मुंबई के लिए BMC का मेगा प्लान: 2 घंटे का सफर सिर्फ 20 मिनट में! क्या है 60 km लंबी यह परियोजना

मुंबई के लिए BMC का मेगा प्लान: 2 घंटे का सफर सिर्फ 20 मिनट में! क्या है 60 km लंबी यह परियोजना

Coastal Road North Update: मुंबईकरों के लिए एक बेहद राहतभरी और बड़ी खबर सामने आई है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने महत्वाकांक्षी परियोजना मुंबई कोस्टल रोड (उत्तर) पर काम शुरू किया है। इस परियोजना के जरिए मुंबई के पूरे तटीय पट्टी को आपस में जोड़ा जाएगा, जिससे अंधेरी के वर्सोवा से ठाणे जिले के भायंदर तक की आवाजाही पूरी तरह बदल जाएगी। कोस्टल रोड नार्थ से बिना ट्रैफिक में फंसे वर्सोवा से भायंदर तक का सफर बेहद कम समय में पूरा किया जा सकेगा। इस मेगा प्रोजेक्ट की कुल लंबाई इंटरचेंज और कनेक्टिंग रोड समेत करीब 60 किलोमीटर होगी। परियोजना पूरी होने के बाद वर्सोवा से भायंदर के बीच यात्रा का समय मौजूदा 90 से 120 मिनट से घटकर सिर्फ 20 मिनट तक रह जाने की उम्मीद है।

सात अलग-अलग चरणों (पैकेज) में पूरा होगा प्रोजेक्ट

मुंबई कोस्टल रोड (उत्तर) परियोजना को कुल सात पैकेजों में बांटा गया है। इसमें ए, बी, सी, डी, ई, एफ और दहिसर-भायंदर लिंक रोड (DBLR) शामिल हैं। इस पूरे प्रोजेक्ट में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका उद्देश्य मुंबई के पश्चिमी और उत्तरी तटीय इलाकों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करना और लोगों को तेज एवं सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।

डबल एलिवेटेड रोड से ट्विन टनल तक, क्या-क्या बनेगा?

मुंबई कोस्टल रोड (उत्तर) परियोजना में कई अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किए जाएंगे। इनमें डबल एलिवेटेड रोड, मैंग्रोव को नुकसान से बचाने के लिए खंभों पर विशेष सड़कें तैयार की जाएंगी। समुद्री और खाड़ी क्षेत्रों को पार करने के लिए 2 बड़े केबल आधारित पुल और 4 बास्केट ब्रिज बनाए जाएंगे।

इसके अलावा करीब 15 मीटर व्यास वाली दो ट्विन टनल बनाई जाएंगी। वाहनों के आसान प्रवेश और निकास के लिए परियोजना में कुल 10 इंटरचेंज भी प्रस्तावित हैं। इन सुविधाओं के जरिए यातायात को ज्यादा व्यवस्थित, तेज और सुरक्षित बनाने की कोशिश की जाएगी।

मुंबईकरों को क्या होगा फायदा?

मुंबई कोस्टल रोड (उत्तर) को शहर के भविष्य के परिवहन नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा यात्रा के समय में भारी कमी होगी। वर्सोवा और भयंदर के बीच की यात्रा, जिसमें अभी 90 से 120 मिनट लगते हैं, वह घटकर लगभग 15 से 20 मिनट हो सकती है। इससे रोजाना सफर करने वाले हजारों लोगों का काफी समय बचेगा। ट्रैफिक का झंझट खत्म होने से ईंधन की खपत भी कम होगी। साथ ही, मुंबई के अलग-अलग तटीय इलाकों और उसके उपनगरों के बीच कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।

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