भोजपुर में बाढ़ में घर-बार छोड़कर बिलौटी गांव के टाड़ पर शरण लेने को मजबूर ज्वइनिया के विस्थापित परिवारों से मिलने मंगलवार को भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह पहुंचेंगी। वे बाढ़ पीड़ितों की स्थिति का जायजा लेने के साथ उनके बीच राहत सामग्री का वितरण करेंगी। शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव के टाड़ पर पिछले कई दिनों से छेड़ नदी के बाढ़ के पानी के कारण ज्वइनिया के बड़ी संख्या में परिवार विस्थापित होकर रह रहे हैं। बाढ़ का पानी बढ़ने के बाद इन परिवारों को अपना घर और सामान को पानी डूबे देखकर काफी दुखित है। विस्थापितों के सामने खाना-पानी जुटाने की चुनौती टाड़ पर रह रहे विस्थापितों के सामने सबसे बड़ी परेशानी भोजन की है। कई दिनों से पानी से घिरे होने के कारण रोजमर्रा की जरूरतों का सामान जुटाना मुश्किल हो गया है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्थायी ठिकानों में रहने वाले परिवारों को खाना, पीने का पानी और जरूरी सामान के लिए दूसरों की मदद का इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में अक्षरा सिंह के पहुंचने और राहत सामग्री बांटने की खबर से विस्थापित परिवारों में उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ ने उनकी जिंदगी पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दी है। अब राहत सामग्री मिलने से कम से कम कुछ दिनों के लिए भोजन और जरूरी सामान की चिंता कम होगी। 11 सितंबर को अक्षरा सिंह ने बाढ़ प्रभावितों को लेकर जारी किया था वीडियो भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह ने 11 सितंबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था। उन्होंने बिहार, नेपाल और असम में आई भीषण बाढ़ और उससे प्रभावित लोगों पर गहरी चिंता जताई थी। अक्षरा ने कहा था कि पहले असम, फिर नेपाल और अब हमारा बिहार… लगातार बाढ़ की ये तस्वीरें देखकर मन बहुत व्यथित है। कई घर डूब गए हैं, परिवार बेघर हैं और लोग सुरक्षित जगहों और मदद का इंतजार कर रहे हैं। खुद को ‘बिहार की बेटी’ बताते हुए उन्होंने कहा कि वे सिर्फ चिंता जताने के लिए नहीं, बल्कि खुद भी अपनी क्षमता अनुसार मदद करने के लिए आगे आ रही हैं। उन्होंने सभी समर्थ लोगों से पीड़ितों की सहायता का आग्रह किया। उन्होंने अपील की कि लोग सोशल मीडिया पर केवल सही और सत्यापित जानकारी ही शेयर करें ताकि वास्तविक जरूरतमंदों तक समय पर राहत पहुंच सके। प्रभावित परिवारों के लिए प्रार्थना करते हुए अक्षरा ने कहा, “हम साथ मिलकर इस मुश्किल घड़ी से निकल जाएंगे। मुश्किल बड़ी जरूर है, लेकिन बिहार का हौसला उससे भी बड़ा है।”
Pls help come forward @BiharGovt pic.twitter.com/eRDb0h1hkV— AKSHARA SINGH (@AKSHARASINGH1) September 10, 2026
बाढ़ पीड़ितों को सरकार ने दिए 7-7 हजार बिहार में बाढ़ की स्थिति अब भी बनी हुई है। 15 जिलों के 575 पंचायतों में करीब 49.67 लाख की आबादी अभी भी बाढ़ के पानी से घिरी हुई है। इनमें पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल जिले शामिल हैं। इस बीच बिहार सरकार ने बाढ़ पीड़ितों को आर्थिक मदद देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंगलवार यानी आज 8 लाख 27 हजार 472 बाढ़ पीड़ित परिवारों को सात-सात हजार रुपए उनके बैंक खाते में डीबीटी के जरिए भेज हैं। कार्यक्रम के दौरान सीएम ने कहा कि जब तक स्थिति नहीं सुधरती है, कम्यूनिटी किचन और बाकी राहत-बचाव कार्य जारी रहेगा। बिहार में बाढ़ की क्या है स्थिति, जानिए… बिहार में बाढ़ की स्थिति अब भी बनी हुई है। 15 जिलों के 2,360 गांवों में करीब 49 लाख की आबादी अभी भी बाढ़ के पानी से घिरी हुई है। वहीं, प्रदेश की 5 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बिहार में इस मानसून सीजन में अब तक बारिश की कमी बनी हुई है। राज्य में अब तक 883 MM बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन 571.9 MM बारिश ही हुई है। यह औसत से 35% कम है। पिछले 24 घंटे में किशनगंज में 75 MM, कटिहार में 38 MM, बांका में 36.6 MM, पूर्णिया में 29 MM और मुंगेर में 26 MM बारिश रिकॉर्ड की गई है। बिहार में बाढ़ की तस्वीरे देखिए… 5 नदियां लाल निशान से ऊपर उत्तर बिहार में नदियां लाल निशान से ऊपर बह रही हैं। कोसी खगड़िया के बलतारा में 114 सेमी और कटिहार के कुरसेला में 125 सेमी, बागमती मुजफ्फरपुर के बेनीबाद में 31 सेमी, बूढ़ी गंडक खगड़िया में 134 सेमी, घाघरा सीवान के दरौली में 34 