भागलपुर में बाढ़-कटाव का जायजा लेने पहुंचे सम्राट चौधरी:बोले- 12 किमी तटबंध होगा मजबूत, गंगा में ड्रेजिंग से कटाव का निकलेगा समाधान, एरियल सर्वे किया

भागलपुर में बाढ़-कटाव का जायजा लेने पहुंचे सम्राट चौधरी:बोले- 12 किमी तटबंध होगा मजबूत, गंगा में ड्रेजिंग से कटाव का निकलेगा समाधान, एरियल सर्वे किया

भागलपुर में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को नवगछिया अनुमंडल के राघोपुर पहुंचे और गंगा की बाढ़ व भीषण कटाव का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने भागलपुर और नवगछिया के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हेलीकॉप्टर से एरियल सर्वे किया। इसके बाद राघोपुर पहुंचकर कटाव प्रभावित क्षेत्र का स्थल निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने मौके पर चल रहे कटावरोधी कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों से अब तक किए गए कार्यों, मौजूदा स्थिति और आगे की तैयारियों की जानकारी ली। पुरानी रेल लाइन तटबंध को बचाने के काम का लिया जायजा राघोपुर में गंगा की तेज धारा से लगातार हो रहे कटाव के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों से कटाव की स्थिति, तटबंध की सुरक्षा और बचाव कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने पुरानी रेल लाइन तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए किए जा रहे कार्यों का भी निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कटावरोधी कार्य में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जहां जरूरत हो, वहां अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराकर काम की गति तेज की जाए। 12 किलोमीटर तटबंध होगा मजबूत, गंगा में होगी ड्रेजिंग मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार राघोपुर सहित गंगा के तटवर्ती इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। कटाव की समस्या का केवल तत्काल समाधान नहीं किया जाएगा, बल्कि इसके स्थायी समाधान की दिशा में भी काम होगा। उन्होंने बताया कि करीब 12 किलोमीटर तटबंध को मजबूत करने का काम किया जाएगा। इसके साथ ही गंगा नदी में ड्रेजिंग भी कराई जाएगी, ताकि नदी की धारा और कटाव की समस्या को नियंत्रित करने में मदद मिल सके। 23 अगस्त की रात टूटा था बांध, तेजी से फैला था पानी राघोपुर इलाके में 23 अगस्त की रात बांध टूटने के बाद स्थिति गंभीर हो गई थी। बांध टूटने के बाद गंगा का पानी तेजी से आसपास के इलाकों में फैल गया और कटाव ने भीषण रूप ले लिया। नदी की तेज धारा की चपेट में आकर कई जगह जमीन का बड़ा हिस्सा नदी में समाता चला गया। कटाव के खतरे को देखते हुए बड़ी संख्या में ग्रामीणों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। कई परिवारों के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की चुनौती खड़ी हो गई। दो दिनों से कटाव की रफ्तार में आई कमी प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से लगातार कटावरोधी कार्य कराया जा रहा है। बोरे, जियो बैग और अन्य संसाधनों के जरिए संवेदनशील स्थानों को सुरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। पिछले दो दिनों में कटाव की रफ्तार कुछ कम हुई है, जिससे ग्रामीणों को थोड़ी राहत मिली है। हालांकि, खतरा अभी टला नहीं है। नदी के जलस्तर और धारा की स्थिति को देखते हुए तटबंध और आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को कटावरोधी कार्यों की प्रगति और आगे की कार्ययोजना की जानकारी दी। संवेदनशील स्थानों पर प्राथमिकता से काम के निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संवेदनशील स्थानों पर कटावरोधी कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और तटबंध को बचाना है। तत्काल राहत और बचाव कार्यों के साथ भविष्य में कटाव की समस्या को रोकने के लिए भी ठोस कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया। हर साल कटाव से प्रभावित होते हैं दियारा क्षेत्र के लोग राघोपुर में लगातार हो रहे कटाव को लेकर लंबे समय से स्थायी समाधान की मांग उठती रही है। हर साल बाढ़ के दौरान गंगा की धारा बदलने और कटाव बढ़ने से दियारा क्षेत्र के ग्रामीण प्रभावित होते हैं। मुख्यमंत्री की ओर से करीब 12 किलोमीटर तटबंध को