मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर महाराष्ट्र में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना नेता शाइना एनसी ने विपक्ष के ‘चलो दिल्ली’ मार्च पर सवाल उठाते हुए कहा कि महाभियोग की प्रक्रिया सड़क पर नहीं, बल्कि संसद में पूरी होती है। अगर विपक्ष वास्तव में इस मुद्दे को लेकर गंभीर है तो उसे संसद में आकर चर्चा करनी चाहिए।
शाइना एनसी ने खास तौर पर दिवाली के दौरान प्रदर्शन आयोजित करने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन से आम नागरिकों और व्यापारियों को परेशानी हो सकती है। उनके मुताबिक, दिवाली के समय व्यापारियों को करीब 10 हजार करोड़ रुपये तक का नुकसान होने की आशंका है।
‘महाभियोग जनता नहीं, संसद में होता है’
शाइना एनसी ने कहा, ”महाभियोग जनता नहीं करती, यह संसद में होता है। अगर विपक्ष गंभीर है तो उसे पहले संसद में आकर इस मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए। सड़कों पर उतरकर आम जनता को परेशान करने का कोई औचित्य नहीं है। वह भी दिवाली जैसे त्योहार के समय।”
उन्होंने INDIA गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के पास अब जनता के लिए कोई ठोस योगदान नहीं बचा है। कभी चुनाव आयोग, कभी ईवीएम, कभी सुप्रीम कोर्ट तो कभी प्रधानमंत्री को निशाना बनाया जाता है। अब उनके प्रदर्शन के कारण नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शाइना एनसी ने कहा कि दिवाली के दौरान व्यापारियों के लिए कारोबार का महत्वपूर्ण समय होता है। ऐसे में विरोध प्रदर्शन के कारण बाजार और व्यापार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि व्यापारियों को 10 हजार करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है।
राहुल गांधी ने किया ‘चलो दिल्ली’ मार्च का ऐलान
दरअसल, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर 1 नवंबर को ‘चलो दिल्ली’ मार्च में शामिल होने की अपील की थी।
राहुल गांधी ने मार्च का कार्यक्रम साझा करते हुए लिखा कि 1 नवंबर को दोपहर 12 बजे मिंटो रोड-Connaught Place जंक्शन से अजमेरी गेट होते हुए रामलीला मैदान तक मार्च निकाला जाएगा। इस मार्च के बाद रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की बड़ी रैली आयोजित की जाएगी।
इस रैली का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध दर्ज कराना है। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया है और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है।
मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली रैली के लिए अनुमति दी गई है, लेकिन कनॉट प्लेस-मिंटो रोड जंक्शन से रामलीला मैदान तक मार्च निकालने के लिए पुलिस से अलग से अनुमति नहीं मांगी गई है।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, नई दिल्ली और मध्य दिल्ली जिला पुलिस को प्रस्तावित मार्च के संबंध में कोई आधिकारिक सूचना या अनुमति आवेदन नहीं मिला था। हालांकि, रामलीला मैदान में रैली के आयोजन की अनुमति पहले से दी जा चुकी है।
रैली को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। मध्य दिल्ली और आसपास के इलाकों में पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों की तैनाती की जाएगी। भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
दिल्ली में 10 बजे से शाम 5 बजे तक ट्रैफिक प्रतिबंध
INDIA गठबंधन की रैली को देखते हुए 1 नवंबर को दिल्ली के कई इलाकों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहेंगे।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, आईटीओ, दिल्ली गेट, अजमेरी गेट, मिंटो रोड, बहादुर शाह जफर मार्ग, जवाहरलाल नेहरू मार्ग और बाराखंभा रोड समेत कई प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रभावित हो सकता है।
रैली के दौरान करीब 350 ट्रैफिक पुलिसकर्मी और 100 से अधिक होमगार्ड तैनात रहेंगे। इसके अलावा रामलीला मैदान और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए 3,000 से अधिक पुलिसकर्मियों तथा अर्धसैनिक बलों की तैनाती की योजना है।
दिल्ली पुलिस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा पहले से प्लान करें और संभव हो तो मेट्रो का इस्तेमाल करें। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को भी अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है।

