ओडिशा से मिर्च लेकर उत्तर प्रदेश जा रहे टाटा आईसर मिनी ट्रक में छिपाकर रखा गया 440.63 किलो गांजा जशपुर पुलिस ने लावाकेरा चेकिंग बैरियर पर पकड़ा है। तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए ट्रक के ऊपर मिर्च से भरी बोरियां रखी थीं, जबकि गांजे के पैकेट उनके नीचे छिपाए गए थे। जांच के दौरान पुलिस ने 14 बोरियों से 440 पैकेट गांजा बरामद किया। गांजे की कीमत करीब 2 करोड़ 20 लाख 31 हजार 500 रुपए आंकी गई है। तस्करी में इस्तेमाल टाटा आईसर मिनी ट्रक की कीमत करीब 20 लाख रुपए है। पुलिस ने गांजा और वाहन समेत कुल 2 करोड़ 40 लाख 31 हजार 500 रुपए का माल जब्त किया है। लावाकेरा बैरियर पर तलाशी में खुला राज कार्रवाई 2 अक्टूबर की सुबह करीब 9 बजे एंटी नारकोटिक्स टीम और तपकरा पुलिस की संयुक्त टीम ने की। ओडिशा की ओर से आने वाले संदिग्ध वाहनों की जांच के दौरान पुलिस ने टाटा आईसर मिनी ट्रक क्रमांक UP-71-T-6592 को रोका। ट्रक में सवार दो युवकों से पूछताछ करने पर उन्होंने अपना नाम मो. वसीम (28) और मो. आसिफ (34) बताया। दोनों मुंडेरा, थाना ढूंमनगंज, जिला प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। ऊपर मिर्च की बोरियां, नीचे छिपा था गांजा पुलिस के मुताबिक, ट्रक में लदे सामान के बारे में पूछने पर दोनों ने बताया कि इसमें मिर्च की बोरियां हैं, जिन्हें ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा है। पुलिस को संदेह होने पर ट्रक की बारीकी से जांच की गई। ऊपरी हिस्से में मिर्च से भरी बोरियां मिलीं। पुलिस टीम ने उन्हें एक-एक कर हटाया तो नीचे रखी अन्य बोरियां दिखाई दीं। जांच करने पर उनमें टेप से लिपटे पैकेट मिले। पैकेट खोलकर देखने पर गांजा मिला। इस तरह मिर्च की आड़ में गांजा छिपाकर ले जाने की तस्करी सामने आई। 14 बोरियों में मिले 440 पैकेट गवाहों की मौजूदगी में पुलिस ने पूरे सामान की जांच की। कुल 14 बोरियों से 440 पैकेट बरामद हुए। वजन करने पर इनमें 440.63 किलो गांजा निकला। आरोपियों से गांजे के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर गांजा और तस्करी में इस्तेमाल मिनी ट्रक जब्त कर लिया। ओडिशा से प्रयागराज ले जाने की बात सामने आई प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे ओडिशा के बोध क्षेत्र से गांजा लेकर प्रयागराज जा रहे थे। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा किससे खरीदा गया था और प्रयागराज में इसे किसके पास पहुंचाया जाना था। पुलिस तस्करी के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। गांजा सप्लाई करने वाले से लेकर उत्तर प्रदेश में इसे प्राप्त करने वाले व्यक्ति तक की जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। दोनों आरोपियों के खिलाफ तपकरा थाने में धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। ऑपरेशन आघात के तहत जनवरी से अब तक 1906 किलो गांजा जब्त जशपुर पुलिस के अनुसार, नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन आघात के तहत जनवरी 2026 से अब तक गांजा तस्करी के 16 मामलों में करीब 8 करोड़ रुपए कीमत का 1906 किलो गांजा बरामद किया जा चुका है। इन मामलों में 22 तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। तस्करी में इस्तेमाल 17 कार और एक पिकअप वाहन भी जब्त किए गए हैं। SSP बोले- पूरे नेटवर्क तक पहुंचना लक्ष्य जशपुर एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि ऑपरेशन आघात के तहत पुलिस लगातार नशे के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। लावाकेरा चेकिंग बैरियर पर टीम की सतर्कता और बेहतर समन्वय से मिर्च की बोरियों के नीचे छिपाकर ले जाया जा रहा 440.63 किलो गांजा पकड़ा गया। उन्होंने बताया कि मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ तस्करी में इस्तेमाल वाहन भी जब्त किया गया है। पुलिस अब गांजा कहां से खरीदा गया, इसके पीछे कौन लोग हैं और इसे उत्तर प्रदेश में किस तक पहुंचाया जाना था, इन सभी बिंदुओं की जांच कर रही है। तस्करी में संलिप्त पाए जाने वाले अन्य लोगों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

