मिजोरम के Chinmay Sutar ने Ranji Trophy में नाबाद 400 रन बनाकर रचा इतिहास

मिजोरम के Chinmay Sutar ने Ranji Trophy में नाबाद 400 रन बनाकर रचा इतिहास

भारतीय घरेलू क्रिकेट में मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने उन्हें रणजी ट्रॉफी के इतिहास में खास जगह दिला दी है। 29 साल के सुतार ने नागालैंड के खिलाफ नाबाद 400 रन बनाकर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में चौहरा शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया है। खास बात यह है कि वह अपना केवल दूसरा प्रथम श्रेणी मुकाबला खेल रहे हैं।

सोविमा में रणजी ट्रॉफी के प्लेट लीग मुकाबले में सुतार ने अपनी शानदार पारी के दौरान पृथ्वी शॉ के 379 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इस प्रदर्शन के साथ वह रणजी ट्रॉफी के इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। चाय के समय वह 392 रन बनाकर नाबाद थे। इसके बाद उन्होंने 155वें ओवर में अपना चौहरा शतक पूरा किया। मिजोरम ने 9 विकेट पर 581 रन बनाकर अपनी पारी घोषित कर दी।

सुतार ने अपनी इस ऐतिहासिक पारी में आखिरी विकेट के लिए लालरेमपुनिया छकछुआक के साथ नाबाद 190 रन की साझेदारी भी की। रणजी ट्रॉफी में आखिरी विकेट के लिए यह तीसरी सबसे बड़ी साझेदारी है। इस जोड़ी ने 1991-92 के सत्र में दिल्ली की ओर से मुंबई के खिलाफ अजय शर्मा और मनिंदर सिंह के बीच हुई 233 रन की साझेदारी का रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिश की, लेकिन उससे 43 रन पीछे रह गई। अजय शर्मा ने उस मुकाबले में 259 और मनिंदर सिंह ने 78 रन बनाए थे।

गौरतलब है कि रणजी ट्रॉफी में किसी एक बल्लेबाज का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने का रिकॉर्ड अब भी महाराष्ट्र के बीबी निंबालकर के नाम है। उन्होंने 1948-49 के सत्र में काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन बनाए थे। सुतार इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड के काफी करीब पहुंच गए थे, लेकिन 400 रन पर नाबाद रहते हुए उनकी टीम ने पारी घोषित कर दी।

सुतार का घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन पिछले कुछ समय से लगातार बेहतर रहा है। इसी साल उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई की ओर से खेला था। स्थानीय क्रिकेट प्रतियोगिताओं में अच्छे प्रदर्शन के बाद उन्हें यह मौका मिला था। जून में मुंबई टी20 लीग के दौरान उन्होंने एमएससी मराठा रॉयल्स को लगातार दूसरी बार खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने टूर्नामेंट के आखिरी दो मुकाबलों में लगातार अर्धशतक लगाए और 6 पारियों में 212 रन बनाए। इस दौरान उनका रन बनाने का औसत नहीं, बल्कि स्ट्राइक रेट लगभग 120 रहा।

2026-27 सत्र शुरू होने से पहले सुतार ने मुंबई क्रिकेट संघ से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर मिजोरम की टीम का रुख किया। उन्होंने पिछले सप्ताह मणिपुर के खिलाफ मुकाबले में मिजोरम के लिए रणजी ट्रॉफी में पदार्पण किया था। उस मैच में उन्होंने पहली पारी में 35 और दूसरी पारी में 99 रन बनाए, लेकिन उनकी टीम 3 विकेट से हार गई। मिजोरम पहली पारी में 68 रन से पिछड़ने के बाद मुकाबले में वापस लौटी थी, जिसमें सुतार की दूसरी पारी का बड़ा योगदान रहा। अब नागालैंड के खिलाफ 400 रन की नाबाद पारी के साथ उन्होंने अपनी बल्लेबाजी क्षमता साबित की है और घरेलू क्रिकेट में आगे बढ़ने की मजबूत उम्मीद जगाई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *