मधुबनी में AIARLA का दिन-रात सत्याग्रह शुरू:गरीबों, भूमिहीनों की 15 मांगों को लेकर प्रोटेस्ट

मधुबनी में AIARLA का दिन-रात सत्याग्रह शुरू:गरीबों, भूमिहीनों की 15 मांगों को लेकर प्रोटेस्ट

मधुबनी के जयनगर में अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) ने गुरुवार को प्रखंड-अंचल कार्यालय के सामने दिन-रात सत्याग्रह शुरू किया। यह आंदोलन 13 अगस्त को सुबह 11 बजे से 14 अगस्त की शाम चार बजे तक चलेगा। इसमें विभिन्न पंचायतों से सैकड़ों मजदूर और ग्रामीण शामिल हुए हैं। यह सत्याग्रह गरीबों, भूमिहीनों, खेत-मजदूरों, किसानों और प्रवासी श्रमिकों की 15 सूत्री मांगों को लेकर किया जा रहा है। सत्याग्रह की शुरुआत प्रखंड-अंचल कार्यालय के मुख्य द्वार पर महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर के स्मारकों पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद एक सभा का आयोजन किया गया। इस सभा को भाकपा-माले के जिला सचिव ध्रुव नारायण कर्ण, प्रखंड सचिव भूषण सिंह और खेग्रामस संयोजक तस्लीम सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। अवैध निर्माण रोकने की मांग जिला सचिव ध्रुव नारायण कर्ण ने अपने संबोधन में गरीबों, भूमिहीनों और खेत-मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई तेज करने पर जोर दिया। प्रखंड सचिव भूषण सिंह ने उसराही-देवधा और कुआढ़ मौजा में पर्चाधारी 65 भूमिहीन महादलित परिवारों को जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने और अवैध निर्माण रोकने की मांग की। उन्होंने अंचल कार्यालय में दाखिल-खारिज, एलपीसी, भूमि मापी और प्रमाण-पत्रों के कार्यों में होने वाले विलंब पर भी रोक लगाने की मांग उठाई। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में ‘अभियान बसेरा’ के तहत पांच डिसमिल आवासीय भूमि, आवास, बासगीत पर्चा उपलब्ध कराना शामिल है। आंदोलन को और तेज करने की दी चेतावनी इसके अलावा, प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने, राशन, रोजगार और 700 रुपये दैनिक मजदूरी सुनिश्चित करने की मांग की गई है। अन्य मांगों में वृद्ध, दिव्यांग और विधवा पेंशन को तीन हजार रुपये करना, प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार लाना और जयनगर अनुमंडल अस्पताल में बच्चे की मौत की निष्पक्ष जांच व 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग भी शामिल है। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। मधुबनी के जयनगर में अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) ने गुरुवार को प्रखंड-अंचल कार्यालय के सामने दिन-रात सत्याग्रह शुरू किया। यह आंदोलन 13 अगस्त को सुबह 11 बजे से 14 अगस्त की शाम चार बजे तक चलेगा। इसमें विभिन्न पंचायतों से सैकड़ों मजदूर और ग्रामीण शामिल हुए हैं। यह सत्याग्रह गरीबों, भूमिहीनों, खेत-मजदूरों, किसानों और प्रवासी श्रमिकों की 15 सूत्री मांगों को लेकर किया जा रहा है। सत्याग्रह की शुरुआत प्रखंड-अंचल कार्यालय के मुख्य द्वार पर महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर के स्मारकों पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद एक सभा का आयोजन किया गया। इस सभा को भाकपा-माले के जिला सचिव ध्रुव नारायण कर्ण, प्रखंड सचिव भूषण सिंह और खेग्रामस संयोजक तस्लीम सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। अवैध निर्माण रोकने की मांग जिला सचिव ध्रुव नारायण कर्ण ने अपने संबोधन में गरीबों, भूमिहीनों और खेत-मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई तेज करने पर जोर दिया। प्रखंड सचिव भूषण सिंह ने उसराही-देवधा और कुआढ़ मौजा में पर्चाधारी 65 भूमिहीन महादलित परिवारों को जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने और अवैध निर्माण रोकने की मांग की। उन्होंने अंचल कार्यालय में दाखिल-खारिज, एलपीसी, भूमि मापी और प्रमाण-पत्रों के कार्यों में होने वाले विलंब पर भी रोक लगाने की मांग उठाई। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में ‘अभियान बसेरा’ के तहत पांच डिसमिल आवासीय भूमि, आवास, बासगीत पर्चा उपलब्ध कराना शामिल है। आंदोलन को और तेज करने की दी चेतावनी इसके अलावा, प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने, राशन, रोजगार और 700 रुपये दैनिक मजदूरी सुनिश्चित करने की मांग की गई है। अन्य मांगों में वृद्ध, दिव्यांग और विधवा पेंशन को तीन हजार रुपये करना, प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार लाना और जयनगर अनुमंडल अस्पताल में बच्चे की मौत की निष्पक्ष जांच व 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग भी शामिल है। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *