बहराइच में बाढ़ के कारण जलस्तर बढ़ने से कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में जलीय जीव आबादी वाले इलाकों में पहुंचने लगे हैं। मंगलवार को वन विभाग की टीम ने दो अलग-अलग घटनाओं में रिहाइशी इलाकों में पहुंचे दो मगरमच्छों को सुरक्षित रेस्क्यू किया और उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया। वन विभाग की तत्परता से इन दोनों घटनाओं में किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ। पहली घटना ककरहा रेंज के पैरुआ गांव की है। मंगलवार तड़के करीब 3:45 बजे वन विभाग को सूचना मिली कि एक मगरमच्छ घर में घुस आया है। जानकारी मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और सावधानी से रेस्क्यू अभियान शुरू किया। करीब डेढ़ घंटे की कोशिश के बाद सुबह 5:30 बजे मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया गया। इसके बाद उसे भीऊरवीर घाट नहर में उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। आबादी की ओर आ सकते हैं मगरमच्छ दूसरी घटना मोतीपुर रेंज के मिहींपुरवा नगर पंचायत क्षेत्र की है। घनी आबादी में मगरमच्छ के भटककर पहुंचने की शिकायतों के बाद वन विभाग ने तीन दिन पहले यहां मगरमच्छ पकड़ने के लिए एक खास पिंजरा लगाया था। मंगलवार सुबह मगरमच्छ पिंजरे में सुरक्षित कैद हो गया। वन विभाग की टीम उसे बाहर निकालकर सुरक्षित जगह ले गई और उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया। वन विभाग ने बाढ़ के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। विभाग के अनुसार, बाढ़ के मौसम में जलस्तर बढ़ने के कारण मगरमच्छ नदी, नहर और पानी भरे क्षेत्रों से निकलकर आबादी की ओर आ सकते हैं। लोगों से कहा गया है कि वे बाढ़ के पानी, पानी भरे रास्तों और नदी-नालों के किनारे जाने से बचें। मवेशियों और पालतू पशुओं को भी पानी के स्रोतों के पास न ले जाने की सलाह दी गई है। अगर मगरमच्छ दिखाई दे तो उसे छेड़ने या पकड़ने की कोशिश न करें और तुरंत वन विभाग को सूचना दें।

