मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में सोमवार देर शाम कलानौर में एक विशाल कैंडल मार्च निकाला गया। जम्हूरी किसान सभा महिला विंग (ब्लॉक कलानौर) के बैनर तले आयोजित इस मार्च में बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों ने हिस्सा लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर कलानौर के मुख्य बाजारों और विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए परविंदर झोटा को श्रद्धांजलि दी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। महिला नेताओं के नेतृत्व में हुआ प्रदर्शन इस कैंडल मार्च का नेतृत्व महिला विंग की ब्लॉक प्रधान सरबजीत कौर गुराया, कवलजीत कौर और परमजीत कौर ने किया। नेत्रियों ने बताया कि मानसा में नशे के खिलाफ निडरता से आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की नृशंस हत्या के बाद पंजाब भर के जन-संगठनों के आह्वान पर यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया है। ‘सरकार की नाकामी और पुलिस-तस्कर सांठगांठ का नतीजा’ प्रदर्शन को संबोधित करते हुए किसान और महिला नेत्रियों ने राज्य सरकार पर तीखे हमले बोले। नेताओं ने कहा कि परविंदर झोटा की हत्या राज्य सरकार की प्रशासनिक नाकामी को दर्शाती है। आरोप लगाया गया कि पंजाब में नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को डराया और चुप कराया जा रहा है। महिला नेत्रियों ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशा तस्करों, पुलिस प्रशासन और सत्ताधारी नेताओं के बीच कथित सांठगांठ के कारण ही तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि झोटा की हत्या में शामिल सभी मुख्य आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और राज्य में नशे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

