चित्रकूट में मंदाकिनी नदी पुल के पास मिट्टी का टीला धंस गया। घर के काम के मिट्टी लेने गईं दो महिलाएं अचानक मिट्टी के नीचे दब गईं। दोनों महिलाएं एक ही परिवार की हैं। घटना के बाद मौके पर हड़कंप और चीख-पुकार मच गई। बताया जा रहा है कि लंबे समय से मिट्टी खुदाई के कारण टीले के निचले हिस्से में गहरी सेंध बन गई थी। महिलाएं जब मिट्टी खोद रही थी। तभी अचानक ऊपरी हिस्सा उन पर आ गिरा। चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीणों ने मलबे को हटाया और दोनों महिलाओं को सकुशल बाहर निकाल लिया। हादसे में दोनों को गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं। ग्रामीणों की मदद से पीड़ितों को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। मामला पहाड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत कहेटा माफी गांव का बताया जा रहा है। पहले 2 तस्वीरें देखिए – अब मामला विस्तार से पढ़िए – कहेटा माफी गांव के पूर्व प्रधान रामकिशोर की बेटी और उनकी बहू (छोटे भाई की पत्नी) मंदाकिनी नदी पुल के पास घर के रोजमर्रा के कामों के लिए पीली मिट्टी खोदने गई थीं। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस जगह से ग्रामीण काफी समय से मिट्टी खोदते आ रहे थे, जिससे टीले के निचले हिस्से में अंदर तक गहरी सेंध बन गई थी। अचानक गिरा मिट्टी का भारी ढेर, मची अफरा-तफरी बताया जा रहा है कि जब दोनों महिलाएं मिट्टी खोद रही थीं, तभी ऊपर से मिट्टी का एक भारी-भरकम टीला अचानक भरभराकर उनके ऊपर गिर गया। महिलाओं के मलबे में दबते ही मौके पर हाहाकार मच गया और चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों और सड़कों पर मौजूद सैकड़ों ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने मशक्कत कर निकाला बाहर, अस्पताल में इलाज जारी हादसे की खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए मुस्तैदी दिखाई और हाथों से ही मिट्टी हटाकर दबी हुई दोनों महिलाओं को बाहर निकाला। हादसे में दोनों को शरीर में गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं। ग्रामीणों की मदद से तत्काल दोनों को पहाड़ी के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।

