रीवा के गांधी स्मारक चिकित्सालय में प्रसूता कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में भास्कर की खबर का असर देखने को मिला है। दैनिक भास्कर ने सबसे पहले मौत से पहले का वह वीडियो सामने लाया था, जिसमें कल्पना चलती-फिरती और बात करती नजर आ रही थीं। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने कार्रवाई तेज कर दी है। कल शाम नर्सिंग अधिकारी साधना वर्मा और सीमा मुजाल्दे को निलंबित किया गया था। अब 28 अगस्त को जारी आदेश में ड्यूटी पर तैनात दो डॉक्टरों को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय के डीन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. सुनील अग्रवाल ने प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की ड्यूटी डॉक्टर डॉ. सोनल अग्रवाल और निश्चेतना विभाग की डॉ. निधि पाण्डेय को निलंबित किया है। आदेश में दोनों डॉक्टरों पर अपने कार्य के प्रति घोर लापरवाही और गंभीर अनुशासनहीनता किए जाने का प्रथम दृष्टया उल्लेख किया गया है। कल्पना मिश्रा पति अमित मिश्रा, ग्राम हटवा, थाना बैकुंठपुर की रहने वाली थीं। उन्हें गांधी स्मारक चिकित्सालय के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में भर्ती कराया गया था। उनकी 26 अगस्त की रात 11:55 बजे मौत हो गई थी। मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए थे। मामले में सबसे बड़ा सवाल उस वीडियो को लेकर उठा था, जिसे दैनिक भास्कर ने सबसे पहले दिखाया था। वीडियो में कल्पना मौत से पहले चलती-फिरती और बात करती नजर आ रही थीं। परिजनों का कहना था कि वह मौत से पहले तक सामान्य हालत में थीं। परिवार ने सवाल उठाया था कि आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि उनकी मौत हो गई। लगातार दूसरे दिन हुई कार्रवाई से साफ है कि अस्पताल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लिया है। पहले नर्सिंग अधिकारियों पर कार्रवाई और अब दो डॉक्टरों के निलंबन से अस्पताल की ड्यूटी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं। निलंबन अवधि में दोनों डॉक्टरों को संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक, गांधी स्मारक चिकित्सालय रीवा के कार्यालय में पदस्थ किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। मौत से पहले स्वस्थ हालत में चलती-फिरती गर्भवती का वीडियो भास्कर ने सबसे पहले दिखाया था। खबर के बाद पहले दो नर्सिंग अधिकारियों का निलंबन हुआ और अब ड्यूटी पर तैनात दो डॉक्टरों पर भी कार्रवाई की गई है।

