पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर के संध्या आरती के समय में बदलाव किया गया है। अब श्रद्धालु प्रतिदिन शाम 7:30 बजे संध्या आरती में शामिल हो सकेंगे। फिलहाल मंदिर में संध्या आरती रात 8 बजे होती है। 26 अक्टूबर से नई व्यवस्था लागू होगी जिसके तहत आरती आधे घंटे पहले शुरू होगी। महावीर मंदिर प्रबंधन के अनुसार, नई व्यवस्था के तहत सुबह की आरती पहले की तरह सुबह 5 बजे और दोपहर की आरती पूर्वाह्न 11 बजे होगी। सिर्फ संध्या आरती का समय शाम 8 बजे से बदलकर 7:30 बजे किया गया है। हर साल दुर्गापूजा के बाद बदलता है समय श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल के अनुसार, मंदिर में हर साल दुर्गापूजा के बाद आश्विन पूर्णिमा से संध्या आरती के समय में बदलाव किया जाता है। इस वर्ष भी इसी परंपरा के अनुसार नई समय-सारणी लागू की जा रही है। उन्होंने बताया कि संध्या आरती के अलावा मंदिर में होने वाली अन्य आरतियों के समय में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। श्रद्धालुओं से नई समय-सारणी के अनुसार आने की अपील मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से आरती के बदले हुए समय का ध्यान रखने की अपील की है। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे नई समय-सारणी के अनुसार अपनी पूजा-अर्चना की योजना बनाएं, ताकि निर्धारित समय पर पहुंचकर संध्या आरती और भगवान के दर्शन का लाभ ले सकें। पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर के संध्या आरती के समय में बदलाव किया गया है। अब श्रद्धालु प्रतिदिन शाम 7:30 बजे संध्या आरती में शामिल हो सकेंगे। फिलहाल मंदिर में संध्या आरती रात 8 बजे होती है। 26 अक्टूबर से नई व्यवस्था लागू होगी जिसके तहत आरती आधे घंटे पहले शुरू होगी। महावीर मंदिर प्रबंधन के अनुसार, नई व्यवस्था के तहत सुबह की आरती पहले की तरह सुबह 5 बजे और दोपहर की आरती पूर्वाह्न 11 बजे होगी। सिर्फ संध्या आरती का समय शाम 8 बजे से बदलकर 7:30 बजे किया गया है। हर साल दुर्गापूजा के बाद बदलता है समय श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल के अनुसार, मंदिर में हर साल दुर्गापूजा के बाद आश्विन पूर्णिमा से संध्या आरती के समय में बदलाव किया जाता है। इस वर्ष भी इसी परंपरा के अनुसार नई समय-सारणी लागू की जा रही है। उन्होंने बताया कि संध्या आरती के अलावा मंदिर में होने वाली अन्य आरतियों के समय में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। श्रद्धालुओं से नई समय-सारणी के अनुसार आने की अपील मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से आरती के बदले हुए समय का ध्यान रखने की अपील की है। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे नई समय-सारणी के अनुसार अपनी पूजा-अर्चना की योजना बनाएं, ताकि निर्धारित समय पर पहुंचकर संध्या आरती और भगवान के दर्शन का लाभ ले सकें।

