भागलपुर- गंगा में उफान से अटका राजमहल क्रूज:सिमरिया पुल ने रोकी रफ्तार, 9 विदेशी समेत 11 पर्यटकों को सुरक्षित; कोलकाता से वाराणसी जा रहा था

भागलपुर- गंगा में उफान से अटका राजमहल क्रूज:सिमरिया पुल ने रोकी रफ्तार, 9 विदेशी समेत 11 पर्यटकों को सुरक्षित; कोलकाता से वाराणसी जा रहा था

कोलकाता से वाराणसी जा रहा राजमहल गंगा क्रूज भागलपुर में छह दिनों से फंसा हुआ है। गंगा नदी में पानी का स्तर बढ़ने के कारण क्रूज की रफ्तार रुक गई है। ये क्रूज 5 सितंबर को विक्रमशिला सेतु पार कर भागलपुर पहुंचा था और 6 सितंबर से गंगा में लंगर डालकर खड़ा है। बेगूसराय के सिमरिया पुल के नीचे पानी का स्तर बढ़ने से क्रूज के लिए पर्याप्त ऊंचाई नहीं बची है, जिससे उसका सुरक्षित निकलना मुश्किल हो गया है। क्रूज पर कुल 9 पर्यटक और 31 चालक दल के सदस्य सवार थे। इन पर्यटकों में दो भारतीय नागरिक और न्यूजीलैंड, ब्रिटेन व नीदरलैंड के विदेशी सैलानी शामिल थे। पानी के बढ़े स्तर को देखते हुए पर्यटकों की सुरक्षा को सबसे पहले रखा गया। सभी 9 सैलानियों को भागलपुर रेलवे स्टेशन से ट्रेन के जरिए पटना भेजा गया। पटना में उनके रुकने का इंतजाम किया गया है। वहां से उन्हें सड़क मार्ग से आगे के पर्यटन स्थलों पर घुमाया जा रहा है। भागलपुर में फंसे राजमहल क्रूज की तीन तस्वीरें देखें सिमरिया पुल के नीचे से क्रूज नहीं निकल पा रहा था क्रूज के प्रतिनिधि रंजीत ने बताया कि कोलकाता से पटना होते हुए बनारस जाते समय उन्हें जानकारी मिली थी। सिमरिया पुल के पास गंगा का पानी काफी बढ़ गया था। इससे पुल के नीचे क्रूज के निकलने के लिए जरूरी ऊंचाई बहुत कम हो गई थी। ऐसी स्थिति में क्रूज को आगे ले जाना खतरनाक हो सकता था। इसी कारण 6 सितंबर को भागलपुर में क्रूज को रोकने का फैसला लिया गया। फिलहाल क्रूज पर चालक दल के 29 सदस्य मौजूद हैं, जबकि दो सदस्य अपने घर गए हुए हैं। क्रूज पर सुरक्षा को लेकर किसी तरह की दिक्कत नहीं है। दो से तीन दिन में मिल सकती है हरी झंडी एसडीआरएफ भागलपुर के टीम कमांडर इंस्पेक्टर कुमार नीलू ने बताया कि सिमरिया में जलस्तर अधिक होने के कारण क्रूज को भागलपुर में रोका गया है। पिछले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में करीब डेढ़ से दो फीट की कमी आई है। हालांकि नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जलस्तर में और कमी आने तथा परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद क्रूज को आगे रवाना किया जा सकता है। क्रूज की सुरक्षा में एसडीआरएफ की निगरानी क्रूज की सुरक्षा को लेकर एसडीआरएफ की टीम लगातार निगरानी कर रही है। नाथनगर और गोसाईंदासपुर क्षेत्र में गश्त के दौरान टीम दिन में दो से तीन बार क्रूज के पास पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही है। स्थानीय लोगों और नाविकों को क्रूज के आसपास नहीं जाने की हिदायत दी गई है। किसी भी तरह की अवैध गतिविधि मिलने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। बंगाल से बनारस तक गंगा के ऐतिहासिक सफर पर निकला था क्रूज राजमहल गंगा क्रूज पिछले कई महीनों से गंगा के रास्ते पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक एवं पौराणिक स्थलों की यात्रा कर रहा है। लेकिन इस बार गंगा का उफान इसकी यात्रा में बड़ी बाधा बन गया है। भागलपुर में छह दिनों से खड़े क्रूज को अब गंगा के जलस्तर के अनुकूल होने का इंतजार है। प्रबंधन को उम्मीद