सेमी खतरे के निशान से ऊपर है। भोजपुर में बाढ़ में घर-बार छोड़कर बिलौटी गांव के टाड़ पर शरण लेने को मजबूर ज्वइनिया के विस्थापित परिवारों से मिलने मंगलवार को भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह पहुंचेंगी। वे बाढ़ पीड़ितों की स्थिति का जायजा लेने के साथ उनके बीच राहत सामग्री का वितरण करेंगी। शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव के टाड़ पर पिछले कई दिनों से छेड़ नदी के बाढ़ के पानी के कारण ज्वइनिया के बड़ी संख्या में परिवार विस्थापित होकर रह रहे हैं। बाढ़ का पानी बढ़ने के बाद इन परिवारों को अपना घर और सामान को पानी डूबे देखकर काफी दुखित है। विस्थापितों के सामने खाना-पानी जुटाने की चुनौती टाड़ पर रह रहे विस्थापितों के सामने सबसे बड़ी परेशानी भोजन की है। कई दिनों से पानी से घिरे होने के कारण रोजमर्रा की जरूरतों का सामान जुटाना मुश्किल हो गया है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्थायी ठिकानों में रहने वाले परिवारों को खाना, पीने का पानी और जरूरी सामान के लिए दूसरों की मदद का इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में अक्षरा सिंह के पहुंचने और राहत सामग्री बांटने की खबर से विस्थापित परिवारों में उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ ने उनकी जिंदगी पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दी है। अब राहत सामग्री मिलने से कम से कम कुछ दिनों के लिए भोजन और जरूरी सामान की चिंता कम होगी। 11 सितंबर को अक्षरा सिंह ने बाढ़ प्रभावितों को लेकर जारी किया था वीडियो भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह ने 11 सितंबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था। उन्होंने बिहार, नेपाल और असम में आई भीषण बाढ़ और उससे प्रभावित लोगों पर गहरी चिंता जताई थी। अक्षरा ने कहा था कि पहले असम, फिर नेपाल और अब हमारा बिहार… लगातार बाढ़ की ये तस्वीरें देखकर मन बहुत व्यथित है। कई घर डूब गए हैं, परिवार बेघर हैं और लोग सुरक्षित जगहों और मदद का इंतजार कर रहे हैं। खुद को ‘बिहार की बेटी’ बताते हुए उन्होंने कहा कि वे सिर्फ चिंता जताने के लिए नहीं, बल्कि खुद भी अपनी क्षमता अनुसार मदद करने के लिए आगे आ रही हैं। उन्होंने सभी समर्थ लोगों से पीड़ितों की सहायता का आग्रह किया। उन्होंने अपील की कि लोग सोशल मीडिया पर केवल सही और सत्यापित जानकारी ही शेयर करें ताकि वास्तविक जरूरतमंदों तक समय पर राहत पहुंच सके। प्रभावित परिवारों के लिए प्रार्थना करते हुए अक्षरा ने कहा, “हम साथ मिलकर इस मुश्किल घड़ी से निकल जाएंगे। मुश्किल बड़ी जरूर है, लेकिन बिहार का हौसला उससे भी बड़ा है।”
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बाढ़ पीड़ितों को सरकार ने दिए 7-7 हजार बिहार में बाढ़ की स्थिति अब भी बनी हुई है। 15 जिलों के 575 पंचायतों में करीब 49.67 लाख की आबादी अभी भी बाढ़ के पानी से घिरी हुई है। इनमें पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल जिले शामिल हैं। इस बीच बिहार सरकार ने बाढ़ पीड़ितों को आर्थिक मदद देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंगलवार यानी आज 8 लाख 27 हजार 472 बाढ़ पीड़ित परिवारों को सात-सात हजार रुपए उनके बैंक खाते में डीबीटी के जरिए भेज हैं। कार्यक्रम के दौरान सीएम ने कहा कि जब तक स्थिति नहीं सुधरती है, कम्यूनिटी किचन और बाकी राहत-बचाव कार्य जारी रहेगा। बिहार में बाढ़ की क्या है स्थिति, जानिए… बिहार में बाढ़ की स्थिति अब भी बनी हुई है। 15 जिलों के 2,360 गांवों में करीब 49 लाख की आबादी अभी भी बाढ़ के पानी से घिरी हुई है। वहीं, प्रदेश की 5 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बिहार में इस मानसून सीजन में अब तक बारिश की कमी बनी हुई है। राज्य में अब तक 883 MM बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन 571.9 MM बारिश ही हुई है। यह औसत से 35% कम है। पिछले 24 घंटे में किशनगंज में 75 MM, कटिहार में 38 MM, बांका में 36.6 MM, पूर्णिया में 29 MM और मुंगेर में 26 MM बारिश रिकॉर्ड की गई है। बिहार में बाढ़ की तस्वीरे देखिए… 5 नदियां लाल निशान से ऊपर उत्तर बिहार में नदियां लाल निशान से ऊपर बह रही हैं। कोसी खगड़िया के बलतारा में 114 सेमी और कटिहार के कुरसेला में 125 सेमी, बागमती मुजफ्फरपुर के बेनीबाद में 31 सेमी, बूढ़ी गंडक खगड़िया में 134 सेमी, घाघरा सीवान के दरौली में 34 सेमी खतरे के निशान से ऊपर है।

