Maratha Reservation Andolan: मराठा आरक्षण के लिए कई वर्षों से संघर्ष कर रहे मनोज जरांगे पाटील आज एक बार फिर आमरण अनशन पर बैठने जा रहे हैं। शनिवार से अंतरवाली सराटी में उनके 11वें आमरण अनशन की शुरुआत होगी। सुबह 10 बजे पत्रकार वार्ता करने के बाद जरांगे अनशन शुरू करेंगे। आंदोलन को देखते हुए पुलिस ने शुक्रवार रात उन्हें कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आंदोलन के दौरान नियमों का पालन करने को लेकर नोटिस भी जारी किया है।
मनोज जरांगे के गांव अंतरवाली सराटी में आंदोलन के लिए बड़े मंडप की व्यवस्था की गई है। भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। जरांगे पाटील ने साफ किया है कि आंदोलन की शुरुआत अंतरवाली सराटी से ही होगी, जबकि मुंबई जाने का फैसला बाद में लिया जाएगा।
क्या हैं मनोज जरांगे की प्रमुख मांगें?
मनोज जरांगे ने मराठा समाज को कुनबी प्रमाणपत्र देने और इससे जुड़ी प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में शिंदे समिति द्वारा खोजी गई 58 लाख कुनबी रिकॉर्ड के आधार पर प्रमाणपत्र और उनकी वैधता तत्काल देने की मांग शामिल है। इसके अलावा हैदराबाद गजट में दर्ज रिकॉर्ड के आधार पर मराठवाड़ा के मराठा समाज को कुनबी प्रमाणपत्र और वैधता प्रमाणपत्र देने की मांग की गई है। इसके अलावा जरांगे ने सातारा और कोल्हापुर गजट के संबंध में शासनादेश जारी करने, औंध और बॉम्बे गजट के आधार पर भी जीआर जारी करने, मराठा आरक्षण आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को वापस लेने, मराठा समाज के लिए अलग कुनबी मंत्रालय बनाने की भी मांग की है।
राधाकृष्ण विखे पाटील पर बोला हमला
मनोज जरांगे ने भाजपा नेता व मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विखे पाटील ने सभी जिलाधिकारियों, तहसीलदारों और जाति वैधता प्रमाणपत्र समितियों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया था, ताकि प्रमाणपत्र जारी करने में आने वाली दिक्कतों को समझा जा सके। लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि उन्हें विखे पाटील से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की बात सुनकर मराठा समाज का नुकसान कर रहे हैं।
बावनकुले और संजय शिरसाट पर भी आरोप
मराठा कार्यकर्ता ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को लेकर कहा कि उन्होंने मराठा समाज को आरक्षण दिया है। हालांकि, उन्होंने राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट पर मराठा समाज का अहित करने का आरोप लगाया।
‘वर्षा’ के सामने आंदोलन की चेतावनी
मनोज जरांगे ने मुंबई में आंदोलन को लेकर भी बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल आंदोलन अंतरवाली सराटी में ही किया जाएगा और मुंबई जाने का फैसला बाद में लिया जाएगा। जरांगे ने कहा कि अगर मुंबई में आंदोलन करने की नौबत आती है तो इस बार आजाद मैदान के बजाय सीएम फडणवीस के सरकारी आवास ‘वर्षा’ के सामने अनशन किया जाएगा।

