बाराबंकी में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिलेभर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए व्यापक अभियान चलाया। टीम ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय निगरी और जहांगीराबाद एजुकेशनल ट्रस्ट की मेस एवं कैंटीन का निरीक्षण किया। इस दौरान फूड सेफ्टी ऑन व्हील लैब के जरिए मौके पर ही 27 खाद्य पदार्थों की त्वरित जांच की गई। जांच के दौरान लाल मिर्च पाउडर मानकों के विपरीत पाया गया। अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए इसे तत्काल नष्ट करा दिया। वहीं जहांगीराबाद एजुकेशनल ट्रस्ट की मेस में भी कई कमियां मिलीं। विभाग ने मेस संचालक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। विभागीय टीम ने टिकैतनगर और बदोसराय क्षेत्र में भी खाद्य पदार्थों की जांच की। यहां से फ्रोजन डेजर्ट और आइसकैंडी के नमूने लिए गए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय ओबरी में मध्यान्ह भोजन के लिए इस्तेमाल होने वाली सब्जी और सरसों तेल के नमूने भी संग्रहित किए गए। इनकी गुणवत्ता की जांच प्रयोगशाला में कराई जाएगी। शहर के कैफे और बेकरी प्रतिष्ठानों का निरीक्षण खाद्य सुरक्षा टीम ने शहर स्थित ग्लोब कैफे, ग्लोब कैफे एंड बेकर्स और द पेस्ट्री पैलेस का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को लेकर संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग की ओर से पहले पकड़ी गई मिलावटी चायपत्ती की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट भी सामने आ गई है। रिपोर्ट में चायपत्ती में सिंथेटिक रंग की पुष्टि हुई है। जांच में इसे मानव उपभोग के लिए असुरक्षित घोषित किया गया है। आरोपी पर एफआईआर, कोर्ट में परिवाद की तैयारी खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, मिलावटी चायपत्ती के मामले में आरोपी के खिलाफ एफआईआर पहले ही दर्ज की जा चुकी है। अब न्यायालय में परिवाद दाखिल करने की प्रक्रिया चल रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ जांच और कार्रवाई का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

