हनुमानगढ़ में अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन ने मनरेगा सहित विभिन्न मजदूर मुद्दों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ रोष जताया। यूनियन ने मांगों के समर्थन में 27 अगस्त को जिला कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इससे पहले गांव-गांव अभियान चलाकर मजदूरों को एकजुट किया जाएगा। मनरेगा का नाम बदलने के फैसले का विरोध बैठक में मजदूरों ने मनरेगा का नाम बदलने के फैसले का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह योजना मजदूरों के अधिकारों से जुड़ी है और इसके नाम में बदलाव करना मजदूर हितों के साथ छेड़छाड़ है। यूनियन ने इस मुद्दे को लेकर गांवों में व्यापक अभियान चलाने की बात कही। 300 रुपए मजदूरी के वादे को पूरा करने की मांग मजदूरों ने केंद्र सरकार द्वारा प्रतिदिन 300 रुपए मजदूरी देने के वादे को पूरा नहीं करने पर नाराजगी जताई। उन्होंने मनरेगा मजदूरी बढ़ाने की मांग की। साथ ही मजदूरों को पर्याप्त रोजगार उपलब्ध कराने की जरूरत बताई। बायोमेट्रिक हाजिरी में आ रही परेशानी बैठक में मनरेगा में आधार आधारित फिंगरप्रिंट और आंखों की पुतली की पहचान से होने वाली बायोमेट्रिक हाजिरी की समस्या भी उठाई गई। मजदूरों ने बताया कि कई बुजुर्गों और अन्य लोगों के फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन नहीं होने से हाजिरी दर्ज कराने में परेशानी आती है। इससे काम करने के बावजूद मजदूरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सभी जरूरतमंदों को काम देने की मांग मजदूरों ने ग्राम पंचायत स्तर पर 70 से अधिक लोगों को काम पर नहीं लगाए जाने पर भी रोष जताया। उन्होंने सभी जरूरतमंद लोगों को मनरेगा के तहत काम उपलब्ध कराने की मांग की। गांव-गांव अभियान चलाएगी यूनियन यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि इन मांगों को लेकर जल्द ही गांवों में अभियान चलाया जाएगा और मजदूरों को एकजुट किया जाएगा। 27 अगस्त को जिला कलेक्टर कार्यालय पर होने वाले प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मजदूरों और ग्रामीणों के शामिल होने का दावा किया गया है। बैठक में ये रहे मौजूद बैठक में जगजीत सिंह जग्गी सहित कई मजदूर, किसान नेता और यूनियन से जुड़े कार्यकर्ता मौजूद रहे।


