महेंद्रगढ़ जिले में सरसों की खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए नई पहल शुरू हुई है। कृषि विज्ञान केंद्र, महेंद्रगढ़ की ओर से किसानों के खेतों में ग्रीन अमोनिया के प्रदर्शन लगाए हैं। यह यूरिया का एक विकल्प है। शनिवार को विधायक कंवर सिंह यादव ने पालड़ी पनिहारा गांव के खेतों में पहुंचकर इन प्रदर्शनों का जायजा लिया। उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर)-मृदा विज्ञान संस्थान, भोपाल और कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों से बात की। विधायक ने ग्रीन अमोनिया की उपयोगिता, सरसों में नाइट्रोजन की पूर्ति और किसानों को होने वाले संभावित फायदों पर जानकारी ली। विधायक यादव ने कृषि में नई तकनीकों को जरूरी बताया, जिनसे खेती की लागत कम हो और उत्पादन बढ़े। परियोजना प्रभारी डॉ. राजपाल यादव और सह-प्रभारी डॉ. नरेंद्र यादव ने बताया कि जिले में लगभग 300 एकड़ में ग्रीन अमोनिया के प्रदर्शन स्थापित होंगे। इनसे ग्रीन अमोनिया की क्षमता और फसल पर इसके असर का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाएगा। का आकलन करने में मदद मिलेगी। भोपाल के वैज्ञानिकों ने भी किया तकनीकी मूल्यांकन परियोजना की निगरानी और तकनीकी मूल्यांकन के लिए आईसीएआर-भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान,भोपाल से आए वैज्ञानिक डॉ. जितेंद्र कुमार एवं डॉ. दिनेश यादव ने कृषि विज्ञान केंद्र,महेंद्रगढ़ के वैज्ञानिकों के साथ विचार-विमर्श किया। इस दौरान खेतों में स्थापित किए जाने वाले प्रदर्शनों की तकनीकी प्रक्रिया,परियोजना की प्रगति तथा प्राप्त होने वाले परिणामों के वैज्ञानिक मूल्यांकन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार एवं डॉ. आशीष शिवरान,पालड़ी पनिहारा के सरपंच विधि प्रकाश,प्रगतिशील किसान गजराज,संजय कुमार सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।
,कृषि वैज्ञानिकों से किया संवाद

