प्रतापगढ़। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शुक्रवार को जगद्गुरु कृपालु जी महाराज द्वारा स्थापित विश्व प्रसिद्ध भक्तिधाम मनगढ़ आस्था के महासैलाब से सराबोर रहा। कान्हा के स्वागत के लिए पूरे धाम को दुल्हन की तरह सजाया गया था। रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की आकर्षक सजावट और झिलमिलाती झालरों ने मंदिर परिसर की भव्यता बढ़ा दी। शुक्रवार रात करीब 9 बजे तक लाखों श्रद्धालु भक्तिधाम पहुंच चुके थे। देर रात तक श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहा। प्रतापगढ़, रायबरेली, लखनऊ, कौशांबी, फतेहपुर, चित्रकूट, बांदा, कानपुर और प्रयागराज समेत प्रदेश के कई जिलों से लोग पहुंचे। देश-विदेश से भी श्रद्धालु मनगढ़ आए। सुबह से ही मनगढ़ जाने वाले रास्तों पर भीड़ बढ़ती गई। राधे-राधे और जय कन्हैया लाल के जयकारों से गूंजा धाम मंदिर परिसर में लगातार ‘राधे-राधे’ और ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे गूंजते रहे। मुख्य मंदिर की नक्काशी पर पड़ती रंगीन एलईडी रोशनी और फूलों की सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। ठाकुर जी का विशेष श्रृंगार सुगंधित और आकर्षक फूलों से किया गया था। पूरा परिसर भक्ति और उल्लास में कृष्णमय नजर आया। तीन गेट से प्रवेश, बैरिकेडिंग कर नियंत्रित की भीड़ भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग की गई। श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराए गए। मंदिर में प्रवेश के लिए तीन गेट निर्धारित किए गए थे। भीड़ बढ़ने पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के एक साथ प्रवेश को रोकने के लिए गेटों से आवागमन नियंत्रित किया गया। सेवादारों, वॉलंटियर्स और पुलिसकर्मियों ने व्यवस्थाएं संभालीं। 9 व्हीकल जोन बनाए, कई जगह बैरियर लगाए भक्तिधाम से करीब दो किलोमीटर के दायरे में नौ व्हीकल जोन बनाए गए थे। कुंडा कस्बे से मनगढ़ जाने वाले रास्तों पर बैरियर लगाए गए। करेंटी बाइपास, कबड़ियागंज नहर, तिलौरी मोड़, मवई बाइपास, पोस्ट ऑफिस तिराहा और भगवन तिराहा समेत कई स्थानों पर पुलिसकर्मी तैनात रहे। चार पहिया वाहनों का आवागमन तय व्यवस्था के तहत नियंत्रित किया गया। सीसीटीवी से निगरानी, पेयजल और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में पुलिस तथा महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जाती रही। संदिग्ध गतिविधियों और भीड़ में किसी तरह की अव्यवस्था रोकने के लिए पुलिसकर्मी सक्रिय रहे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी की गई। पुलिस अधिकारियों ने परखी सुरक्षा व्यवस्था जन्माष्टमी मेले की सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को भक्तिधाम पहुंचकर निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मंदिर परिसर, प्रवेश-निकास, बैरिकेडिंग, यातायात और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्थाएं परखीं। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य जिम्मेदारों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। रात 12 बजे हुआ श्रीकृष्ण का प्राकट्य उत्सव जन्माष्टमी का सबसे प्रतीक्षित क्षण मध्यरात्रि में आया। रात 12 बजे शंख और घंटियों की गूंज के बीच भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य उत्सव मनाया गया। कान्हा के प्राकट्य के साथ ही पूरा भक्तिधाम ‘जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे। पंचामृत से महाअभिषेक, बांटा छप्पन भोग का प्रसाद श्रीकृष्ण के प्राकट्य के बाद ठाकुर जी का दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से महाअभिषेक किया गया। इसके बाद भव्य आरती हुई। आरती के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। महाअभिषेक और आरती के बाद श्रद्धालुओं के बीच छप्पन भोग के प्रसाद का वितरण शुरू किया गया। घंटों इंतजार के बाद श्रीकृष्ण के प्राकट्य और महाअभिषेक के साक्षी बने श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति और उल्लास नजर आया। रोशनी से जगमगाता मनगढ़ धाम, चारों ओर गूंजते कृष्ण नाम के जयकारे और श्रद्धालुओं की भारी मौजूदगी ने जन्माष्टमी की रात को यादगार बना दिया।

