मधेपुरा में भाकपा कार्यकर्ताओं ने सड़क पर रोपी धान:जलजमाव से विरोध, शासन-प्रशासन के खिलाफ नारे; जल निकासी की मांग

मधेपुरा में भाकपा कार्यकर्ताओं ने सड़क पर रोपी धान:जलजमाव से विरोध, शासन-प्रशासन के खिलाफ नारे; जल निकासी की मांग

बिहार में डबल इंजन सरकार की कथित विफलताओं और जनसमस्याओं के खिलाफ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) द्वारा 6 से 15 अगस्त तक राष्ट्रव्यापी पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को उदाकिशुनगंज प्रखंड के नवटोलिया से एक पदयात्रा निकाली गई। यह पदयात्रा रामपुर डेहरू और जौतैली होते हुए मंजौरा पहुंची। मंजौरा बाजार की मुख्य सड़क पर जलजमाव और नारकीय स्थिति देखकर भाकपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने सड़क पर ही धान की रोपाई कर अपना गुस्सा जाहिर किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘शासन-प्रशासन डूब मरो, शर्म करो’, ‘निकम्मी सरकार होश में आओ’ जैसे नारे लगाए। शासन और प्रशासन पूरी तरह विफल साबित हुए प्रदर्शनकारियों ने बताया कि जलजमाव के कारण बाजार आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। इस कार्यक्रम का नेतृत्व भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर, जौतैली के मुखिया प्रतिनिधि सिकंदर अंसारी, सहायक जिला मंत्री रमेश कुमार शर्मा, अंचल मंत्री प्रमोद कुमार सिंह, सहायक अंचल मंत्री अरुण कुमार तांती, मजदूर नेता शंभू पासवान और सच्चिदानंद शर्मा ने किया। प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में शासन और प्रशासन पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में आर्थिक विषमता लगातार बढ़ रही है, जिससे अमीर और अमीर तथा गरीब और गरीब होता जा रहा है। मंजौरा बाजार के लोग नारकीय स्थिति में रहने को मजबूर – मुखिया प्रतिनिधि उन्होंने सरकार पर आम लोगों के बजाय कॉरपोरेट और कंपनियों के हित में काम करने का आरोप लगाया। प्रभाकर ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी ने आम लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार सार्वजनिक संपत्तियों को बेच रही है, जिसके कारण किसान और नौजवान बड़ी संख्या में आत्महत्या करने को मजबूर हैं। उन्होंने देश में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रभाकर ने बताया कि 1 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में भाकपा की एक बड़ी रैली आयोजित होगी और उन्होंने कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने का आह्वान किया। मुखिया प्रतिनिधि सिकंदर अंसारी ने कहा कि मंजौरा बाजार के लोग नारकीय स्थिति में रहने को मजबूर हैं। ‘बुलडोजर और एनकाउंटर की सरकार नहीं चलेगी’ सड़क पर जलजमाव के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रशासन पर समस्या का संज्ञान न लेने का आरोप लगाते हुए जल्द से जल्द जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। भाकपा के सहायक जिला मंत्री रमेश कुमार शर्मा और अंचल मंत्री प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि ‘बुलडोजर और एनकाउंटर की सरकार नहीं चलेगी।’ उन्होंने गरीबों को वास-आवास, राशन और रोजगार की गारंटी देने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर पार्टी व्यापक आंदोलन करेगी। भाकपा नेताओं अरुण कुमार तांती, शंभू पासवान और सच्चिदानंद शर्मा ने भूमिहीनों को वासगीत पर्चा देने और पर्चाधारियों को जमीन पर कब्जा दिलाने की कार्रवाई जल्द पूरी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी आंदोलन को और व्यापक करेगी। बिहार में डबल इंजन सरकार की कथित विफलताओं और जनसमस्याओं के खिलाफ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) द्वारा 6 से 15 अगस्त तक राष्ट्रव्यापी पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को उदाकिशुनगंज प्रखंड के नवटोलिया से एक पदयात्रा निकाली गई। यह पदयात्रा रामपुर डेहरू और जौतैली होते हुए मंजौरा पहुंची। मंजौरा बाजार की मुख्य सड़क पर जलजमाव और नारकीय स्थिति देखकर भाकपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने सड़क पर ही धान की रोपाई कर अपना गुस्सा जाहिर किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘शासन-प्रशासन डूब मरो, शर्म करो’, ‘निकम्मी सरकार होश में आओ’ जैसे नारे लगाए। शासन और प्रशासन पूरी तरह विफल साबित हुए प्रदर्शनकारियों ने बताया कि जलजमाव के कारण बाजार आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। इस कार्यक्रम का नेतृत्व भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर, जौतैली के मुखिया प्रतिनिधि सिकंदर अंसारी, सहायक जिला मंत्री रमेश कुमार शर्मा, अंचल मंत्री प्रमोद कुमार सिंह, सहायक अंचल मंत्री अरुण कुमार तांती, मजदूर नेता शंभू पासवान और सच्चिदानंद शर्मा ने किया। प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में शासन और प्रशासन पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में आर्थिक विषमता लगातार बढ़ रही है, जिससे अमीर और अमीर तथा गरीब और गरीब होता जा रहा है। मंजौरा बाजार के लोग नारकीय स्थिति में रहने को मजबूर – मुखिया प्रतिनिधि उन्होंने सरकार पर आम लोगों के बजाय कॉरपोरेट और कंपनियों के हित में काम करने का आरोप लगाया। प्रभाकर ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी ने आम लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार सार्वजनिक संपत्तियों को बेच रही है, जिसके कारण किसान और नौजवान बड़ी संख्या में आत्महत्या करने को मजबूर हैं। उन्होंने देश में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रभाकर ने बताया कि 1 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में भाकपा की एक बड़ी रैली आयोजित होगी और उन्होंने कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने का आह्वान किया। मुखिया प्रतिनिधि सिकंदर अंसारी ने कहा कि मंजौरा बाजार के लोग नारकीय स्थिति में रहने को मजबूर हैं। ‘बुलडोजर और एनकाउंटर की सरकार नहीं चलेगी’ सड़क पर जलजमाव के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रशासन पर समस्या का संज्ञान न लेने का आरोप लगाते हुए जल्द से जल्द जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। भाकपा के सहायक जिला मंत्री रमेश कुमार शर्मा और अंचल मंत्री प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि ‘बुलडोजर और एनकाउंटर की सरकार नहीं चलेगी।’ उन्होंने गरीबों को वास-आवास, राशन और रोजगार की गारंटी देने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर पार्टी व्यापक आंदोलन करेगी। भाकपा नेताओं अरुण कुमार तांती, शंभू पासवान और सच्चिदानंद शर्मा ने भूमिहीनों को वासगीत पर्चा देने और पर्चाधारियों को जमीन पर कब्जा दिलाने की कार्रवाई जल्द पूरी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी आंदोलन को और व्यापक करेगी।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *