बरनाला जिले के गांव सेखा में 25 वर्षीय युवक गुरदीप सिंह की गुमशुदगी की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गुरदीप का कातिल कोई और नहीं, बल्कि उसका अपना फुफेरा भाई जगदेव सिंह उर्फ देबी ही निकला। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरदीप सिंह गत 16 अक्टूबर की शाम को गांव लौटते समय अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिजनों द्वारा काफी तलाश करने के बाद जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने नगर थाना-2 की पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर छानबीन शुरू की, जिसके बाद पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ। चलती गाड़ी में घोंटा गला, नहर किनारे फेंका शव मुख्य आरोपी जगदेव सिंह उर्फ देबी से जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसने अपने साथियों परविंदर सिंह, नीसू और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर चलती गाड़ी के अंदर गुरदीप का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को शहणा नहर के पास फेंक दिया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी की निशानदेही पर शहणा नहर के किनारे से गुरदीप का शव बरामद कर लिया है और उसे कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवा दिया है। अवैध संबंधों पर आपत्ति बनी हत्या की वजह गांव में चर्चा है कि आरोपी जगदेव सिंह के किसी महिला के साथ अवैध संबंध थे, जिस पर गुरदीप सिंह लगातार आपत्ति जताता था और उसे ऐसा करने से रोकता था। इसी बात को लेकर आरोपी उससे रंजिश रखने लगा था और उसे रास्ते से हटाने के लिए अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की यह खौफनाक साजिश रच डाली। पुलिस की कार्रवाई व छापेमारी जारी पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता जगदेव सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। मामले के अन्य नामजद आरोपियों—परविंदर सिंह, नीसू और उनके अन्य साथियों के खिलाफ हत्या (IPC/BNS) और साक्ष्य मिटाने की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

