भोजपुर के चरपोखरी थाना क्षेत्र के पसौर गांव में विषैले सांप के डसने से घर में सो रहे किराना दुकानदार की मौत हो गई। इलाज के लिए सदर अस्पताल लाने के दौरान उन्होंने रास्ते में दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान चपोखरी थाना क्षेत्र के पसौर गांव के रहने वाले श्रीभगवान साह के 51 साल के बेटे लवकुश कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। वे पेशे से किराना दुकानदार थे और गांव में ही अपना दुकान चलाते थे। मृतक के भाई ने कहा- मच्छरदानी के बाहर से ही सांप ने काटा मृतक के छोटे भाई मनीष कुमार ने बताया कि मेरे भाई लवकुश गुप्ता रोज की तरह खाना खाने के बाद घर में बेड पर मच्छरदानी लगाकर सोए थे। इसी दौरान देर रात मच्छरदानी के बाहर से ही जहरीले सांप ने उन्हें डंस लिया। सांप के काटे जाने के बाद उन्होंने शोर मचाया, हम लोग उठे और उनके पास पहुंचे तो सांप को भागते देखा। उन्होंने बताया कि कुछ ही देर में लवकुश गुप्ता की हालत काफी ज्यादा खराब हो गई। मनीष ने बताया कि परिजन भाई को अस्पताल न ले जाकर झाड़फूंक के लिए गांव में एक ओझा के पास ले गए। काफी देर तक झाड़फूंक कराने के बाद भी जब उनकी हालत में कोई सुधार न हुआ तो, परिजन उन्हें इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया मनीष ने बताया कि अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने भाई को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई और शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। मृतक अपने तीन भाई और दो बहन में बड़े थे। उनके परिवार में पत्नी मंजू देवी और दो बेटे आयुष कुमार, पीयूष कुमार और एक बेटी अमिका कुमारी है। भोजपुर के चरपोखरी थाना क्षेत्र के पसौर गांव में विषैले सांप के डसने से घर में सो रहे किराना दुकानदार की मौत हो गई। इलाज के लिए सदर अस्पताल लाने के दौरान उन्होंने रास्ते में दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान चपोखरी थाना क्षेत्र के पसौर गांव के रहने वाले श्रीभगवान साह के 51 साल के बेटे लवकुश कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। वे पेशे से किराना दुकानदार थे और गांव में ही अपना दुकान चलाते थे। मृतक के भाई ने कहा- मच्छरदानी के बाहर से ही सांप ने काटा मृतक के छोटे भाई मनीष कुमार ने बताया कि मेरे भाई लवकुश गुप्ता रोज की तरह खाना खाने के बाद घर में बेड पर मच्छरदानी लगाकर सोए थे। इसी दौरान देर रात मच्छरदानी के बाहर से ही जहरीले सांप ने उन्हें डंस लिया। सांप के काटे जाने के बाद उन्होंने शोर मचाया, हम लोग उठे और उनके पास पहुंचे तो सांप को भागते देखा। उन्होंने बताया कि कुछ ही देर में लवकुश गुप्ता की हालत काफी ज्यादा खराब हो गई। मनीष ने बताया कि परिजन भाई को अस्पताल न ले जाकर झाड़फूंक के लिए गांव में एक ओझा के पास ले गए। काफी देर तक झाड़फूंक कराने के बाद भी जब उनकी हालत में कोई सुधार न हुआ तो, परिजन उन्हें इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया मनीष ने बताया कि अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने भाई को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई और शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। मृतक अपने तीन भाई और दो बहन में बड़े थे। उनके परिवार में पत्नी मंजू देवी और दो बेटे आयुष कुमार, पीयूष कुमार और एक बेटी अमिका कुमारी है।

