भारत-अमेरिका ट्रेड डील की ‘फिनिश लाइन’ नजदीक: 90% काम पूरा, आखिरी पेंच सुलझते ही हो सकता है ऐलान

भारत-अमेरिका ट्रेड डील की ‘फिनिश लाइन’ नजदीक: 90% काम पूरा, आखिरी पेंच सुलझते ही हो सकता है ऐलान

India US Trade Agreement: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चली आ रही ट्रेड डील अब आखिरी पड़ाव पर पहुंचती दिख रही है। अमेरिकी विदेश विभाग के एक सीनियर अधिकारी ने ANI को बताया कि यह डील “90 प्रतिशत पूरी” हो चुकी है और सिर्फ कुछ अंतिम डिटेल्स पर काम बाकी रह गया है।

अधिकारी ने इस समझौते को दोनों देशों के रिश्तों में सबसे बड़ी अड़चन करार देते हुए कहा कि इसके पूरा होने से भारत-अमेरिका संबंध एक बिल्कुल नए स्तर पर पहुंच सकते हैं। उन्होंने कहा, “मैं यही कहूंगा कि इंतजार करें, जैसा कि हम हमेशा कहते हैं, लेकिन हम बहुत करीब हैं। यह 90 प्रतिशत से ज्यादा पूरा हो चुका है और बस आखिरी चीजों पर काम हो रहा है, इसलिए मुझे उम्मीद है कि आप जल्द ही इस पर कुछ देखेंगे।” उन्होंने आगे कहा कि यह समझौता ऐसी उपलब्धि होगी जो दशकों से ट्रेड के मामले में हासिल नहीं हो सकी थी, और जब यह मुकाम आएगा तो वह पल बेहद रोमांचक होगा।

कब शुरू हुई थी बातचीत?

भारत और अमेरिका ने फरवरी 2026 में इस ट्रेड डील के लिए एक अंतरिम फ्रेमवर्क तैयार किया था, और तभी से बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट (BTA) को अंतिम रूप देने के लिए दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है।

पीयूष गोयल का बड़ा बयान- काम लगभग पूरा

इस बीच कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने गुरुवार को इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि भारत और अमेरिका ने ट्रेड समझौते पर काम लगभग पूरा कर लिया है। उन्होंने साफ किया कि जैसे ही वॉशिंगटन अमेरिकी बाजार में भारत को उसके प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले सही कॉम्पिटिटिव एडवांटेज देगा, इस डील को लागू कर दिया जाएगा।

13वें एनुअल फोरम 2026 इंडिया 3.0 में बोलते हुए गोयल ने बताया कि भारत के नौ प्रस्तावित समझौतों में अमेरिका वाला समझौता भी शामिल है, जिस पर काम लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले सही कॉम्पिटिटिव एडवांटेज ढूंढना जरूरी है ताकि इस समझौते को जल्द से जल्द लागू किया जा सके।

USIBC प्रमुख की अपील- ऐतिहासिक मौका न गंवाएं

US-इंडिया बिज़नेस काउंसिल (USIBC) के प्रेसिडेंट और रिटायर्ड एम्बेसडर अतुल केशप ने कहा कि अमेरिका और भारत को इस “ऐतिहासिक” ट्रेड एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने की कोशिशें और तेज करनी चाहिए। उनके मुताबिक इससे व्यापार की बाधाएं कम होंगी, टैरिफ घटेगा और दोनों देशों की आर्थिक-रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी। केशप ने दोनों सरकारों से आग्रह किया कि आपसी व्यापार बढ़ाने से 2026 में हुए रिकॉर्ड निवेश को और गति मिलेगी, जिसका सीधा फायदा भारत और अमेरिका दोनों के व्यवसायों को होगा।

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