मजबूत करने और गंगा में ड्रेजिंग कराने की घोषणा को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम करने पर भी जोर दिया। भागलपुर में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को नवगछिया अनुमंडल के राघोपुर पहुंचे और गंगा की बाढ़ व भीषण कटाव का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने भागलपुर और नवगछिया के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हेलीकॉप्टर से एरियल सर्वे किया। इसके बाद राघोपुर पहुंचकर कटाव प्रभावित क्षेत्र का स्थल निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने मौके पर चल रहे कटावरोधी कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों से अब तक किए गए कार्यों, मौजूदा स्थिति और आगे की तैयारियों की जानकारी ली। पुरानी रेल लाइन तटबंध को बचाने के काम का लिया जायजा राघोपुर में गंगा की तेज धारा से लगातार हो रहे कटाव के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों से कटाव की स्थिति, तटबंध की सुरक्षा और बचाव कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने पुरानी रेल लाइन तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए किए जा रहे कार्यों का भी निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कटावरोधी कार्य में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जहां जरूरत हो, वहां अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराकर काम की गति तेज की जाए। 12 किलोमीटर तटबंध होगा मजबूत, गंगा में होगी ड्रेजिंग मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार राघोपुर सहित गंगा के तटवर्ती इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। कटाव की समस्या का केवल तत्काल समाधान नहीं किया जाएगा, बल्कि इसके स्थायी समाधान की दिशा में भी काम होगा। उन्होंने बताया कि करीब 12 किलोमीटर तटबंध को मजबूत करने का काम किया जाएगा। इसके साथ ही गंगा नदी में ड्रेजिंग भी कराई जाएगी, ताकि नदी की धारा और कटाव की समस्या को नियंत्रित करने में मदद मिल सके। 23 अगस्त की रात टूटा था बांध, तेजी से फैला था पानी राघोपुर इलाके में 23 अगस्त की रात बांध टूटने के बाद स्थिति गंभीर हो गई थी। बांध टूटने के बाद गंगा का पानी तेजी से आसपास के इलाकों में फैल गया और कटाव ने भीषण रूप ले लिया। नदी की तेज धारा की चपेट में आकर कई जगह जमीन का बड़ा हिस्सा नदी में समाता चला गया। कटाव के खतरे को देखते हुए बड़ी संख्या में ग्रामीणों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। कई परिवारों के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की चुनौती खड़ी हो गई। दो दिनों से कटाव की रफ्तार में आई कमी प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से लगातार कटावरोधी कार्य कराया जा रहा है। बोरे, जियो बैग और अन्य संसाधनों के जरिए संवेदनशील स्थानों को सुरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। पिछले दो दिनों में कटाव की रफ्तार कुछ कम हुई है, जिससे ग्रामीणों को थोड़ी राहत मिली है। हालांकि, खतरा अभी टला नहीं है। नदी के जलस्तर और धारा की स्थिति को देखते हुए तटबंध और आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को कटावरोधी कार्यों की प्रगति और आगे की कार्ययोजना की जानकारी दी। संवेदनशील स्थानों पर प्राथमिकता से काम के निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संवेदनशील स्थानों पर कटावरोधी कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और तटबंध को बचाना है। तत्काल राहत और बचाव कार्यों के साथ भविष्य में कटाव की समस्या को रोकने के लिए भी ठोस कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया। हर साल कटाव से प्रभावित होते हैं दियारा क्षेत्र के लोग राघोपुर में लगातार हो रहे कटाव को लेकर लंबे समय से स्थायी समाधान की मांग उठती रही है। हर साल बाढ़ के दौरान गंगा की धारा बदलने और कटाव बढ़ने से दियारा क्षेत्र के ग्रामीण प्रभावित होते हैं। मुख्यमंत्री की ओर से करीब 12 किलोमीटर तटबंध को मजबूत करने और गंगा में ड्रेजिंग कराने की घोषणा को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम करने पर भी जोर दिया।  

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