मधुबनी न्यायालय परिसर में शनिवार को कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए एक कार्यक्रम हुआ। यह सुबह 10 बजे जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार पांडेय और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) के सचिव सचिन कुमार की मौजूदगी में शुरू हुआ। जिला जज पवन कुमार पांडेय ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं को सम्मानजनक और सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि किसी भी अनुचित व्यवहार या यौन उत्पीड़न की घटना सामने आने पर शिकायत और कार्रवाई के नियम हैं। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों, वकीलों और कर्मचारियों से महिला अधिकारों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता से काम करने को कहा। उन्होंने जोर दिया कि जागरूकता से महिलाएं अपने अधिकारों और शिकायत करने के तरीकों को जान सकेंगी। डीएलएसए ने भी महिलाओं को कानूनी सहायता और शिकायत प्रक्रिया के बारे में बताया। इस कार्यक्रम में मधुबनी न्यायालय के अन्य न्यायाधीश, वकील और कर्मचारी शामिल थे। मधुबनी न्यायालय परिसर में शनिवार को कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए एक कार्यक्रम हुआ। यह सुबह 10 बजे जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार पांडेय और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) के सचिव सचिन कुमार की मौजूदगी में शुरू हुआ। जिला जज पवन कुमार पांडेय ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं को सम्मानजनक और सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि किसी भी अनुचित व्यवहार या यौन उत्पीड़न की घटना सामने आने पर शिकायत और कार्रवाई के नियम हैं। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों, वकीलों और कर्मचारियों से महिला अधिकारों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता से काम करने को कहा। उन्होंने जोर दिया कि जागरूकता से महिलाएं अपने अधिकारों और शिकायत करने के तरीकों को जान सकेंगी। डीएलएसए ने भी महिलाओं को कानूनी सहायता और शिकायत प्रक्रिया के बारे में बताया। इस कार्यक्रम में मधुबनी न्यायालय के अन्य न्यायाधीश, वकील और कर्मचारी शामिल थे।

