बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री नंदकिशोर राम चकिया पहुंचे, जहां उन्होंने अनुमंडलीय अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। अचानक मंत्री के पहुंचने से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंदन कुमार से दवा भंडार, उपचार संबंधी उपकरणों और उपलब्ध दवाओं की जानकारी ली और आवश्यक दवाओं की आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इलाज की व्यवस्था के बारे में फीडबैक लिया उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों को सजग होकर कार्य करना चाहिए और मरीजों से विनम्र व्यवहार रखना अतिआवश्यक है। तभी उनके कार्य को सेवा कहा जाता है। मरीजों के प्रति संवेदनशीलता ही स्वास्थ्य सेवा की असली पहचान है। मंत्री ने आपातकालीन वार्ड का निरीक्षण किया और वहां भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से बातचीत कर निःशुल्क दवा और इलाज की व्यवस्था के बारे में फीडबैक लिया। इसके बाद उन्होंने दवा वितरण काउंटर का निरीक्षण किया और ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. राजीव रंजन से अस्पताल की वर्तमान व्यवस्था और रोस्टर की जानकारी ली। अस्पताल की व्यवस्था को बताया संतोषजनक उन्होंने स्पष्ट कहा कि अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की पहली प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी कर्मी लापरवाही बरतेगा, उस पर कार्रवाई होगी। निरीक्षण के दौरान मंत्री नंदकिशोर राम ने खुद को एक सामान्य मरीज के रूप में प्रस्तुत करते हुए अपना ब्लड प्रेशर जांच कराया। जांच के बाद उन्होंने अस्पताल की व्यवस्था को संतोषजनक बताया। इस मौके पर जदयू व्यवसायिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष संजय मोदी, युवा नेता गौतम कुमार, टूना पाठक, डॉ. श्रवण कुमार मोदी सहित कई कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद थे। बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री नंदकिशोर राम चकिया पहुंचे, जहां उन्होंने अनुमंडलीय अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। अचानक मंत्री के पहुंचने से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंदन कुमार से दवा भंडार, उपचार संबंधी उपकरणों और उपलब्ध दवाओं की जानकारी ली और आवश्यक दवाओं की आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इलाज की व्यवस्था के बारे में फीडबैक लिया उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों को सजग होकर कार्य करना चाहिए और मरीजों से विनम्र व्यवहार रखना अतिआवश्यक है। तभी उनके कार्य को सेवा कहा जाता है। मरीजों के प्रति संवेदनशीलता ही स्वास्थ्य सेवा की असली पहचान है। मंत्री ने आपातकालीन वार्ड का निरीक्षण किया और वहां भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से बातचीत कर निःशुल्क दवा और इलाज की व्यवस्था के बारे में फीडबैक लिया। इसके बाद उन्होंने दवा वितरण काउंटर का निरीक्षण किया और ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. राजीव रंजन से अस्पताल की वर्तमान व्यवस्था और रोस्टर की जानकारी ली। अस्पताल की व्यवस्था को बताया संतोषजनक उन्होंने स्पष्ट कहा कि अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की पहली प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी कर्मी लापरवाही बरतेगा, उस पर कार्रवाई होगी। निरीक्षण के दौरान मंत्री नंदकिशोर राम ने खुद को एक सामान्य मरीज के रूप में प्रस्तुत करते हुए अपना ब्लड प्रेशर जांच कराया। जांच के बाद उन्होंने अस्पताल की व्यवस्था को संतोषजनक बताया। इस मौके पर जदयू व्यवसायिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष संजय मोदी, युवा नेता गौतम कुमार, टूना पाठक, डॉ. श्रवण कुमार मोदी सहित कई कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद थे।

