मधुबनी में 12 सितंबर 2026, शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन मधुबनी व्यवहार न्यायालय और परिवहन विभाग कार्यालय परिसर में होगा। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा मामलों को आपसी सहमति और सुलह-समझौते से जल्द निपटाना है। इसी उद्देश्य से लोगों को जागरूक करने के लिए शनिवार को एक जागरूकता रथ रवाना किया गया। शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे मधुबनी व्यवहार न्यायालय परिसर में एक कार्यक्रम हुआ। इसमें एडीजे रचना राज, उत्पाद न्यायाधीश गोरखनाथ दुबे, एडीजे पोक्सो नीरज कुमार त्यागी, डीएलएसए सचिव सचिन कुमार, बार एसोसिएशन सचिव शिवनाथ चौधरी और अधिवक्ता संघ सचिव कन्हैया झा मौजूद थे। इनके साथ ही अन्य न्यायिक अधिकारी और मधुबनी के जिला परिवहन पदाधिकारी रामबाबू ने मिलकर जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाई। यह रथ लोगों को आने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अपने लंबित और समझौते लायक मामलों को निपटाने के लिए प्रेरित करेगा। इस कार्यक्रम में मधुबनी व्यवहार न्यायालय के कई अन्य न्यायाधीश, वकील और कोर्ट कर्मचारी भी मौजूद थे। परिवहन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और अलग-अलग बैंकों के कर्मचारी भी इसमें शामिल हुए। अधिकारियों ने लोगों से राष्ट्रीय लोक अदालत का फायदा उठाने की अपील की। इस मौके पर मधुबनी व्यवहार न्यायालय की एडीजे रचना कुमारी ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत लोगों को आपसी सहमति से मामलों का जल्द और आसान समाधान देती है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे लोक अदालत के महत्व को समझें। साथ ही, तय तारीख पर संबंधित परिसर में पहुंचकर अपने समझौते लायक मामलों का निपटारा कराएं। उन्होंने यह भी बताया कि 12 सितंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियां सुबह से पूरी की जा रही हैं। जागरूकता रथ जिले के अलग-अलग इलाकों में जाकर लोगों को लोक अदालत की प्रक्रिया, फायदे और उपयोगिता बताएगा। अधिकारियों ने कहा कि लोक अदालत से विवादों का शांतिपूर्ण समाधान होता है, जिससे लोगों का समय और पैसा दोनों बचता है। मधुबनी में 12 सितंबर 2026, शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन मधुबनी व्यवहार न्यायालय और परिवहन विभाग कार्यालय परिसर में होगा। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा मामलों को आपसी सहमति और सुलह-समझौते से जल्द निपटाना है। इसी उद्देश्य से लोगों को जागरूक करने के लिए शनिवार को एक जागरूकता रथ रवाना किया गया। शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे मधुबनी व्यवहार न्यायालय परिसर में एक कार्यक्रम हुआ। इसमें एडीजे रचना राज, उत्पाद न्यायाधीश गोरखनाथ दुबे, एडीजे पोक्सो नीरज कुमार त्यागी, डीएलएसए सचिव सचिन कुमार, बार एसोसिएशन सचिव शिवनाथ चौधरी और अधिवक्ता संघ सचिव कन्हैया झा मौजूद थे। इनके साथ ही अन्य न्यायिक अधिकारी और मधुबनी के जिला परिवहन पदाधिकारी रामबाबू ने मिलकर जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाई। यह रथ लोगों को आने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अपने लंबित और समझौते लायक मामलों को निपटाने के लिए प्रेरित करेगा। इस कार्यक्रम में मधुबनी व्यवहार न्यायालय के कई अन्य न्यायाधीश, वकील और कोर्ट कर्मचारी भी मौजूद थे। परिवहन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और अलग-अलग बैंकों के कर्मचारी भी इसमें शामिल हुए। अधिकारियों ने लोगों से राष्ट्रीय लोक अदालत का फायदा उठाने की अपील की। इस मौके पर मधुबनी व्यवहार न्यायालय की एडीजे रचना कुमारी ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत लोगों को आपसी सहमति से मामलों का जल्द और आसान समाधान देती है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे लोक अदालत के महत्व को समझें। साथ ही, तय तारीख पर संबंधित परिसर में पहुंचकर अपने समझौते लायक मामलों का निपटारा कराएं। उन्होंने यह भी बताया कि 12 सितंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियां सुबह से पूरी की जा रही हैं। जागरूकता रथ जिले के अलग-अलग इलाकों में जाकर लोगों को लोक अदालत की प्रक्रिया, फायदे और उपयोगिता बताएगा। अधिकारियों ने कहा कि लोक अदालत से विवादों का शांतिपूर्ण समाधान होता है, जिससे लोगों का समय और पैसा दोनों बचता है।

