मधेपुरा के चौसा थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात टेंट में काम करने वाले स्टाफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रसलपुर धुरिया पंचायत के मेहता टोली में अपराधियों ने घर से करीब 100 मीटर पहले घात लगाकर उन पर फायरिंग की। घटना में गंभीर रूप से घायल बबलू की इलाज के लिए सहरसा ले जाने के दौरान रास्ते में मौत हो गई। वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। मृतक की पहचान मेहता टोली वार्ड-4 निवासी स्वर्गीय कमलेश्वरी मेहता के बेटे बबलू मेहता (40) के रूप में हुई है। बबलू बुधवार रात करीब 10.30 बजे टेंट का काम खत्म कर अपने घर लौट रहे थे। 3 राउंड फायरिंग में 2 गोलियां लगी इसी दौरान पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन पर गोली चला दी। बताया जा रहा है कि अपराधियों ने करीब तीन राउंड फायरिंग की। इसमें एक गोली मिस हो गई, जबकि दो गोलियां बबलू के शरीर में लगीं। गोली लगने के बाद वे सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। गोली चलने की आवाज और घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे। घायल बबलू को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौसा ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए JNKT मेडिकल कॉलेज, मधेपुरा रेफर कर दिया। हालांकि, परिजन बेहतर इलाज के लिए उन्हें सहरसा स्थित एक निजी क्लीनिक ले जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उनकी मौत हो गई।
अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम मृतक की पत्नी सरिता देवी ने बताया कि उनके पति का किसी से कोई विवाद नहीं था। वह शंभू कुमार के यहां टेंट में मजदूर के रूप में काम करते थे। बुधवार रात काम खत्म कर घर लौटने के दौरान उन्हें गोली मार दी गई। अस्पताल ले जाने के क्रम में उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद उदाकिशुनगंज एसडीपीओ पवन कुमार सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने चौसा थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष राज किशोर कुमार से घटना की जानकारी ली और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। एसडीपीओ पवन कुमार सिंह ने बताया कि घटना की जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है। पुलिस अपराधियों की पहचान और गोली मारने के कारणों का पता लगाने में जुटी है। मामले में अनुसंधान जारी है और जल्द घटना का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है। मधेपुरा के चौसा थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात टेंट में काम करने वाले स्टाफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रसलपुर धुरिया पंचायत के मेहता टोली में अपराधियों ने घर से करीब 100 मीटर पहले घात लगाकर उन पर फायरिंग की। घटना में गंभीर रूप से घायल बबलू की इलाज के लिए सहरसा ले जाने के दौरान रास्ते में मौत हो गई। वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। मृतक की पहचान मेहता टोली वार्ड-4 निवासी स्वर्गीय कमलेश्वरी मेहता के बेटे बबलू मेहता (40) के रूप में हुई है। बबलू बुधवार रात करीब 10.30 बजे टेंट का काम खत्म कर अपने घर लौट रहे थे। 3 राउंड फायरिंग में 2 गोलियां लगी इसी दौरान पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन पर गोली चला दी। बताया जा रहा है कि अपराधियों ने करीब तीन राउंड फायरिंग की। इसमें एक गोली मिस हो गई, जबकि दो गोलियां बबलू के शरीर में लगीं। गोली लगने के बाद वे सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। गोली चलने की आवाज और घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे। घायल बबलू को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौसा ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए JNKT मेडिकल कॉलेज, मधेपुरा रेफर कर दिया। हालांकि, परिजन बेहतर इलाज के लिए उन्हें सहरसा स्थित एक निजी क्लीनिक ले जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उनकी मौत हो गई।
अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम मृतक की पत्नी सरिता देवी ने बताया कि उनके पति का किसी से कोई विवाद नहीं था। वह शंभू कुमार के यहां टेंट में मजदूर के रूप में काम करते थे। बुधवार रात काम खत्म कर घर लौटने के दौरान उन्हें गोली मार दी गई। अस्पताल ले जाने के क्रम में उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद उदाकिशुनगंज एसडीपीओ पवन कुमार सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने चौसा थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष राज किशोर कुमार से घटना की जानकारी ली और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। एसडीपीओ पवन कुमार सिंह ने बताया कि घटना की जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है। पुलिस अपराधियों की पहचान और गोली मारने के कारणों का पता लगाने में जुटी है। मामले में अनुसंधान जारी है और जल्द घटना का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।

