महाअष्टमी पर मंदिरों में उमड़ी भीड़ आज कन्या पूजन व हवन की तैयारी

महाअष्टमी पर मंदिरों में उमड़ी भीड़ आज कन्या पूजन व हवन की तैयारी

चकिया| शारदीय नवरात्र के आठवें दिन रविवार को मां महागौरी की पूजा-अर्चना के साथ पूजा पंडालों और मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। महिलाओं ने व्रत रखकर मां का खोइंछा भरा। शहर के रेलवे स्टेशन परिसर, बलखाना माई मंदिर, साहेबगंज रोड, मारवाड़ी धर्मशाला और मोतिहारी रोड सहित विभिन्न स्थानों पर आकर्षक पंडाल और तोरण द्वार बनाए गए हैं। सिद्धपीठ के रूप में प्रसिद्ध मां बउधी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। समिति के सदस्यों के अनुसार, वर्ष 1965 से मंदिर परिसर में ही पूजा का आयोजन किया जा रहा है, जहां दूर-दराज से लोग मन्नत मांगने पहुंचते हैं। इसके अलावा, रेलवे स्टेशन परिसर में विशेष तकनीक से घूमती हुई मां दुर्गा और असुर की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रशासन ने सभी पूजा पंडालों में पुरुष व महिला पुलिसकर्मियों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में चौकीदारों की तैनाती की है, ताकि शांति और व्यवस्था बनी रहे। सिटी रिपोर्टर | मोतिहारी शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर मंदिरों में मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मंदिरों में पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं ने मां की आराधना की। महिलाओं ने मां दुर्गा का खोइंछा भरा। जबकि पुरूषों ने नारियल फोड़ा। अब नवरात्र के अंतिम दो दिनों में नवमी पर कन्या पूजन और हवन की तैयारी है। नवरात्र के नौवें दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा होगी। नवमी पर हलवा, पूड़ी, चना और अन्य पकवान बनाकर देवी को भोग लगाने की परंपरा भी प्रचलित है। बिहार के अनेक परिवारों में कन्या पूजन को नवरात्र की साधना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसमें छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनके पैर धोए जाते हैं, तिलक लगाया जाता है और भोजन कराया जाता है। इसके बाद सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा या उपहार देकर उनका आशीर्वाद लिया जाता है। कई परिवारों में नौ कन्याओं के साथ एक बालक को भी भोजन कराने की परंपरा है, जिसे भैरव स्वरूप से जोड़ा जाता है। हालांकि, कन्याओं की संख्या और पूजन की विधि हर परिवार में एक जैसी नहीं होती। चकिया| शारदीय नवरात्र के आठवें दिन रविवार को मां महागौरी की पूजा-अर्चना के साथ पूजा पंडालों और मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। महिलाओं ने व्रत रखकर मां का खोइंछा भरा। शहर के रेलवे स्टेशन परिसर, बलखाना माई मंदिर, साहेबगंज रोड, मारवाड़ी धर्मशाला और मोतिहारी रोड सहित विभिन्न स्थानों पर आकर्षक पंडाल और तोरण द्वार बनाए गए हैं। सिद्धपीठ के रूप में प्रसिद्ध मां बउधी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। समिति के सदस्यों के अनुसार, वर्ष 1965 से मंदिर परिसर में ही पूजा का आयोजन किया जा रहा है, जहां दूर-दराज से लोग मन्नत मांगने पहुंचते हैं। इसके अलावा, रेलवे स्टेशन परिसर में विशेष तकनीक से घूमती हुई मां दुर्गा और असुर की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रशासन ने सभी पूजा पंडालों में पुरुष व महिला पुलिसकर्मियों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में चौकीदारों की तैनाती की है, ताकि शांति और व्यवस्था बनी रहे। सिटी रिपोर्टर | मोतिहारी शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर मंदिरों में मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मंदिरों में पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं ने मां की आराधना की। महिलाओं ने मां दुर्गा का खोइंछा भरा। जबकि पुरूषों ने नारियल फोड़ा। अब नवरात्र के अंतिम दो दिनों में नवमी पर कन्या पूजन और हवन की तैयारी है। नवरात्र के नौवें दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा होगी। नवमी पर हलवा, पूड़ी, चना और अन्य पकवान बनाकर देवी को भोग लगाने की परंपरा भी प्रचलित है। बिहार के अनेक परिवारों में कन्या पूजन को नवरात्र की साधना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसमें छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनके पैर धोए जाते हैं, तिलक लगाया जाता है और भोजन कराया जाता है। इसके बाद सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा या उपहार देकर उनका आशीर्वाद लिया जाता है। कई परिवारों में नौ कन्याओं के साथ एक बालक को भी भोजन कराने की परंपरा है, जिसे भैरव स्वरूप से जोड़ा जाता है। हालांकि, कन्याओं की संख्या और पूजन की विधि हर परिवार में एक जैसी नहीं होती।  

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