फिरोजाबाद के बहादुरपुर गांव निवासी डी-फार्मा छात्र हेमंत की मथुरा में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका शव पीजी के कमरे में फंदे पर लटका मिला। परिवार ने मामले में हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों का कहना है कि कमरे की स्थिति और शव जिस तरह मिला, उससे उन्हें मामला आत्महत्या का नहीं लग रहा है। हेमंत अपने पिता हेतराम के चार बेटों में तीसरे नंबर पर था। हेतराम बहादुरपुर में ब्रह्मदेव विद्या मंदिर नाम से स्कूल चलाते हैं। परिवार के मुताबिक, हेमंत पढ़ाई में काफी होशियार था और डी-फार्मा की पढ़ाई कर रहा था। मेडिकल क्षेत्र में आगे बढ़ने के सपने के साथ परिवार ने उसे पढ़ाई के लिए मथुरा भेजा था। हेतराम के दो बड़े बेटे भी उनके स्कूल में शिक्षक हैं, जबकि सबसे छोटा बेटा अभी पढ़ाई कर रहा है। परिवार को हेमंत से काफी उम्मीदें थीं। उसकी अचानक मौत की खबर मिलते ही घर में मातम छा गया। मौत से कुछ घंटे पहले पिता से हुई थी बात परिजनों के मुताबिक, रविवार शाम करीब 3 से 4 बजे के बीच हेमंत की अपने पिता हेतराम से फोन पर आखिरी बार बात हुई थी। उस समय उसने किसी तरह की परेशानी या तनाव की बात नहीं बताई थी। फोन पर बातचीत के दौरान सब कुछ सामान्य था। इसके कुछ समय बाद उसकी मौत की खबर परिवार तक पहुंची। फंदे पर मिला शव, पैर बेड पर टिके थे परिजनों के मुताबिक, जब वे मथुरा स्थित हेमंत के पीजी कमरे में पहुंचे तो वह फंदे पर लटका मिला। परिवार का कहना है कि हेमंत के पैर बेड पर टिके हुए थे। इसके अलावा कमरे की कुंडी अंदर से बंद थी, लेकिन दरवाजा अंदर और बाहर दोनों तरफ से खोला जा सकता था। इन परिस्थितियों को देखकर परिजनों ने उसकी मौत पर सवाल उठाए हैं। परिवार बोला- हत्या की आशंका, निष्पक्ष जांच हो हेमंत के परिजनों ने उसकी मौत को हत्या बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार का कहना है कि मौत से पहले हेमंत ने किसी परेशानी की बात नहीं बताई थी और कमरे की स्थिति भी कई सवाल खड़े करती है। परिजन चाहते हैं कि पुलिस सभी पहलुओं की जांच करे और मौत की असली वजह सामने लाई जाए।