है कि अगले दो से तीन दिनों में परिस्थितियां सामान्य होने पर क्रूज फिर अपनी मंजिल वाराणसी की ओर रवाना हो सकेगा। कोलकाता से वाराणसी जा रहा राजमहल गंगा क्रूज भागलपुर में छह दिनों से फंसा हुआ है। गंगा नदी में पानी का स्तर बढ़ने के कारण क्रूज की रफ्तार रुक गई है। ये क्रूज 5 सितंबर को विक्रमशिला सेतु पार कर भागलपुर पहुंचा था और 6 सितंबर से गंगा में लंगर डालकर खड़ा है। बेगूसराय के सिमरिया पुल के नीचे पानी का स्तर बढ़ने से क्रूज के लिए पर्याप्त ऊंचाई नहीं बची है, जिससे उसका सुरक्षित निकलना मुश्किल हो गया है। क्रूज पर कुल 9 पर्यटक और 31 चालक दल के सदस्य सवार थे। इन पर्यटकों में दो भारतीय नागरिक और न्यूजीलैंड, ब्रिटेन व नीदरलैंड के विदेशी सैलानी शामिल थे। पानी के बढ़े स्तर को देखते हुए पर्यटकों की सुरक्षा को सबसे पहले रखा गया। सभी 9 सैलानियों को भागलपुर रेलवे स्टेशन से ट्रेन के जरिए पटना भेजा गया। पटना में उनके रुकने का इंतजाम किया गया है। वहां से उन्हें सड़क मार्ग से आगे के पर्यटन स्थलों पर घुमाया जा रहा है। भागलपुर में फंसे राजमहल क्रूज की तीन तस्वीरें देखें सिमरिया पुल के नीचे से क्रूज नहीं निकल पा रहा था क्रूज के प्रतिनिधि रंजीत ने बताया कि कोलकाता से पटना होते हुए बनारस जाते समय उन्हें जानकारी मिली थी। सिमरिया पुल के पास गंगा का पानी काफी बढ़ गया था। इससे पुल के नीचे क्रूज के निकलने के लिए जरूरी ऊंचाई बहुत कम हो गई थी। ऐसी स्थिति में क्रूज को आगे ले जाना खतरनाक हो सकता था। इसी कारण 6 सितंबर को भागलपुर में क्रूज को रोकने का फैसला लिया गया। फिलहाल क्रूज पर चालक दल के 29 सदस्य मौजूद हैं, जबकि दो सदस्य अपने घर गए हुए हैं। क्रूज पर सुरक्षा को लेकर किसी तरह की दिक्कत नहीं है। दो से तीन दिन में मिल सकती है हरी झंडी एसडीआरएफ भागलपुर के टीम कमांडर इंस्पेक्टर कुमार नीलू ने बताया कि सिमरिया में जलस्तर अधिक होने के कारण क्रूज को भागलपुर में रोका गया है। पिछले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में करीब डेढ़ से दो फीट की कमी आई है। हालांकि नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जलस्तर में और कमी आने तथा परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद क्रूज को आगे रवाना किया जा सकता है। क्रूज की सुरक्षा में एसडीआरएफ की निगरानी क्रूज की सुरक्षा को लेकर एसडीआरएफ की टीम लगातार निगरानी कर रही है। नाथनगर और गोसाईंदासपुर क्षेत्र में गश्त के दौरान टीम दिन में दो से तीन बार क्रूज के पास पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही है। स्थानीय लोगों और नाविकों को क्रूज के आसपास नहीं जाने की हिदायत दी गई है। किसी भी तरह की अवैध गतिविधि मिलने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। बंगाल से बनारस तक गंगा के ऐतिहासिक सफर पर निकला था क्रूज राजमहल गंगा क्रूज पिछले कई महीनों से गंगा के रास्ते पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक एवं पौराणिक स्थलों की यात्रा कर रहा है। लेकिन इस बार गंगा का उफान इसकी यात्रा में बड़ी बाधा बन गया है। भागलपुर में छह दिनों से खड़े क्रूज को अब गंगा के जलस्तर के अनुकूल होने का इंतजार है। प्रबंधन को उम्मीद है कि अगले दो से तीन दिनों में परिस्थितियां सामान्य होने पर क्रूज फिर अपनी मंजिल वाराणसी की ओर रवाना हो सकेगा।  

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