आरा शहर के नवादा थाना क्षेत्र के मौलाबाग स्थित डीके कार्मेल स्कूल के समीप विजयादशमी की रात हथियारबंद बदमाशों ने होमगार्ड जवान के बेटे को गोली मार दी। घटना मंगलवार की रात की है। जख्मी युवक की पहचान मौलाबाग वार्ड संख्या 13 निवासी होमगार्ड जवान संजय यादव के 33 वर्षीय बेटे अमरजीत कुमार यादव के रूप में हुई है। अमरजीत यादव आरा नगर निगम में गाड़ी चलाने का काम करता है। गोली उसके कंधे के पास लगी है। जानकारी के मुताबिक, फायरिंग के दौरान एक गोली उसके सिर के पास से निकल गई। गोली लगने के बाद खून से लथपथ अमरजीत किसी तरह अपनी जान बचाकर घर पहुंचा और परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलने पर सदर एसडीपीओ-1 सुशील कुमार अस्पताल पहुंचे और जख्मी से पूछताछ कर वारदात की जानकारी ली। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जानकारी में मामला पुराने हत्याकांड से जुड़े प्रतिशोध का बताया जा रहा है। जख्मी ने दो लोगों पर संदेह जताया है। पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। एक गोली बाएं ओर सिर के पास से निकली जख्मी अमरजीत कुमार यादव ने बताया कि मंगलवार की रात वह बाइक से घर से होटल में खाना खाने के लिए जा रहा था। इसी दौरान डीके कार्मेल स्कूल के समीप स्प्लेंडर बाइक पर सवार दो हथियारबंद बदमाश पहुंचे और उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगे। अमरजीत फायरिंग के दौरान एक गोली उसके बाईं ओर सिर के पास से निकल गई, जबकि दूसरी गोली कंधे के पास लग गई। गोली लगने के बाद वह किसी तरह वहां से भाग निकला और अपनी जान बचाकर घर के पास पहुंचा। इसके बाद परिजनों को घटना की जानकारी दी गई। परिजन उसे तत्काल सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज शुरू किया गया। आदर्श हत्याकांड में तीन भाइयों को बनाया गया था नामजद आरोपित अमरजीत ने बताया कि 2 मार्च 2026 को बिहिया थाना क्षेत्र के झौआ गांव निवासी स्व. शत्रुघ्न सिंह के 17 वर्षीय बेटे आदर्श कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस हत्याकांड में उसे और उसके दो भाइयों नवनीत यादव उर्फ लोहा यादव तथा मंजीत यादव को नामजद आरोपित बनाया गया था। अमरजीत ने बताया कि उसका भाई लोहा यादव फिलहाल जेल में है। उसने दावा किया कि आदर्श की हत्या में उसके परिवार का कोई हाथ नहीं था और उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। धमकी मिलने और पहले भी हमले की बात कही अमरजीत ने बताया कि आदर्श हत्याकांड के बाद उसके और उसके भाइयों के खिलाफ बदले की भावना से हत्या करने की धमकी दी गई थी। तीनों भाइयों को जान से मारने की धमकी मिली थी और इसके बाद कई बार उन पर हमला करने की कोशिश भी की गई। हालांकि, हर बार वे बच निकले। मंगलवार की रात हुई फायरिंग को भी उसने उसी पुराने विवाद से जोड़कर देखा है। पुलिस को दिए गए बयान में उसने दो लोगों के नाम बताए हैं। पुलिस अब जख्मी के बयान, पुराने हत्याकांड के रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। एसडीपीओ बोले- पुराने हत्याकांड के प्रतिशोध में गोली मारने की बात आई सामने घटना के बाद सदर एसडीपीओ-1 सुशील कुमार आरा सदर अस्पताल पहुंचे और जख्मी अमरजीत से मुलाकात कर उसका बयान लिया। उन्होंने बताया कि मंगलवार की रात अमरजीत नामक युवक को गोली लगी है और उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल ने बताया है कि होली के समय एक युवक की हत्या हुई थी और उसी के प्रतिशोध में उसे गोली मारी गई है। जख्मी की ओर से दो लोगों के नाम बताए गए हैं। पुलिस टीम आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस के मुताबिक, मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इंस्टाग्राम ग्रुप कॉलिंग में विवाद के बाद हुई थी आदर्श की हत्या गौरतलब है कि 2 मार्च 2026 की देर शाम बिहिया थाना क्षेत्र के झौआ गांव निवासी 17 वर्षीय आदर्श कुमार को मौलबाग मुहल्ले में घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक की मां अनुराधा देवी के बयान पर मौलाबाग वार्ड संख्या 12 निवासी नवनीत यादव उर्फ लोहा यादव, मंजीत यादव, अमरजीत यादव, कुंदन यादव, सूरज यादव और रौशन यादव को नामजद आरोपित बनाया गया था। प्राथमिकी के अनुसार, इंस्टाग्राम पर ग्रुप कॉलिंग के दौरान आदर्श कुमार और लोहा यादव के बीच विवाद हुआ था। इस दौरान दोनों के बीच गाली-गलौज भी हुई थी। इसके बाद हथियारबंद बदमाशों ने आदर्श के सीने में गोली मार दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। अब उसी हत्याकांड के करीब सात महीने बाद अमरजीत को गोली मारे जाने की घटना सामने आई है। पुलिस इस वारदात को पुराने विवाद से जोड़कर जांच कर रही है। आरा