राजनीतिक दबाव में दर्ज किए गए कथित झूठे मामले को रद्द न किए जाने के विरोध में ‘माझा किसान संघर्ष कमेटी’ ने पुलिस व प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कमेटी ने 29 अगस्त को पठानकोट-अमृतसर नेश्नल हाइवे स्थित दीनानगर के पनियाड़ बाईपास के पास ट्रैफिक जाम करने का ऐलान किया है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस, जिला प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की जाएगी। 10 महीने पुराना है मामला, राजनीतिक दबाव का आरोप प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए माझा किसान संघर्ष कमेटी के प्रांतीय उपाध्यक्ष सुखजिंदर सिंह कट्टोवाल ने बताया कि लगभग 10 महीने पहले थाना पुराना शाला के अंतर्गत आते गांव कट्टोवाल की सरपंच मनजिंदर कौर के परिवार और उनके समर्थकों पर एक मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला गांव की एक गली पर अवैध कब्जे के झूठे आरोप में दिलबाग सिंह द्वारा राजनीतिक दबाव बनवाकर दर्ज करवाया गया था। अफसरों के आश्वासन के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई कमेटी नेताओं ने बताया कि इस झूठे मामले को रद्द करवाने के लिए उन्होंने गुरदासपुर के एसएसपी, दीनानगर के डीएसपी राजिंदर मन्हास और बीडीपीओ से मुलाकात की थी। प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने जांच के बाद शिकायत को रद्द करने का पूरा भरोसा दिया था। लेकिन, काफी समय बीत जाने के बाद भी पुलिस ने इस पर्चे को रद्द नहीं किया, जिससे किसानों और ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। पर्चा रद्द होने तक जारी रहेगी धरना 29 अगस्त को दीनानगर हाईवे पर लगने वाले इस विशाल धरने का नेतृत्व माझा किसान संघर्ष कमेटी के अध्यक्ष बलविंदर सिंह औलख उर्फ राजू करेंगे। किसान नेताओं का कहना है कि जब तक पुलिस और प्रशासन इस झूठे मामले को पूरी तरह से रद्द नहीं करता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में माझा किसान संघर्ष कमेटी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी व किसान नेता उपस्थित थे, जिनमें प्रमुख रूप से बलजिंदर सिंह (सचिव, पंजाब माझा जोन), गुरशरण सिंह (जिला अध्यक्ष, पठानकोट), वरिंदर सिंह (सर्कल अध्यक्ष, तारागढ़), सोनू चड्ढा (जिला अध्यक्ष, गुरदासपुर) अन्य किसान नेता उपस्थित रहे।

