चरपोखरी थाना क्षेत्र के गड़हनी नगर स्थित इस्लामगंज मोहल्ले में सामाजिक कार्यकर्ता मो. जफी की हत्या मामले में भोजपुर एसपी ने कार्रवाई की है। एसपी अवधेश दीक्षित ने लापरवाही के आरोप में गड़हनी पिकेट प्रभारी सह एएसआई राजवीर कुमार और चरपोखरी थाना के चौकीदार बीरबल सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। एसपी ने यह कार्रवाई प्रथम दृष्टया कर्तव्य में शिथिलता और लापरवाही पाए जाने के बाद की है। एसपी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 11 सितंबर को चरपोखरी थाना क्षेत्र के गड़हनी में मो. जफी को गोली मार दी गई थी। गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के स्वजन और ग्रामीणों की ओर से स्थानीय पुलिस को सूचना दिए जाने के बावजूद समय पर आवश्यक कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया। इसे लेकर लोगों में काफी आक्रोश था। 12 सितंबर को गांव के लोगों ने आरा-सासाराम रोड को किया था जाम हत्या के विरोध में 12 सितंबर को ग्रामीणों ने गड़हनी चौक के समीप आरा-सासाराम मुख्य मार्ग को जाम कर दिया था। सड़क जाम के कारण आवागमन प्रभावित रहा और लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की। प्रथम दृष्टया पुलिसकर्मियों की ओर से कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही सामने आने पर दोनों को निलंबित कर दिया गया। एसपी बोले- दायित्व निर्वहन में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं एसपी अवधेश दीक्षित ने स्पष्ट किया है कि जनसुरक्षा, विधि-व्यवस्था और पुलिसकर्मियों के दायित्व निर्वहन में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सूचना मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मां के बयान पर सात नामजद, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी इधर, मो. जफी हत्याकांड में मृतक की मां आमना खातून के बयान पर चरपोखरी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी में मो. आरजू, मो. वारिस, मो. दानिश, मो. सलीम अंसारी उर्फ बबलू, उसकी पत्नी जुलेखा, स्व. हजरत अंसारी की पत्नी संजीदा खातून और अभिषेक कुमार को नामजद किया गया है। नामजद आरोपितों में एक ही परिवार के सदस्य भी शामिल हैं। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए डीएसपी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल सभी आरोपितों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। चरपोखरी थाना क्षेत्र के गड़हनी नगर स्थित इस्लामगंज मोहल्ले में सामाजिक कार्यकर्ता मो. जफी की हत्या मामले में भोजपुर एसपी ने कार्रवाई की है। एसपी अवधेश दीक्षित ने लापरवाही के आरोप में गड़हनी पिकेट प्रभारी सह एएसआई राजवीर कुमार और चरपोखरी थाना के चौकीदार बीरबल सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। एसपी ने यह कार्रवाई प्रथम दृष्टया कर्तव्य में शिथिलता और लापरवाही पाए जाने के बाद की है। एसपी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 11 सितंबर को चरपोखरी थाना क्षेत्र के गड़हनी में मो. जफी को गोली मार दी गई थी। गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के स्वजन और ग्रामीणों की ओर से स्थानीय पुलिस को सूचना दिए जाने के बावजूद समय पर आवश्यक कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया। इसे लेकर लोगों में काफी आक्रोश था। 12 सितंबर को गांव के लोगों ने आरा-सासाराम रोड को किया था जाम हत्या के विरोध में 12 सितंबर को ग्रामीणों ने गड़हनी चौक के समीप आरा-सासाराम मुख्य मार्ग को जाम कर दिया था। सड़क जाम के कारण आवागमन प्रभावित रहा और लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की। प्रथम दृष्टया पुलिसकर्मियों की ओर से कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही सामने आने पर दोनों को निलंबित कर दिया गया। एसपी बोले- दायित्व निर्वहन में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं एसपी अवधेश दीक्षित ने स्पष्ट किया है कि जनसुरक्षा, विधि-व्यवस्था और पुलिसकर्मियों के दायित्व निर्वहन में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सूचना मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मां के बयान पर सात नामजद, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी इधर, मो. जफी हत्याकांड में मृतक की मां आमना खातून के बयान पर चरपोखरी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी में मो. आरजू, मो. वारिस, मो. दानिश, मो. सलीम अंसारी उर्फ बबलू, उसकी पत्नी जुलेखा, स्व. हजरत अंसारी की पत्नी संजीदा खातून और अभिषेक कुमार को नामजद किया गया है। नामजद आरोपितों में एक ही परिवार के सदस्य भी शामिल हैं। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए डीएसपी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल सभी आरोपितों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