शहर के नवादा थाना क्षेत्र के मौलाबाग स्थित डीके कार्मेल स्कूल के समीप विजयादशमी की रात हथियारबंद बदमाशों ने होमगार्ड जवान के बेटे को गोली मार दी। घटना मंगलवार की रात की है। जख्मी युवक की पहचान मौलाबाग वार्ड संख्या 13 निवासी होमगार्ड जवान संजय यादव के 33 वर्षीय बेटे अमरजीत कुमार यादव के रूप में हुई है। अमरजीत यादव आरा नगर निगम में गाड़ी चलाने का काम करता है। गोली उसके कंधे के पास लगी है। जानकारी के मुताबिक, फायरिंग के दौरान एक गोली उसके सिर के पास से निकल गई। गोली लगने के बाद खून से लथपथ अमरजीत किसी तरह अपनी जान बचाकर घर पहुंचा और परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलने पर सदर एसडीपीओ-1 सुशील कुमार अस्पताल पहुंचे और जख्मी से पूछताछ कर वारदात की जानकारी ली। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जानकारी में मामला पुराने हत्याकांड से जुड़े प्रतिशोध का बताया जा रहा है। जख्मी ने दो लोगों पर संदेह जताया है। पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। एक गोली बाएं ओर सिर के पास से निकली जख्मी अमरजीत कुमार यादव ने बताया कि मंगलवार की रात वह बाइक से घर से होटल में खाना खाने के लिए जा रहा था। इसी दौरान डीके कार्मेल स्कूल के समीप स्प्लेंडर बाइक पर सवार दो हथियारबंद बदमाश पहुंचे और उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगे। अमरजीत फायरिंग के दौरान एक गोली उसके बाईं ओर सिर के पास से निकल गई, जबकि दूसरी गोली कंधे के पास लग गई। गोली लगने के बाद वह किसी तरह वहां से भाग निकला और अपनी जान बचाकर घर के पास पहुंचा। इसके बाद परिजनों को घटना की जानकारी दी गई। परिजन उसे तत्काल सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज शुरू किया गया। आदर्श हत्याकांड में तीन भाइयों को बनाया गया था नामजद आरोपित अमरजीत ने बताया कि 2 मार्च 2026 को बिहिया थाना क्षेत्र के झौआ गांव निवासी स्व. शत्रुघ्न सिंह के 17 वर्षीय बेटे आदर्श कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस हत्याकांड में उसे और उसके दो भाइयों नवनीत यादव उर्फ लोहा यादव तथा मंजीत यादव को नामजद आरोपित बनाया गया था। अमरजीत ने बताया कि उसका भाई लोहा यादव फिलहाल जेल में है। उसने दावा किया कि आदर्श की हत्या में उसके परिवार का कोई हाथ नहीं था और उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। धमकी मिलने और पहले भी हमले की बात कही अमरजीत ने बताया कि आदर्श हत्याकांड के बाद उसके और उसके भाइयों के खिलाफ बदले की भावना से हत्या करने की धमकी दी गई थी। तीनों भाइयों को जान से मारने की धमकी मिली थी और इसके बाद कई बार उन पर हमला करने की कोशिश भी की गई। हालांकि, हर बार वे बच निकले। मंगलवार की रात हुई फायरिंग को भी उसने उसी पुराने विवाद से जोड़कर देखा है। पुलिस को दिए गए बयान में उसने दो लोगों के नाम बताए हैं। पुलिस अब जख्मी के बयान, पुराने हत्याकांड के रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। एसडीपीओ बोले- पुराने हत्याकांड के प्रतिशोध में गोली मारने की बात आई सामने घटना के बाद सदर एसडीपीओ-1 सुशील कुमार आरा सदर अस्पताल पहुंचे और जख्मी अमरजीत से मुलाकात कर उसका बयान लिया। उन्होंने बताया कि मंगलवार की रात अमरजीत नामक युवक को गोली लगी है और उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल ने बताया है कि होली के समय एक युवक की हत्या हुई थी और उसी के प्रतिशोध में उसे गोली मारी गई है। जख्मी की ओर से दो लोगों के नाम बताए गए हैं। पुलिस टीम आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस के मुताबिक, मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इंस्टाग्राम ग्रुप कॉलिंग में विवाद के बाद हुई थी आदर्श की हत्या गौरतलब है कि 2 मार्च 2026 की देर शाम बिहिया थाना क्षेत्र के झौआ गांव निवासी 17 वर्षीय आदर्श कुमार को मौलबाग मुहल्ले में घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक की मां अनुराधा देवी के बयान पर मौलाबाग वार्ड संख्या 12 निवासी नवनीत यादव उर्फ लोहा यादव, मंजीत यादव, अमरजीत यादव, कुंदन यादव, सूरज यादव और रौशन यादव को नामजद आरोपित बनाया गया था। प्राथमिकी के अनुसार, इंस्टाग्राम पर ग्रुप कॉलिंग के दौरान आदर्श कुमार और लोहा यादव के बीच विवाद हुआ था। इस दौरान दोनों के बीच गाली-गलौज भी हुई थी। इसके बाद हथियारबंद बदमाशों ने आदर्श के सीने में गोली मार दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। अब उसी हत्याकांड के करीब सात महीने बाद अमरजीत को गोली मारे जाने की घटना सामने आई है। पुलिस इस वारदात को पुराने विवाद से जोड़कर जांच कर रही है।

