बेगूसराय के सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर तृणमूल कांग्रेस की ओर से खड़े किए जा रहे सवालों पर गिरिराज सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी को गंगा किनारे जाकर प्रायश्चित करना चाहिए। ममता बनर्जी जाएं, सन्यास लें और गंगा के किनारे बालू और गंगाजल से अपने आप को शुद्ध करें। SIR को लेकर वह बेवजह का बखेड़ा खड़ा कर रही हैं। अवैध बांग्लादेशियों को भारत का वोटर बनाना चाहती थी। जिसका जवाब जनता ने उन्हें दिया है। ‘जो भारत के नागरिक नहीं थे, वैसे लोगों का नाम काटा गया है’ चुनाव आयोग के कदम का समर्थन करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि SIR के जरिए केवल उन्हीं लोगों के नाम हटाए गए हैं जो भारत के वैध नागरिक नहीं थे। SIR ने तो वही काम किया है कि बांग्लादेशियों को निकाला है। जो भारत के नागरिक नहीं थे, उन्हीं को हटाया गया है। अगर चुनाव आयोग SIR नहीं करता तो बांग्लादेशी वोटर बने रह जाते। ममता बनर्जी को तो चुनाव आयोग को धन्यवाद देना चाहिए। यह सीधी-सीधी ‘उल्टे चोर कोतवाल को डांटे’ वाली बात है। ममता बनर्जी को अब अपनी राजनीति और फैसलों पर प्रायश्चित करना चाहिए। राजनीति छोड़कर गंगा किनारे जाएं और प्रायश्चित करें। मेजर ध्यानचंद को नमन इस दौरान गिरिराज सिंह ने मेजर ध्यानचंद को भी नमन किया। उन्होंने कहा कि आज मेजर ध्यानचंद जी का जन्म दिवस है और भारत की सरकार खेल दिवस के रूप में मना रही है। ध्यानचंद आज के टेक्नोलॉजी के साथ हॉकी को नहीं, परंपरागत हॉकी को अर्जुन की तरह देखा। द्रोणाचार्य के शिष्यों में सिर्फ अर्जुन थे जो केवल मछली की आंख को देख रहे थे। उसी तरह से ध्यानचंद ने अपने हॉकी स्टिक और अपने मेहनत के बल पर कितनी ऊंचाई तक जाने का काम किया। आज उन्हीं के जन्म दिवस पर हम आज खेल दिवस के रूप में मना रहे हैं। भारत के प्रधानमंत्री को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने ध्यानचंद को सम्मानित करने का काम किया है। आज खेल पर 40 हजार करोड़ रुपया खर्च हो रहा है। खेल का बजट 270 गुना बढ़ गया। आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी बता दें, पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर सत्तारूढ़ TMC और भाजपा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। भाजपा जहां TMC पर वोट बैंक के लिए घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगा रही है, वहीं TMC इस प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है। बेगूसराय के सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर तृणमूल कांग्रेस की ओर से खड़े किए जा रहे सवालों पर गिरिराज सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी को गंगा किनारे जाकर प्रायश्चित करना चाहिए। ममता बनर्जी जाएं, सन्यास लें और गंगा के किनारे बालू और गंगाजल से अपने आप को शुद्ध करें। SIR को लेकर वह बेवजह का बखेड़ा खड़ा कर रही हैं। अवैध बांग्लादेशियों को भारत का वोटर बनाना चाहती थी। जिसका जवाब जनता ने उन्हें दिया है। ‘जो भारत के नागरिक नहीं थे, वैसे लोगों का नाम काटा गया है’ चुनाव आयोग के कदम का समर्थन करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि SIR के जरिए केवल उन्हीं लोगों के नाम हटाए गए हैं जो भारत के वैध नागरिक नहीं थे। SIR ने तो वही काम किया है कि बांग्लादेशियों को निकाला है। जो भारत के नागरिक नहीं थे, उन्हीं को हटाया गया है। अगर चुनाव आयोग SIR नहीं करता तो बांग्लादेशी वोटर बने रह जाते। ममता बनर्जी को तो चुनाव आयोग को धन्यवाद देना चाहिए। यह सीधी-सीधी ‘उल्टे चोर कोतवाल को डांटे’ वाली बात है। ममता बनर्जी को अब अपनी राजनीति और फैसलों पर प्रायश्चित करना चाहिए। राजनीति छोड़कर गंगा किनारे जाएं और प्रायश्चित करें। मेजर ध्यानचंद को नमन इस दौरान गिरिराज सिंह ने मेजर ध्यानचंद को भी नमन किया। उन्होंने कहा कि आज मेजर ध्यानचंद जी का जन्म दिवस है और भारत की सरकार खेल दिवस के रूप में मना रही है। ध्यानचंद आज के टेक्नोलॉजी के साथ हॉकी को नहीं, परंपरागत हॉकी को अर्जुन की तरह देखा। द्रोणाचार्य के शिष्यों में सिर्फ अर्जुन थे जो केवल मछली की आंख को देख रहे थे। उसी तरह से ध्यानचंद ने अपने हॉकी स्टिक और अपने मेहनत के बल पर कितनी ऊंचाई तक जाने का काम किया। आज उन्हीं के जन्म दिवस पर हम आज खेल दिवस के रूप में मना रहे हैं। भारत के प्रधानमंत्री को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने ध्यानचंद को सम्मानित करने का काम किया है। आज खेल पर 40 हजार करोड़ रुपया खर्च हो रहा है। खेल का बजट 270 गुना बढ़ गया। आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी बता दें, पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर सत्तारूढ़ TMC और भाजपा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। भाजपा जहां TMC पर वोट बैंक के लिए घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगा रही है, वहीं TMC इस प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है।

