मध्य प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री कृष्णा गौर की समर्थक MIC (मेयर इन कौंसिल) मैंबर छाया ठाकुर ने भोपाल नगर निगम के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मुझे एमआईसी सदस्य बने 4 साल बीत चुके हैं, लेकिन विभाग के अधिकारी ही मुझे कोई जानकारी नहीं देते। बैठक करने का कहती हूं तो टाल देते हैं। ‘शहर सरकार’ में ठाकुर के पास शहरी गरीबी एवं उपशमन विभाग की जिम्मेदारी हैं। वे 22 सितंबर 2022 को एमआईसी में शामिल की गई थीं। बुधवार को हुई नगर निगम परिषद की बैठक में उन्होंने कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान के संबल घोटाले को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देने से मना कर दिया। उनका कहना था कि विभाग के अधिकारियों ने मुझे सवाल और जवाब के संबंध में कुछ नहीं बताया। न तो योजना के बारे में मुझे कोई जानकारी दी जाती है और न ही संबल घोटाले के बारे में कुछ बताया। सवाल का महापौर या अन्य लोग जवाब दें। मुझे नहीं मालूम। एमआईसी सदस्य की इस बात के बाद महापौर राय ने जवाब दिया। वहीं, विपक्ष ने इसी मुद्दे पर अफसरों को जमकर घेरा था। अध्यक्ष बोले- ये गलत है, ये बर्दाश्त नहीं करेंगे
भास्कर से चर्चा में एमआईसी मेंबर ठाकुर ने बताया, मैं विभाग के अधिकारियों से समीक्षा के लिए बोलती हूं। बैठक करने का कहती हूं तो वे जबाव नहीं देते। इस कारण मैंने बैठक में सवाल का जवाब नहीं दिया। एमआईसी मैंबर की विभाग का अध्यक्ष होता है। जिसे सब जानकारी दी जानी चाहिए। इस मामले में अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि अफसरों का यह रवैया ठीक नहीं है। एमआईसी सदस्य के साथ ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए। आगे से न हो, इसकी हिदायत दी गई है।

