मिर्जापुर में संत नगर थाना क्षेत्र में मिनी बैंक संचालकों पर करीब 500 ग्रामीणों के बैंक खातों से धोखाधड़ी कर लाखों की रकम निकालने का आरोप लगाया गया है। जिला मुख्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को प्रार्थनापत्र देकर मामले में एफआईआर दर्ज कराकर जांच और रकम वापस कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता आरती ने 35,525 तथा गुरु कोल ने 40 , विष्णु ने 15, राजकुमारी 27, मंजू 30 एवं शिवलाल ने 27 हजार रुपए निकाले जाने का आरोप लगाया है। आरती देवी के अनुसार उनका भारतीय स्टेट बैंक का बचत खाता ग्राहक सेवा केंद्र/मिनी बैंक के माध्यम से संचालित था। आरोप है कि मिनी बैंक संचालक प्रकाश गिरी और उनके सहयोगी बच्चन मौर्य व राजेश मौर्य अनपढ़ ग्रामीणों के खातों का संचालन करते थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि खाताधारकों की जानकारी के बिना पासबुक में प्रविष्टियां कराकर, अंगूठा लगवाकर अथवा अन्य तरीकों से खातों से रकम निकाली जाती थी। उन्होंने बताया कि बरकछा स्थित एसबीआई शाखा में खाता चेक कराने पर खाते में रकम नहीं मिली। 16 और 18 जुलाई 2026 को रकम मांगने पर कथित तौर पर धमकी देकर भगा दिया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में करीब 500 खाताधारक इस तरह की कथित धोखाधड़ी से प्रभावित हैं। बैंक स्टेटमेंट और लेन-देन का मिलान कर जांच कराने की मांग की गई है। आवेदन में प्रकाश गिरी के ग्राम प्रधान पद पर होने का उल्लेख करते हुए शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पद का प्रभाव इस्तेमाल कर जांच को प्रभावित करने और शिकायतकर्ताओं पर दबाव बनाने का प्रयास किया जाता है। पुराने मिनी बैंक के बंद होने के बाद दूसरी जगह से बैंकिंग कार्य जारी रखने का भी आरोप लगाया गया है। आरती देवी ने डीएम-एसपी से प्रकाश गिरी, बच्चन मौर्य और राजेश मौर्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने, सभी संबंधित खातों का स्टेटमेंट मंगाकर लेन-देन की गहन जांच कराने और प्रभावित खाताधारकों की रकम वापस दिलाने की मांग की है। साथ ही नई जगह संचालित मिनी बैंक की जांच और मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग की हैं।

