गुरुग्राम में 100 एमएलडी की छठी ट्रीटमेंट यूनिट:हाई-पावर परचेज कमेटी बैठक में मुख्यमंत्री की मंजूरी, द्वारका एक्सप्रेसवे की सोसायटियों को फायदा

गुरुग्राम में 100 एमएलडी की छठी ट्रीटमेंट यूनिट:हाई-पावर परचेज कमेटी बैठक में मुख्यमंत्री की मंजूरी, द्वारका एक्सप्रेसवे की सोसायटियों को फायदा

गुरुग्राम में पानी की मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई हाईपावर वर्क्स परचेज कमेटी ने चंदू बुढ़ेडा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में 100 एमएलडी क्षमता की छठी ट्रीटमेंट यूनिट के टेंडर को मंजूरी दे दी है। इस नई यूनिट से द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ लगते सेक्टर 81 से 115 की सोसायटियों के करीब पांच लाख लोगों को सीधा फायदा पहुंचेगा। नई यूनिट चंदू बुढ़ेडा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट परिसर में 15 एकड़ भूमि पर स्थापित की जाएगी। परियोजना में पानी के स्टोरेज के लिए क्लियर वाटर रिजर्वायर, कच्चे और शोधित पानी की पंपिंग व्यवस्था तथा स्लज को मशीनों से सुखाने की सुविधा भी विकसित की जाएगी। कंट्रोल एंड डाटा एक्विजिशन नेटवर्क से जोड़ा जाएगा इस यूनिट को जीएमडीए के सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्विजिशन (एससीएडीए) नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे प्लांट की कार्यप्रणाली की ऑटोमैटिक मॉनिटरिंग और संचालन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। परियोजना का काम आवंटन के 24 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अभी दो प्लांट से 770 एमएलडी पानी की आपूर्ति जीएमडीए वर्तमान में चंदू बुढ़ेडा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से लगभग 500 एमएलडी और बसई प्लांट से 270 एमएलडी पानी की आपूर्ति कर रहा है। दोनों प्लांट से कुल 770 एमएलडी पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। चंदू बुढ़ेडा में छठी यूनिट शुरू होने के बाद वहां की ट्रीटमेंट क्षमता में 100 एमएलडी की और वृद्धि होगी। इससे बढ़ती आबादी और शहरीकरण के बीच भविष्य की जलापूर्ति जरूरतों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी। 2051 तक पानी की संभावित मांग का आकलन जीएमडीए की लंबे समय तक की योजना के तहत शहर में वर्ष 2051 तक पानी की संभावित मांग का आकलन किया जा रहा है। इसके आधार पर जलापूर्ति से जुड़े जरूरी प्रोजेक्ट और क्षमता विस्तार की योजना बनाई जा रही हैं , ताकि शहर के मौजूदा और नए सेक्टरों में लोगों की जरूरतों के अनुरूप बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा सकें।

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