मधुबनी में भाकपा-माले की भौआड़ा पार्टी शाखा ने मंगलवार को छह सूत्री मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट के सामने धरना दिया। इसमें सैकड़ों महिला-पुरुष और युवा शामिल हुए। प्रदर्शनकारी दोपहर करीब 12 बजे से शाम 4 बजे तक धरना स्थल पर डटे रहे और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। धरना स्थल पर माले नेता बिशंभर कामत की अध्यक्षता में एक सभा हुई। इसे भाकपा-माले के जिला सचिव ध्रुव नारायण कर्ण ने संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि डबल इंजन की भाजपा सरकार में महादलित पर्चाधारियों की जमीन भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने बताया कि भौआड़ा गंगासागर मौजा में सड़क किनारे महादलित मुशहर परिवारों की पर्चाधारी जमीन पर कथित तौर पर निर्माण कार्य हो रहा है। प्रशासन को इस पर तुरंत रोक लगानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में रहिका अंचल के भौआड़ा गंगासागर मौजा में खेसरा संख्या 1047 की पर्चाधारी जमीन पर हो रहे कथित निर्माण कार्य को रोकना शामिल है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा, मठ-मंदिर, भू-हदबंदी और पर्चाधारी भूमि से जुड़े कथित भूमि घोटाले की जांच किसी रिटायर्ड जिला न्यायाधीश से कराने की मांग भी की गई। धरना में महादलितों की पर्चाधारी जमीन से जुड़े कथित अवैध केवाला के आधार पर दायर दाखिल-खारिज वाद संख्या 1093/2026-27 को रद्द करने की मांग भी उठी। प्रदर्शनकारियों ने पर्चाधारियों की जमीन को सुरक्षित रखने और उन्हें प्रशासनिक सुरक्षा देने की मांग की। साथ ही, बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद, पटना के निर्देशों को लागू करने की भी मांग की गई। इसके अलावा, भौआड़ा गंगासागर में पिछले 35 से 40 सालों से रह रहे भूमिहीन दलित और गरीब परिवारों को जमीन का पर्चा देने की मांग की गई। सभा में कथित महंत के फर्जीवाड़े की जांच कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का प्रस्ताव भी रखा गया। सभा को भाकपा-माले बिहार राज्य कमेटी सदस्य श्याम पंडित, उत्तीम पासवान, बिशंभर कामत, योगेंद्र महतो, सज्जन सदाय, वीरेंद्र कुमार पासवान, मोहम्मद इमरान, अरविंद पासवान और बिहारी सदाय समेत कई नेताओं ने संबोधित किया। इस धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महादलित समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया। मधुबनी में भाकपा-माले की भौआड़ा पार्टी शाखा ने मंगलवार को छह सूत्री मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट के सामने धरना दिया। इसमें सैकड़ों महिला-पुरुष और युवा शामिल हुए। प्रदर्शनकारी दोपहर करीब 12 बजे से शाम 4 बजे तक धरना स्थल पर डटे रहे और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। धरना स्थल पर माले नेता बिशंभर कामत की अध्यक्षता में एक सभा हुई। इसे भाकपा-माले के जिला सचिव ध्रुव नारायण कर्ण ने संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि डबल इंजन की भाजपा सरकार में महादलित पर्चाधारियों की जमीन भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने बताया कि भौआड़ा गंगासागर मौजा में सड़क किनारे महादलित मुशहर परिवारों की पर्चाधारी जमीन पर कथित तौर पर निर्माण कार्य हो रहा है। प्रशासन को इस पर तुरंत रोक लगानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में रहिका अंचल के भौआड़ा गंगासागर मौजा में खेसरा संख्या 1047 की पर्चाधारी जमीन पर हो रहे कथित निर्माण कार्य को रोकना शामिल है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा, मठ-मंदिर, भू-हदबंदी और पर्चाधारी भूमि से जुड़े कथित भूमि घोटाले की जांच किसी रिटायर्ड जिला न्यायाधीश से कराने की मांग भी की गई। धरना में महादलितों की पर्चाधारी जमीन से जुड़े कथित अवैध केवाला के आधार पर दायर दाखिल-खारिज वाद संख्या 1093/2026-27 को रद्द करने की मांग भी उठी। प्रदर्शनकारियों ने पर्चाधारियों की जमीन को सुरक्षित रखने और उन्हें प्रशासनिक सुरक्षा देने की मांग की। साथ ही, बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद, पटना के निर्देशों को लागू करने की भी मांग की गई। इसके अलावा, भौआड़ा गंगासागर में पिछले 35 से 40 सालों से रह रहे भूमिहीन दलित और गरीब परिवारों को जमीन का पर्चा देने की मांग की गई। सभा में कथित महंत के फर्जीवाड़े की जांच कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का प्रस्ताव भी रखा गया। सभा को भाकपा-माले बिहार राज्य कमेटी सदस्य श्याम पंडित, उत्तीम पासवान, बिशंभर कामत, योगेंद्र महतो, सज्जन सदाय, वीरेंद्र कुमार पासवान, मोहम्मद इमरान, अरविंद पासवान और बिहारी सदाय समेत कई नेताओं ने संबोधित किया। इस धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महादलित समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया।

