पर मनाया जाने वाला दही हांडी उत्सव महाराष्ट्र की लोकप्रिय परंपराओं में शामिल है। हर साल हजारों गोविंदा पथक इस उत्सव में हिस्सा लेते हैं।

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