मनेन्द्रगढ़ में पटवारी और तकनीकी सहायक हड़ताल पर:राजस्व और ग्रामीण विकास के काम पर असर, मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

मनेन्द्रगढ़ में पटवारी और तकनीकी सहायक हड़ताल पर:राजस्व और ग्रामीण विकास के काम पर असर, मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ में अपनी मांगों को लेकर पटवारी और तकनीकी सहायक कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं। पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं, वहीं तकनीकी सहायक कर्मचारी भी सांकेतिक हड़ताल कर रहे हैं। इससे राजस्व और ग्रामीण विकास से जुड़े सरकारी कामकाज पर असर पड़ने लगा है। पटवारी कलेक्टर कार्यालय के पास धरना देकर अपनी मांगें पूरी करने की मांग कर रहे हैं। चार मांगों को लेकर पटवारियों की हड़ताल पटवारी चार सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। उनकी प्रमुख मांगों में नए पीवी (PV) ऐप में काम करने का बहिष्कार करना और पर्याप्त प्रशिक्षण के बाद ही इसे लागू करना शामिल है। इसके अलावा पटवारियों ने राजस्व निरीक्षक के पद पर विभागीय पदोन्नति, वेतन विसंगति दूर करने और निलंबन व स्थानांतरण की कार्रवाई रद्द करने की मांग की है। पटवारियों का कहना है कि बिना पर्याप्त प्रशिक्षण के नया ऐप लागू करने से काम करने में परेशानी होगी और राजस्व से जुड़े काम प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित पहल नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। तकनीकी सहायक कर्मचारी भी कर रहे आंदोलन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विकसित भारत जी राम जी (VB G RAM G) योजना में काम करने वाले तकनीकी सहायक कर्मचारी भी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। तकनीकी सहायक कर्मचारी संघ, जिला एमसीबी के बैनर तले 13 और 14 अक्टूबर को जिला स्तर पर सांकेतिक हड़ताल कर शासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर खींचा गया। वहीं, 15 अक्टूबर को राज्य स्तर पर एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की जा रही है। नियमित पद और सेवा शर्तें लागू करने की मांग तकनीकी सहायक कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि सभी कार्यरत कर्मचारियों के लिए नियमित पद बनाए जाएं और उन्हें उन पदों पर समायोजित किया जाए। नियमितीकरण होने तक ग्राम पंचायत सचिवों के समान सेवा शर्तें लागू करने और स्थायीकरण के लिए नियम बनाने की मांग भी की गई है। इसके अलावा कर्मचारी अपना पदनाम बदलकर ‘कनिष्ठ अभियंता (VB G RAM G)’ करने की मांग कर रहे हैं। शासन के फैसले का इंतजार दोनों कर्मचारी संगठन अपनी मांगों पर शासन से सकारात्मक पहल की उम्मीद कर रहे हैं। पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल और तकनीकी सहायकों के आंदोलन के कारण राजस्व और ग्रामीण विकास से जुड़े काम प्रभावित होने की आशंका है। अब सभी की नजर शासन के अगले कदम पर है।

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