भागलपुर में गंगा के दबाव से स्लुइस गेट से रिसाव:नारायणपुर में 5 दिनों से रिस रहा पानी, अधिकारियों ने लिया जायजा; तटबंध पर खतरा

भागलपुर में गंगा के दबाव से स्लुइस गेट से रिसाव:नारायणपुर में 5 दिनों से रिस रहा पानी, अधिकारियों ने लिया जायजा; तटबंध पर खतरा

भागलपुर के नारायणपुर प्रखंड में गंगा नदी के बढ़ते दबाव के कारण जीएन तटबंध के नवटोलिया स्थित पुराने स्लुईस गेट से पानी का रिसाव हो रहा है। पिछले पांच दिनों से जारी इस रिसाव से इलाके में ग्रामीणों के बीच तटबंध को लेकर चिंता बढ़ गई है। सूचना मिलने पर सोमवार देर रात बाढ़ प्रमंडल खगड़िया और स्थानीय प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। बताया गया है कि इस पुराने स्लुईस गेट से करीब पांच दिनों से लगातार पानी रिस रहा था। शुरुआत में रिसाव कम होने के कारण ग्रामीणों ने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया था। हालांकि, पानी का रिसाव जारी रहने से उनकी चिंता बढ़ने लगी। पानी के रिसाव को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए सोमवार रात को जब अधिकारियों को मामले की जानकारी मिली, तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे। बाढ़ प्रमंडल खगड़िया के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार सहनी, एसडीओ मनोज कुमार सिंह, कनीय अभियंता परमानंद ठाकुर और नारायणपुर के सीओ आशीष कुमार ने स्लुईस गेट का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने गेट के आसपास की स्थिति देखी और पानी के रिसाव को रोकने के लिए तुरंत जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। ग्रामीण रूस्तम अली ने बताया कि स्लुईस गेट में दोनों तरफ रबर लगा हुआ है, लेकिन इसका ऊपरी हिस्सा खाली है। आशंका है कि पानी उसी खाली हिस्से से बाहर निकल रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, गंगा के पानी का लगातार दबाव बने रहने से पुराने गेट पर दबाव बढ़ गया है, जिससे यह रिसाव शुरू हुआ है। बोरी डालकर रिसाव रोकने की कोशिश मौके पर पहुंचे बाढ़ प्रमंडल के अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल बोरियां डालकर पानी के रिसाव को रोकने का काम शुरू कराया। अधिकारियों के अनुसार पहले की तुलना में अब पानी का रिसाव कम हुआ है और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास जारी है। सीओ आशीष कुमार ने बताया कि स्लुईस गेट से हो रहे रिसाव को रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन और बाढ़ विभाग की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है तथा रिसाव को पूरी तरह रोकने का प्रयास जारी है। रात में मौके पर जुटे ग्रामीण स्लुईस गेट से पानी रिसने की खबर फैलते ही नवटोलिया और आसपास के ग्रामीणों में बेचैनी बढ़ गई। रात में ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और अधिकारियों से स्थिति की जानकारी लेते रहे। ग्रामीणों की नजर लगातार तटबंध और स्लुईस गेट पर बनी रही। लोगों को आशंका है कि यदि रिसाव बढ़ा तो आसपास के इलाकों के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है। हालांकि अधिकारियों ने फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में बताया है, लेकिन पुराने स्लुईस गेट से लगातार पानी का रिसाव ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गेट की तकनीकी जांच कराने और स्थायी रूप से रिसाव की समस्या दूर करने की मांग की है, ताकि भविष्य में गंगा के बढ़ते जलस्तर के दौरान किसी बड़े खतरे की स्थिति उत्पन्न न हो। वही मौके पर मुखिया प्रतिनिधि प्रीतम मिश्रा, कुद्दुस अली, गौरव यादव, अयूब अली समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। भागलपुर के नारायणपुर प्रखंड में गंगा नदी के बढ़ते दबाव के कारण जीएन तटबंध के नवटोलिया स्थित पुराने स्लुईस गेट से पानी का रिसाव हो रहा है। पिछले पांच दिनों से जारी इस रिसाव से इलाके में ग्रामीणों के बीच तटबंध को लेकर चिंता बढ़ गई है। सूचना मिलने पर सोमवार देर रात बाढ़ प्रमंडल खगड़िया और स्थानीय प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। बताया गया है कि इस पुराने स्लुईस गेट से करीब पांच दिनों से लगातार पानी रिस रहा था। शुरुआत में रिसाव कम होने के कारण ग्रामीणों ने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया था। हालांकि, पानी का रिसाव जारी रहने से उनकी चिंता बढ़ने लगी। पानी के रिसाव को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए सोमवार रात को जब अधिकारियों को मामले की जानकारी मिली, तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे। बाढ़ प्रमंडल खगड़िया के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार सहनी, एसडीओ मनोज कुमार सिंह, कनीय अभियंता परमानंद ठाकुर और नारायणपुर के सीओ आशीष कुमार ने स्लुईस गेट का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने गेट के आसपास की स्थिति देखी और पानी के रिसाव को रोकने के लिए तुरंत जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। ग्रामीण रूस्तम अली ने बताया कि स्लुईस गेट में दोनों तरफ रबर लगा हुआ है, लेकिन इसका ऊपरी हिस्सा खाली है। आशंका है कि पानी उसी खाली हिस्से से बाहर निकल रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, गंगा के पानी का लगातार दबाव बने रहने से पुराने गेट पर दबाव बढ़ गया है, जिससे यह रिसाव शुरू हुआ है। बोरी डालकर रिसाव रोकने की कोशिश मौके पर पहुंचे बाढ़ प्रमंडल के अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल बोरियां डालकर पानी के रिसाव को रोकने का काम शुरू कराया। अधिकारियों के अनुसार पहले की तुलना में अब पानी का रिसाव कम हुआ है और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास जारी है। सीओ आशीष कुमार ने बताया कि स्लुईस गेट से हो रहे रिसाव को रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन और बाढ़ विभाग की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है तथा रिसाव को पूरी तरह रोकने का प्रयास जारी है। रात में मौके पर जुटे ग्रामीण स्लुईस गेट से पानी रिसने की खबर फैलते ही नवटोलिया और आसपास के ग्रामीणों में बेचैनी बढ़ गई। रात में ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और अधिकारियों से स्थिति की जानकारी लेते रहे। ग्रामीणों की नजर लगातार तटबंध और स्लुईस गेट पर बनी रही। लोगों को आशंका है कि यदि रिसाव बढ़ा तो आसपास के इलाकों के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है। हालांकि अधिकारियों ने फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में बताया है, लेकिन पुराने स्लुईस गेट से लगातार पानी का रिसाव ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गेट की तकनीकी जांच कराने और स्थायी रूप से रिसाव की समस्या दूर करने की मांग की है, ताकि भविष्य में गंगा के बढ़ते जलस्तर के दौरान किसी बड़े खतरे की स्थिति उत्पन्न न हो। वही मौके पर मुखिया प्रतिनिधि प्रीतम मिश्रा, कुद्दुस अली, गौरव यादव, अयूब अली समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।  

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