कवि और वक्ता कुमार विश्वास ने रविवार सुबह उज्जैन में ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रातः कालीन भस्म आरती में भाग लिया। उन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन किए। इस दौरान वे भगवा सोला पहने हुए थे। मंदिर पहुंचने पर श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के उप प्रशासक एस.एन. सोनी ने उनका स्वागत किया। भस्म आरती के बाद कुमार विश्वास ने अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि यह महज संयोग नहीं, बल्कि बाबा महाकाल की कृपा है कि हर श्रावण में किसी न किसी बहाने उनकी हाजिरी सुनिश्चित हो जाती है। उन्होंने बताया कि श्रावण हिंदू परंपरा के सबसे पवित्र महीनों में से एक है और ऐसे समय में बाबा महाकाल के दर्शन करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने भगवान महाकाल के चरणों में कृतज्ञता, धन्यवाद और प्रार्थना अर्पित की। विश्वास ने कहा कि दर्शन के बाद उन्हें मन में शांति का अनुभव हुआ। देश प्राचीन गरिमा और पुनर्वैभव की ओर कुमार विश्वास ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता का 80वां वर्ष पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि देश अपनी प्राचीन गरिमा और पुनर्वैभव की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने बाबा महाकाल के चरणों में देश के प्रति कृतज्ञता और धन्यवाद भी व्यक्त किया। कुमार विश्वास ने यह भी कहा कि महाकाल की नगरी में आकर उन्हें आध्यात्मिक शांति और ऊर्जा मिलती है। उनके अनुसार, श्रावण जैसे पवित्र माह में भगवान महाकाल के दर्शन होना संचित पुण्य कर्मों का फल है। भारत विश्व का सबसे युवा देश युवाओं से जुड़े एक सवाल पर कुमार विश्वास ने कहा कि आज का युवा ही भारत का भविष्य है। उन्होंने जोर दिया कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है। उन्होंने यह भी कहा कि देश का युवा अब अपनी चेतना और सांस्कृतिक पहचान को लेकर पहले से अधिक सतर्क है।


